Tuesday, 14 Apr 2026 | 11:38 PM

Trending :

सीएम हाउस में हुई बीजेपी कोर ग्रुप की पहली बैठक:देर से पहुंचे विजयवर्गीय, शिवराज को छोड़कर डेढ़ दर्जन दिग्गज रहे मौजूद देवास में कलेक्ट्रेट के बाबू समेत चार गिरफ्तार:सील और फर्जी साइन से दर्जनभर आदेश जारी किए; पंजीयन कार्यालय के शक पर पकड़े गए वजन घटाने का रामबाण उपाय! रोज शहद ऐसे खाएं, तेजी से पिघलेगी जिद्दी चर्बी लोकसभा विस्तार का गणित बनाम मिथक: प्रस्तावित 850 सीटों की बढ़ोतरी से किन राज्यों को फायदा और कितना? | भारत समाचार सुबह खाली पेट पिएं ये 1 ड्रिंक, पेट से लेकर स्किन तक हर समस्या होगी दूर, असर देख चौंक जाएंगे राजगढ़ में शादीशुदा प्रेमी जोड़े ने पेड़ पर फांसी लगाई:पांच साल से एक दूसरे को जानते थे; दो दिन में दूसरी ऐसी घटना
EXCLUSIVE

कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट 134 दिन बाद खुले:पंजाब-हरियाणा के श्रद्धालु भी पहुंचे भरमौर, एकांतवास से लौटे भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र

कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट 134 दिन बाद खुले:पंजाब-हरियाणा के श्रद्धालु भी पहुंचे भरमौर, एकांतवास से लौटे भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र

हिमाचल प्रदेश के भरमौर में मशहूर कार्तिक स्वामी मंदिर कुगती के कपाट 134 दिन बाद मंगलवार को विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। लगभग चार महीने तेरह दिन तक बंद रहने के बाद मंदिर खुलने से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बन गया है। मंदिर में पूरी रात जागरण चलता रहा। इसमें हिमाचल के अलावा पंजाब, हरियाणा, जम्मू समेत कई राज्यों के सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। मंगलवार सुबह विशेष पूजा, हवन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिर के कपाट खोले गए। अब विभिन्न प्रदेशों से भरमौर पहुंचे श्रद्धालु कार्तिक स्वामी के दर्शन कर रहे हैं। बैसाखी संक्रांति पर कार्तिक स्वामी मंदिर लौट आते हैं
बता दें कि, सर्दियों में कुगती में भारी बर्फबारी होती है। यहां पर 15 नवंबर के आसपास हिमपात शुरू हो जाता है। इसलिए, मान्यता है कि भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र कार्तिक स्वामी दीपावली के बाद एकांतवास (पाताल लोक) में चले जाते हैं और उनके लौटने तक मंदिर के कपाट बंद रहते हैं। बैसाखी संक्रांति पर कार्तिक स्वामी मंदिर लौट आते हैं। कपाट बंद होने के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में जाना पूर्णतः वर्जित माना जाता है। इसलिए, ग्रामीण और श्रद्धालु इस परंपरा का सख्ती से पालन करते हैं। मंदिर की परंपरा से जुड़ी एक विशेष मान्यता भी है। प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में प्रसिद्ध यह स्थान
कार्तिक स्वामी को भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र के रूप में पूजा जाता है। पौराणिक मान्यता है कि भगवान गणेश से एक प्रसंग के बाद वे इस दुर्गम स्थान पर आकर निवास करने लगे थे। आज यह स्थान एक प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। कुगती धार्मिक आस्था का केंद्र
यह मंदिर धार्मिक आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ ट्रैकिंग और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी जाना जाता है, जो इसे पर्यटन का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाता है। मणिमहेश जाने पर रोक
कुगती स्थित कार्तिक मंदिर आने वाले श्रद्धालु मणिमहेश यात्रा पर जरूर जाते हैं। हालांकि इस बार अभी मणिमहेश जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है, क्योंकि इस बार वहां भारी हिमपात हुआ है। इससे मणिमहेश जाने वाले रास्ते पूरी तरह बंद हैं। इसी तरह बीते साल मानसून की भारी बारिश और बादल फटने से भी मणिमहेश के रास्ते पूरी तरह टूटे हुए हैं। इसे देखते हुए SDM भरमौर ने धंछो से आगे मणिमहेश की तरफ जाने पर पूरी तरह रोक लगाई है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
रीवा के बेला बायपास पर 3 घंटे तक जाम:कई किलोमीटर रेंगते रहे वाहन, गर्मी में यात्री परेशान हुए; चोरहटा पुलिस नदारद रही

April 5, 2026/
7:14 pm

रीवा के बेला बायपास पर रविवार को जाम की समस्या ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। करीब 3 घंटे तक...

'आप उस कुर्सी के लायक नहीं हैं': नवजोत कौर सिद्धू ने राहुल गांधी की आलोचना की, पीएम मोदी की तारीफ की | राजनीति समाचार

February 17, 2026/
10:01 am

आखरी अपडेट:17 फरवरी, 2026, 10:01 IST निष्कासित कांग्रेस नेता नवजोत कौर सिद्धू ने प्रधानमंत्री मोदी के आचरण की प्रशंसा करते...

बंगाल चुनाव 2026: 2011 में लगातार वृद्धि के बाद पहली बार मतदाताओं की संख्या में गिरावट दर्ज की गई

April 8, 2026/
1:24 pm

पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अंतिम अंतिम रिलीज सूची हो गई है। 2011...

Baramati Plane Crash AAIB Preliminary Report, Ajit Pawar Death

March 1, 2026/
1:59 am

नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने बारामती प्लेन क्रैश पर 22 पेज की प्राइमरी रिपोर्ट...

श्योपुर में डॉ. अंबेडकर की भव्य शोभायात्रा:भाजपा-कांग्रेस ने अलग-अलग कार्यक्रमों में किया बाबा साहेब को नमन

April 14, 2026/
3:02 pm

संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती मंगलवार को श्योपुर जिले में उत्साह और सामाजिक समरसता के...

हेल्थ & फिटनेस

राजनीति

कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट 134 दिन बाद खुले:पंजाब-हरियाणा के श्रद्धालु भी पहुंचे भरमौर, एकांतवास से लौटे भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र

कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट 134 दिन बाद खुले:पंजाब-हरियाणा के श्रद्धालु भी पहुंचे भरमौर, एकांतवास से लौटे भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र

हिमाचल प्रदेश के भरमौर में मशहूर कार्तिक स्वामी मंदिर कुगती के कपाट 134 दिन बाद मंगलवार को विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। लगभग चार महीने तेरह दिन तक बंद रहने के बाद मंदिर खुलने से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बन गया है। मंदिर में पूरी रात जागरण चलता रहा। इसमें हिमाचल के अलावा पंजाब, हरियाणा, जम्मू समेत कई राज्यों के सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। मंगलवार सुबह विशेष पूजा, हवन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिर के कपाट खोले गए। अब विभिन्न प्रदेशों से भरमौर पहुंचे श्रद्धालु कार्तिक स्वामी के दर्शन कर रहे हैं। बैसाखी संक्रांति पर कार्तिक स्वामी मंदिर लौट आते हैं
बता दें कि, सर्दियों में कुगती में भारी बर्फबारी होती है। यहां पर 15 नवंबर के आसपास हिमपात शुरू हो जाता है। इसलिए, मान्यता है कि भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र कार्तिक स्वामी दीपावली के बाद एकांतवास (पाताल लोक) में चले जाते हैं और उनके लौटने तक मंदिर के कपाट बंद रहते हैं। बैसाखी संक्रांति पर कार्तिक स्वामी मंदिर लौट आते हैं। कपाट बंद होने के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में जाना पूर्णतः वर्जित माना जाता है। इसलिए, ग्रामीण और श्रद्धालु इस परंपरा का सख्ती से पालन करते हैं। मंदिर की परंपरा से जुड़ी एक विशेष मान्यता भी है। प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में प्रसिद्ध यह स्थान
कार्तिक स्वामी को भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र के रूप में पूजा जाता है। पौराणिक मान्यता है कि भगवान गणेश से एक प्रसंग के बाद वे इस दुर्गम स्थान पर आकर निवास करने लगे थे। आज यह स्थान एक प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। कुगती धार्मिक आस्था का केंद्र
यह मंदिर धार्मिक आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ ट्रैकिंग और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी जाना जाता है, जो इसे पर्यटन का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाता है। मणिमहेश जाने पर रोक
कुगती स्थित कार्तिक मंदिर आने वाले श्रद्धालु मणिमहेश यात्रा पर जरूर जाते हैं। हालांकि इस बार अभी मणिमहेश जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है, क्योंकि इस बार वहां भारी हिमपात हुआ है। इससे मणिमहेश जाने वाले रास्ते पूरी तरह बंद हैं। इसी तरह बीते साल मानसून की भारी बारिश और बादल फटने से भी मणिमहेश के रास्ते पूरी तरह टूटे हुए हैं। इसे देखते हुए SDM भरमौर ने धंछो से आगे मणिमहेश की तरफ जाने पर पूरी तरह रोक लगाई है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.