मैं अगर टॉयलेट करने नहीं जाता, तो शायद जिंदा नहीं बचता…ये कहना है डिंडौरी के जिला अस्पताल में भर्ती उदय प्रताप का। वे शनिवार और रविवार की दरमियानी रात जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाइवे 45 पर उस हादसे में घायल हुए हैं, जिसमें कैप्सूल टैंकर ने सड़क किनारे खड़े लोगों को कुचल दिया था। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई है। सभी मृतक आपस में रिश्तेदार हैं। इनमें पिता-पुत्र भी शामिल हैं। रविवार दोपहर को अंतिम संस्कार किया गया। दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर घटनास्थल पर पहुंची। जिला अस्पताल में भर्ती घायल उदय प्रताप और प्रत्यक्षदर्शी श्रीबंती से बात भी की। सड़क पर बिखरा खून और मांस के लोथड़े डिंडौरी में गाड़ा सरई से तीन किलोमीटर पहले फॉरेस्ट डिपो है। यहां लोगों की भीड़ लगी थी। सड़क पर खून और मांस के लोथड़े पड़े थे। जूते-चप्पल समेत दूसरा सामान भी था। सड़क के एक तरफ पिकअप और कैप्सूल टैंकर खड़े थे। थोड़ी ही दूर बना बस स्टॉप और बिजली पोल क्षतिग्रस्त हालत में था। ग्रामीणों ने बताया कि किकरा तालाब गांव के पास तेज रफ्तार कैप्सूल वाहन MP19 ZO 9351 ने 5 लोगों को रौंद दिया था। परसवाह गांव के रहने वाले सभी लोग सिलयारी गांव से चौक कार्यक्रम से लौट रहे थे। इसी दौरान जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे पर उनका पिकअप वाहन MP65 ZD 1118 पंक्चर हो गया। रात करीब साढ़े 12 बजे गाड़ी को सड़क किनारे लगाकर ड्राइवर टायर बदल रहा था। पिकअप में बैठे लोग उतरकर सड़क किनारे बातचीत में लगे थे। तभी अमरकंटक की ओर से आ रहा तेज रफ्तार कैप्सूल 5 लोगों को रौंदते हुए गुजर गया। इस दौरान दो लोग करीब 10 फीट तक उछल गए। पांचों के शरीर सड़क से चिपक गए थे। पुलिस को कपड़े में समेटकर शवों को ले जाना पड़ा था। पहिया पंक्चर होने के बाद पिकअप से उतर गए लोग पिकअप वाहन में घायल उदय सिंह की बहन श्रीबंती भी सवार थीं। वे बताती हैं कि सूरजपुरा गांव के भर्रा टोला में हंसवती टेकाम के यहां पहला बेटा हुआ है। उसके चौक कार्यक्रम में शामिल होने शनिवार शाम करीब 6 बजे, 20-25 लोग पिकअप वाहन से पहुंचे थे। सभी लोग सामूहिक भोज के बाद रात करीब 11 बजे पिकअप से ही वापस लौट रहे थे। इसी दौरान गाड़ी का दाहिने साइड का पिछला पहिया पंक्चर हो गया। इसके बाद सभी लोग गाड़ी से उतरकर सड़क की दूसरी ओर बैठ गए। पिकअप ड्राइवर राजकरण वनवासी टायर बदलने लगा। किसी के पैर टूटे तो किसी का सिर कुचला श्रीबंती ने कहा- कुछ ही देर में अमरकंटक की तरफ से तेज रफ्तार टैंकर आया। सड़क किनारे खड़े लोगों को रौंदता हुआ आगे निकल गया। वह सड़क किनारे लगे बिजली के पोल और यात्री प्रतीक्षालय को तोड़ने के बाद ही रुका। चीख-पुकार मच गई। सड़क पर खून ही खून फैल गया। हमने तुरंत पुलिस को सूचना दी। एसडीओपी सतीश द्विवेदी ने बताया कि पुलिस घटना स्थल पर पहुंची तो सड़क पर शव बिखरे पड़े थे। किसी के पैर टूटे, पेट फटा तो किसी का सिर कुचला था। उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। टैंकर और पिकअप को जेसीबी और क्रेन की मदद से अलग कराया। सड़क क्लियर करने में करीब तीन घंटे लगे। धक्का से दूर जाकर गिरा, बेहोश हो गया जिला अस्पताल में भर्ती घायल उदय प्रताप (20) पिता कन्हैया ने कहा- मैं टायर बदल रहे ड्राइवर की मदद कर रहा था। इसी दौरान मुझे पेशाब आ गया। मैं निबटने साइड में चला गया। अचानक जोरदार आवाज आई। मुझे धक्का लगा और मैं दूर जाकर गिरा। फिर बेहोश हो गया। जब लोगों ने पानी का छींटा मारा, तब जाकर होश आया। अगर टॉयलेट नहीं जाता, तो मैं भी जिंदा नहीं होता। हालांकि, गंभीर चोट नहीं आई है। पैर में दर्द जरूर है। जमीन के मुआवजे से खरीदी थी गाड़ी मृतकों में पिता पवर सिंह (50) और बेटा बिहारी (29) भी शामिल हैं। पवर सिंह पेशे से किसान था। बिहारी का छोटा भाई प्रेम सिंह ब्लॉक समन्वयक है। खेतीबाड़ी करके जीवन-यापन करते हैं। कुछ साल पहले नर्मदा में डूब में आई जमीन का मुआवजा मिला था। इन्हीं रुपयों से डेढ़ साल पहले बिहारी ने सेकंड हैंड पिकअप वाहन खरीदा था। राजकरण मरावी को ड्राइवर रख लिया था। टैंकर ड्राइवर बोला- झपकी लग गई थी पुलिस ने टैंकर के ड्राइवर रमेश पटेल निवासी मैहर को गिरफ्तार कर लिया है। रमेश का कहना है कि अल्ट्राटेक प्लांट से चार दिन पहले सीमेंट लेकर करंजिया के लिए निकला था। शुक्रवार को टैंकर खाली करके रात करीब 11 बजे खाना खाकर लौट रहा था। अचानक झपकी लगने से हादसा हो गया। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… हाईवे पर टैंकर ने 5 को कुचला, सभी की मौत
डिंडौरी के गाड़ा सरई थाना इलाके के किकरा तालाब गांव के पास तेज रफ्तार कैप्सूल वाहन ने 5 लोगों को रौंद दिया। हादसे में पांचों की मौत हो गई। इनमें दो बाप-बेटे भी हैं। परसवाह गांव के रहने वाले सभी लोग सिलयारी गांव से चौक कार्यक्रम से लौट रहे थे। पढ़ें पूरी खबर…













































