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बहरी तहसील में भृत्य पर रिश्वतखोरी का आरोप:दो हजार नहीं देने पर रोकी फाइल; कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश दिए

बहरी तहसील में भृत्य पर रिश्वतखोरी का आरोप:दो हजार नहीं देने पर रोकी फाइल; कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश दिए

सीधी जिले की बहरी तहसील में पदस्थ एक भृत्य पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगे हैं। मझरेती खुर्द निवासी आशीष कुमार मिश्रा ने कलेक्टर विकास मिश्रा से शिकायत की है कि फाइल क्लियर करने के नाम पर उनसे 7000 रुपए की मांग की गई। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ता आशीष मिश्रा ने आरोप लगाया है कि लोकेश श्रीवास, जो वर्ष 2016 में भृत्य (चतुर्थ श्रेणी) पद पर नियुक्त हुए थे, वर्तमान में लिपिक का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बहरी तहसील में वर्ष 2018 से बाबू और लिपिक के पद रिक्त पड़े हैं, जिसका फायदा उठाकर श्रीवास काश्तकारों से मनमाने तरीके से पैसे वसूल रहे हैं। आशीष मिश्रा के अनुसार, उनके पिता और उनके नाम से संबंधित एक फाइल तहसील में लंबित थी। इसे क्लियर करने के लिए उनसे 7000 रुपए की मांग की गई। जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया, तो उनकी फाइल को जानबूझकर लंबे समय तक रोका गया और उन्हें परेशान किया गया। दो हजार नहीं देने पर रोकी फाइल मिश्रा ने बताया कि अंततः उन्होंने मजबूरी में फोन के माध्यम से 5000 रुपए दिए, लेकिन इसके बावजूद उनका काम नहीं हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शेष 2000 रुपए न देने पर लोकेश श्रीवास ने बार-बार कहा कि 5000 रुपए तहसीलदार को देने पड़ते हैं और 2000 रुपए वह स्वयं लेते हैं। पैसे न देने की स्थिति में काम न करने की धमकी दी गई और उनकी फाइल को आगे बढ़ाने के बजाय रोक दिया गया, जबकि उसी दिन उसका निराकरण संभव था। रविवार को शिकायत सामने आने के बाद यह मामला गरमा गया है। आरोपों पर सफाई देते हुए लोकेश श्रीवास ने कहा कि वह भृत्य पद पर हैं, लेकिन कंप्यूटर ज्ञान होने के कारण उनसे लिपिकीय कार्य लिया जाता है। उन्होंने किसी भी प्रकार की अवैध वसूली से इनकार करते हुए कहा कि वे शासन के नियमों के अनुसार ही कार्य करते हैं। दोषी पर सख्त कार्रवाई करेंगे कलेक्टर विकास मिश्रा ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जल्द ही मामले की जांच कराई जाएगी और यदि कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से पैसे मांगता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मैं दो माह के लिए प्रभार में था तहसीलदार बहरी इंद्रभान सिंह ने बताया कि ऐसी कोई भी जानकारी मुझे नहीं है। पूर्व नायब तहसीलदार जे पी पांडे का ट्रांसफर सिहावल हो गया है इसलिए मैं 2 महीने के लिए प्रभार में था। मैं इस पूरे मामले की जांच करवाता हूं।

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