Monday, 13 Apr 2026 | 11:05 AM

Trending :

EXCLUSIVE

शिक्षकों को मंत्री की सलाह, धरना नहीं सुप्रीम कोर्ट जाएं:सीएम अनुरोध यात्रा से पहले सरकार में अलग-अलग सुर, SC के फैसले पर टिकी नजर

शिक्षकों को मंत्री की सलाह, धरना नहीं सुप्रीम कोर्ट जाएं:सीएम अनुरोध यात्रा से पहले सरकार में अलग-अलग सुर, SC के फैसले पर टिकी नजर

18 अप्रैल को प्रस्तावित शिक्षकों की “मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा” से पहले प्रदेश सरकार के दो मंत्रियों के अलग-अलग बयान सामने आने से मामला और गरमा गया है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने साफ शब्दों में कहा है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में लगी पुनर्विचार याचिका के फैसले का इंतजार कर रही है, इसके बाद फैसला लिया जाएगा। किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन से इस फैसले में बदलाव संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षक एक दिन धरना दें या 100 दिन तक आंदोलन करें, इससे कुछ नहीं होने वाला। अगर उन्हें राहत चाहिए तो उन्हें सीधे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए। सरकार कोर्ट के आदेश के खिलाफ जाकर अवमानना (कंटेम्प्ट) में नहीं फंसना चाहती। सिंह ने यह भी कहा कि विधि विभाग से परामर्श लिया जा चुका है और सरकार अपनी सीमाओं के भीतर रहकर ही निर्णय ले सकती है। उन्होंने शिक्षक संगठनों से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा धरना-प्रदर्शन में खर्च करने के बजाय पुनर्विचार याचिका के माध्यम से न्यायालय में प्रयास करें। वहीं दूसरी ओर, शाजापुर में आयोजित शिक्षक सम्मेलन में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का बयान अपेक्षाकृत अलग नजर आया। उन्होंने कहा कि पात्रता परीक्षा को लेकर स्थिति क्लियर करने की जरूरत है। इसको लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रदेश के सभी शिक्षक प्रभावित नहीं हैं, बल्कि केवल 2005 के पहले नियुक्त लगभग 70 हजार शिक्षक ही इसके दायरे में आते हैं। इसमें जनजाति कार्य विभाग के शिक्षक भी शामिल हैं। परमार ने स्पष्ट किया कि पात्रता परीक्षा (टेट) को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। 2005 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों ने यह परीक्षा दी है, इसलिए उन पर यह नियम लागू नहीं होता। उन्होंने कहा कि यह मामला पश्चिम बंगाल के केस के आधार पर बना है। पश्चिम बंगाल के लोग सुप्रीम कोर्ट गए हैं उस पर पुनर्विचार हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस मामले में सीधे तौर पर हस्तक्षेप नहीं कर सकती और फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
पदोन्नति नियम उलझे पर सीआर लिखने का टाइम तय:30 जून तक सेल्फ एसेसमेंट दे सकेंगे कर्मचारी, समय पर रिपोर्ट नहीं लिखी तो अफसरों पर होगा एक्शन

March 18, 2026/
12:13 am

लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 लागू करने के बाद हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के बीच सामान्य प्रशासन विभाग ने...

सतना के देवरा गांव में खेतों में लगी आग:6 एकड़ फसल जलकर खाक, 7 किसानों को लाखों का नुकसान

April 11, 2026/
8:24 pm

सतना जिले की बिरसिंहपुर तहसील के देवरा गांव में शनिवार दोपहर खेतों में भीषण आग लग गई। इस घटना में...

हनी सिंह ने फिर विवाद खड़ा किया:बोले- मेरा शो सुपरहिट, बाकियों का जैन-जी लैंग्वेज में 6-7; फैंस बोले- करण औजला को टारगेट किया

March 16, 2026/
5:00 am

पंजाबी रैपर-सिंगर यो यो हनी सिंह ने दूसरे सिंगर्स पर कमेंट कर फिर विवाद खड़ा कर दिया है। दिल्ली के...

'यूडीएफ केरल में वापसी करेगा': कांग्रेस ने सीएम विजयन की वापसी पर मणिशंकर अय्यर की टिप्पणी को खारिज कर दिया | राजनीति समाचार

February 16, 2026/
7:54 am

आखरी अपडेट:16 फरवरी, 2026, 07:54 IST कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सीएम पिनाराई विजयन की वापसी पर अय्यर की भविष्यवाणी...

सिंगर आशा भोसले अस्पताल में भर्ती:ज्यादा थकान और छाती के इन्फेक्शन से बिगड़ी तबीयत; पोती जनाई ने दी हेल्थ अपडेट

April 12, 2026/
4:30 am

बॉलीवुड की दिग्गज सिंगर आशा भोसले को शनिवार शाम मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्हें ज्यादा...

Family Court Judges, Lawyers No Uniform? Kids Scared

March 17, 2026/
12:47 am

नई दिल्ली28 मिनट पहले कॉपी लिंक फाइल फोटो। भारत के मुख्य न्यायाधीश(CJI) सूर्यकांत ने सोमवार को कहा कि यह बहुत...

'कोई विचारधारा वाली पार्टी नहीं': तमिलनाडु में चुनावी लड़ाई तेज होने पर उदयनिधि स्टालिन ने विजय पर कटाक्ष किया | राजनीति समाचार

February 16, 2026/
8:56 am

आखरी अपडेट:16 फरवरी, 2026, 08:56 IST ऐसा तब हुआ जब विजय ने शुक्रवार को बिना नाम लिए कांग्रेस से कहा...

CBSE Board Results 2026 soon on cbseresults.nic.in. (AI Generated Image)

April 8, 2026/
2:44 pm

आखरी अपडेट:अप्रैल 08, 2026, 14:44 IST पिछले कुछ वर्षों में पश्चिम बंगाल ने एक खतरनाक पैटर्न को सामान्य बना दिया...

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

राजनीति

शिक्षकों को मंत्री की सलाह, धरना नहीं सुप्रीम कोर्ट जाएं:सीएम अनुरोध यात्रा से पहले सरकार में अलग-अलग सुर, SC के फैसले पर टिकी नजर

शिक्षकों को मंत्री की सलाह, धरना नहीं सुप्रीम कोर्ट जाएं:सीएम अनुरोध यात्रा से पहले सरकार में अलग-अलग सुर, SC के फैसले पर टिकी नजर

18 अप्रैल को प्रस्तावित शिक्षकों की “मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा” से पहले प्रदेश सरकार के दो मंत्रियों के अलग-अलग बयान सामने आने से मामला और गरमा गया है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने साफ शब्दों में कहा है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में लगी पुनर्विचार याचिका के फैसले का इंतजार कर रही है, इसके बाद फैसला लिया जाएगा। किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन से इस फैसले में बदलाव संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षक एक दिन धरना दें या 100 दिन तक आंदोलन करें, इससे कुछ नहीं होने वाला। अगर उन्हें राहत चाहिए तो उन्हें सीधे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए। सरकार कोर्ट के आदेश के खिलाफ जाकर अवमानना (कंटेम्प्ट) में नहीं फंसना चाहती। सिंह ने यह भी कहा कि विधि विभाग से परामर्श लिया जा चुका है और सरकार अपनी सीमाओं के भीतर रहकर ही निर्णय ले सकती है। उन्होंने शिक्षक संगठनों से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा धरना-प्रदर्शन में खर्च करने के बजाय पुनर्विचार याचिका के माध्यम से न्यायालय में प्रयास करें। वहीं दूसरी ओर, शाजापुर में आयोजित शिक्षक सम्मेलन में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का बयान अपेक्षाकृत अलग नजर आया। उन्होंने कहा कि पात्रता परीक्षा को लेकर स्थिति क्लियर करने की जरूरत है। इसको लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रदेश के सभी शिक्षक प्रभावित नहीं हैं, बल्कि केवल 2005 के पहले नियुक्त लगभग 70 हजार शिक्षक ही इसके दायरे में आते हैं। इसमें जनजाति कार्य विभाग के शिक्षक भी शामिल हैं। परमार ने स्पष्ट किया कि पात्रता परीक्षा (टेट) को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। 2005 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों ने यह परीक्षा दी है, इसलिए उन पर यह नियम लागू नहीं होता। उन्होंने कहा कि यह मामला पश्चिम बंगाल के केस के आधार पर बना है। पश्चिम बंगाल के लोग सुप्रीम कोर्ट गए हैं उस पर पुनर्विचार हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस मामले में सीधे तौर पर हस्तक्षेप नहीं कर सकती और फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.