Sunday, 30 Aug 2026 | 08:30 PM

Trending :

NEET PG 2026 Exam Cancelled at Jaipur Center आसिम रियाज ने भव्या सिंह को भेजा लीगल नोटिस:भव्या ने कहा था- वो पागल इंसान, मारपीट करता है; धर्म परिवर्तन के आरोप लग चुके आसिम रियाज ने भव्या सिंह को भेजा लीगल नोटिस:भव्या ने कहा था- वो पागल इंसान, मारपीट करता है; धर्म परिवर्तन के आरोप लग चुके सामंथा प्रभु ने शेयर की बेबी बंप की तस्वीरें:प्रेग्नेंसी ग्लो में सेल्फी भी पोस्ट की; फैंस ने सुझाया बेबी नेम, एक्ट्रेस ने दिया रिएक्शन सामंथा प्रभु ने शेयर की बेबी बंप की तस्वीरें:प्रेग्नेंसी ग्लो में सेल्फी भी पोस्ट की; फैंस ने सुझाया बेबी नेम, एक्ट्रेस ने दिया रिएक्शन साइप्रस के पास फेरी बोट पलटी, 270+ यात्री सवार थे:रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ; लोग बोट के ऊपर चढ़कर जान बचा रहे
EXCLUSIVE

जन्म से नीली पैदा हुई बच्ची, 6 साल तक सांस लेने को जूझी, 7 घंटे खुला रहा दिल और जीत गई जंग

authorimg

Last Updated:

गरीब परिवार की छह साल की कनिष्का बचपन से ही ब्‍लू बेबी थी क्‍योंक‍ि उसके शरीर में अक्‍सर ऑक्‍सीजन की कमी हो जाती थी और उसका शरीर नीला पड़ जाता था. उसका एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में ओपन हार्ट सर्जरी से इलाज क‍िया गया और अब वह पूरी तरह ठीक है.

Zoom

6 साल की ब्‍लू बेबी को ओपन हार्ट सर्जरी कर डॉक्‍टरों ने बचाया. सांकेत‍िक तस्‍वीर

छह साल की कनिष्का का जन्म एक ‘ब्लू बेबी’ के रूप में हुआ था. अक्सर उसकी त्वचा नीली पड़ जाती थी क्योंकि उसके शरीर में ऑक्सीजन की कमी रहती थी. गरीब मां-बाप बच्ची को लेकर जाने कहां-कहां तक भटके लेकिन समस्या एक हो तो सुलझे, उसके दिल में ऐसी कई जन्मजात बीमारियां थीं, जिनका इलाज जटिल था. हालांकि इस बार उसने जंग जीत ली है.

दरअसल जन्मजात जटिल हृदय रोग ने कनिष्का के छोटे से जीवन को कठिन बना दिया था. डॉक्टरों ने बताया कि उसके दिल में सिर्फ एक प्रभावी पंपिंग चैंबर काम कर रहा था, जिसे ‘सिंगल वेंट्रीकल फिजियोलॉजी’ कहा जाता है. इसके अलावा उसकी मुख्य धमनियां गलत तरीके से जुड़ी हुई थीं (कॉन्जेनिटली करेक्टेड ट्रांसपोजिशन ऑफ द ग्रेट आर्टरीज), नॉन-रूटेबल VSD (वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट) और पल्मोनरी एट्रेशिया जैसी गंभीर समस्याएं भी थीं.

पहली बार 2020 में उसकी पहली बड़ी सर्जरी हुई लेकिन पांच साल बाद फिर समस्या लौट आई. कनिष्का फिर से नीली पड़ने लगी, सांस लेने में तकलीफ होने लगी और उसका ऑक्सीजन लेवल गिरकर मात्र 70 फीसदी रह गया. परिवार गरीब था, इसलिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकता रहा. कोई ठोस समाधान नहीं मिल रहा था.

यहां से मिली उम्मीद
आखिरकार एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, विद्याजगत कैंसर फाउंडेशन और स्टड्स एक्सेसरीज लिमिटेड की मदद से कनिष्का को नई उम्मीद मिली. एशियन हॉस्पिटल के सीटीवीएस विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. यतिन अरोड़ा ने सात घंटे की जटिल ओपन-हार्ट सर्जरी की. यह फोंटान प्रोसीजर था, जिसमें हृदय की रक्त संचार व्यवस्था को पूरी तरह से नया रूप दिया गया.

सर्जरी के बाद चमत्कार हुआ. अगले ही दिन कनिष्का को वेंटिलेटर से हटा दिया गया. एक हफ्ते के अंदर उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई. उसके ऑक्सीजन लेवल बढ़कर 95% हो गए. अब वह सामान्य सांस ले पा रही है और पहली बार अपने जीवन में ठीक से ऑक्सीजनयुक्त खून पूरे शरीर में पहुंच रहा है.

कनिष्का की कहानी गरीब परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है. आर्थिक तंगी के बावजूद सही समय पर सही मदद और डॉक्टरों की मेहनत ने एक बच्ची की जान बचा ली. कनिष्का अब स्कूल जाने और बचपन का मजा लेने के लिए तैयार है. उसके चेहरे पर अब नीला रंग नहीं, बल्कि गुलाबी स्वास्थ्य और मुस्कान है.

About the Author

authorimg

प्रिया गौतमSenior Correspondent

Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Shruti Desai Accuses Bhumi Pednekar of Misbehavior

August 4, 2026/
12:43 pm

10 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर पर उनकी पूर्व एक्टिंग टीचर श्रुति देसाई ने टीचरों के साथ बुरा...

HCLTech Shares Biggest Fall in 11 Years

April 22, 2026/
11:29 am

मुंबई5 मिनट पहले कॉपी लिंक HCLटेक के शेयर बुधवार, 22 अप्रैल को 10% गिरकर 52 हफ्ते के निचले स्तर 1295...

IPL 2026 Final Venue Suspense

May 5, 2026/
1:51 pm

36 मिनट पहले कॉपी लिंक परंपरा के अनुसार IPL 2026 के फाइनल की मेजबानी बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम को...

सलमान ने उधार लेकर पिता के लिए घड़ी खरीदी थी:9 लाख रुपए कीमत थी, देखते ही सलीम खान ने डांट लगाई थी

May 17, 2026/
12:23 pm

सलमान खान ने हाल ही में बताया कि उन्होंने सबसे पहली महंगी चीज अपने पिता के लिए खरीदी थी। एक्टर...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

जन्म से नीली पैदा हुई बच्ची, 6 साल तक सांस लेने को जूझी, 7 घंटे खुला रहा दिल और जीत गई जंग

authorimg

Last Updated:

गरीब परिवार की छह साल की कनिष्का बचपन से ही ब्‍लू बेबी थी क्‍योंक‍ि उसके शरीर में अक्‍सर ऑक्‍सीजन की कमी हो जाती थी और उसका शरीर नीला पड़ जाता था. उसका एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में ओपन हार्ट सर्जरी से इलाज क‍िया गया और अब वह पूरी तरह ठीक है.

Zoom

6 साल की ब्‍लू बेबी को ओपन हार्ट सर्जरी कर डॉक्‍टरों ने बचाया. सांकेत‍िक तस्‍वीर

छह साल की कनिष्का का जन्म एक ‘ब्लू बेबी’ के रूप में हुआ था. अक्सर उसकी त्वचा नीली पड़ जाती थी क्योंकि उसके शरीर में ऑक्सीजन की कमी रहती थी. गरीब मां-बाप बच्ची को लेकर जाने कहां-कहां तक भटके लेकिन समस्या एक हो तो सुलझे, उसके दिल में ऐसी कई जन्मजात बीमारियां थीं, जिनका इलाज जटिल था. हालांकि इस बार उसने जंग जीत ली है.

दरअसल जन्मजात जटिल हृदय रोग ने कनिष्का के छोटे से जीवन को कठिन बना दिया था. डॉक्टरों ने बताया कि उसके दिल में सिर्फ एक प्रभावी पंपिंग चैंबर काम कर रहा था, जिसे ‘सिंगल वेंट्रीकल फिजियोलॉजी’ कहा जाता है. इसके अलावा उसकी मुख्य धमनियां गलत तरीके से जुड़ी हुई थीं (कॉन्जेनिटली करेक्टेड ट्रांसपोजिशन ऑफ द ग्रेट आर्टरीज), नॉन-रूटेबल VSD (वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट) और पल्मोनरी एट्रेशिया जैसी गंभीर समस्याएं भी थीं.

पहली बार 2020 में उसकी पहली बड़ी सर्जरी हुई लेकिन पांच साल बाद फिर समस्या लौट आई. कनिष्का फिर से नीली पड़ने लगी, सांस लेने में तकलीफ होने लगी और उसका ऑक्सीजन लेवल गिरकर मात्र 70 फीसदी रह गया. परिवार गरीब था, इसलिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकता रहा. कोई ठोस समाधान नहीं मिल रहा था.

यहां से मिली उम्मीद
आखिरकार एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, विद्याजगत कैंसर फाउंडेशन और स्टड्स एक्सेसरीज लिमिटेड की मदद से कनिष्का को नई उम्मीद मिली. एशियन हॉस्पिटल के सीटीवीएस विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. यतिन अरोड़ा ने सात घंटे की जटिल ओपन-हार्ट सर्जरी की. यह फोंटान प्रोसीजर था, जिसमें हृदय की रक्त संचार व्यवस्था को पूरी तरह से नया रूप दिया गया.

सर्जरी के बाद चमत्कार हुआ. अगले ही दिन कनिष्का को वेंटिलेटर से हटा दिया गया. एक हफ्ते के अंदर उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई. उसके ऑक्सीजन लेवल बढ़कर 95% हो गए. अब वह सामान्य सांस ले पा रही है और पहली बार अपने जीवन में ठीक से ऑक्सीजनयुक्त खून पूरे शरीर में पहुंच रहा है.

कनिष्का की कहानी गरीब परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है. आर्थिक तंगी के बावजूद सही समय पर सही मदद और डॉक्टरों की मेहनत ने एक बच्ची की जान बचा ली. कनिष्का अब स्कूल जाने और बचपन का मजा लेने के लिए तैयार है. उसके चेहरे पर अब नीला रंग नहीं, बल्कि गुलाबी स्वास्थ्य और मुस्कान है.

About the Author

authorimg

प्रिया गौतमSenior Correspondent

Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.