संभल5 मिनट पहले
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संभल में शुक्रवार सुबह साढ़े 9 बजे से मस्जिद और दुकानों पर बुलडोजर कार्रवाई चल रही है
संभल में मस्जिद की 35 फीट ऊंची मीनार शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे गिरा दी गई। अब बुलडोजर मस्जिद के बाकी हिस्सों को तोड़ रहा है। इससे पहले, सुबह साढ़े 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक मस्जिद के बाहर की पांच दुकानों को तोड़ा गया।
मस्जिद की मीनार तोड़ने के लिए प्रशासन ने दो हाइड्रा मशीनें बुलाईं। एक मजदूर मीनार पर चढ़कर रस्सी को बांधा, फिर उसके दूसरे सिरे को दोनों हाइड्रा मशीनों से बांधा। इसके बाद मशीनों से खींचकर मीनार को गिरा दिया।
मामला मुबारकपुर बंद गांव का है। प्रशासन के मुताबिक, 15 साल पहले सरकारी जमीन पर मस्जिद का निर्माण कराया गया था। फिलहाल, डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी केके बिश्नोई समेत 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी मौके पर हैं। गांव वाले जुटने लगे तो विरोध की आशंका को देखते हुए पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया।
12 दिन पहले, यानी 5 अप्रैल को मस्जिद पर कार्रवाई होनी थी, लेकिन उस समय बुलडोजर चालक ने मस्जिद की 35 फीट ऊंची मीनार तोड़ने से मना कर दिया था। तर्क दिया था कि मीनार बुलडोजर के ऊपर गिर सकती है।
हालांकि उस दिन मदरसा, पांच दुकानें और मस्जिद का गेट तोड़ दिया गया था। दुकानों का करीब 20 फीसदी हिस्सा बच गया था, जिसे आज गिराया गया।
बुलडोजर एक्शन की तस्वीरें देखिए-

एक मजदूर मीनार पर चढ़कर रस्सी को बांधा, फिर उसके दूसरे सिरे को दोनों हाइड्रा मशीनों से बांधा।

हाइड्रा ने खींचकर मीनार को गिरा दिया। मस्जिद की छत पर मीनार जा गिरी।

सुबह साढ़े 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक मस्जिद के बाहर की 5 दुकानों को तोड़ा गया।

गांव वाले जुटने लगे तो विरोध की आशंका को देखते हुए पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया।

ग्राम समाज की जमीन पर बने दो मकान भी बने हैं। प्रशासन ने कब्जेदारों को इन्हें तोड़ने को कहा है।
दो ग्रामीण अपने मकान खुद तोड़ रहे मुबारकपुर बंद गांव गुलाम रसूल और आसमा के मकानों के कुछ हिस्से सरकारी जमीन पर बने हैं। प्रशासन ने दोनों से खुद ही कब्जा हटाने को कहा है। इसके बाद आसमा ने घर के आगे बने हिस्से को और गुलाम ने घर के गेट को छैनी-हथौड़ी से तोड़ना शुरू कर दिया है।
गुलाम ने कहा- अब क्या कहें साहब..यह जमीन प्रधान के चाचा से 30 हजार में खरीदी थी, हमें कोई जानकारी नहीं थी कि यह ग्राम समाज की जमीन है। बहुत नुकसान हो गया है।
वहीं, आशा कार्यकर्ता आसमा ने कहा- अगर यह सरकारी जमीन थी, तो प्रधानों ने इसे क्यों बेचा? हमने 30 साल पहले जमीन खरीद थी। अगर उन्हें जमीन खाली करनी पड़ रही है तो उन्हें दी गई राशि वापस मिलनी चाहिए।

जानिए पूरा मामला
- मुबारकपुर बंद गांव में करीब 30 साल पहले सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया था। 15 साल पहले खेल मैदान पर 150 वर्गमीटर में मस्जिद का निर्माण किया गया। इसके साथ ही पांच दुकानें और आठ मकान भी बना लिए गए। हैरानी की बात यह है कि इसी जमीन पर दो सरकारी प्राइमरी स्कूल भी बने हुए हैं।
- सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत डीएम को मिली थी। इसके बाद तहसीलदार कोर्ट ने 28 मार्च को अवैध निर्माण हटाने के लिए नोटिस जारी किया। उसी दिन जमीन की नाप कराई गई। 30 मार्च से स्थानीय मजदूरों के जरिए निर्माण हटाने का काम शुरू हुआ।
- 31 मार्च से मुस्लिम समुदाय के लोगों ने खुद ही मदरसा गौसुल और पांच दुकानों को तोड़ना शुरू किया, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका। मस्जिद कमेटी और ग्राम प्रधानपति हाजी मुनव्वर की मांग पर 5 अप्रैल को प्रशासन ने 2100 रुपए शुल्क लेकर करीब दो घंटे में मदरसा और दुकानों को ध्वस्त करा दिया।
- ग्रामीणों ने मस्जिद को खुद नहीं तोड़ा और प्रशासन से इसे हटाने की मांग की थी। ग्राम प्रधानपति का कहना है कि स्कूलों को छोड़कर बाकी अवैध संपत्तियों को हटाया जाए।
बुलडोजर एक्शन से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
अपडेट्स
50 मिनट पहले
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संभल डीएम बोले- सरकारी जमीन पर हुआ था अवैध निर्माण
संभल डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने कहा- मुबारकपुर बंद गांव में ग्राम प्रधान ने 3 महीने पहले सरकारी जमीन पर निर्माण की शिकायत की थी। तहसील में मुकदमा दायर किया गया। सुनवाई के बाद 30 दिन अपील का समय भी दिया गया। यह अवैध निर्माण एक प्राथमिक विद्यालय और एक उच्च प्राथमिक विद्यालय के बीच स्थित खेल के मैदान और खाद के गड्ढे की 600 वर्ग मीटर भूमि पर था। इस कब्जे के कारण दोनों विद्यालय एक-दूसरे से अलग हो गए थे। अब कब्जा हटने से दोनों स्कूल खेल के मैदान के माध्यम से आपस में जुड़ जाएंगे। हम लगातार ‘लैंड बैंक’ तैयार करने की प्रक्रिया में हैं। सरकारी या सुरक्षित भूमि पर जहां भी अवैध कब्जे हैं, उन्हें पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से हटाया जा रहा है।
08:31 AM17 अप्रैल 2026
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एसपी बोले- जिन्होंने भी कब्जा किया, वे हटा लें, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा- सरकार के निर्देश पर जिले के एसडीएम, तहसीलदार और सीओ गांव-गांव में सरकारी संपत्तियों और सरकारी जमीनों को चिह्नित करने का काम कर रहे हैं।
इसी क्रम में मुबारकपुर बंद गांव में खेल के मैदान और खाद के गड्ढों की जमीन पर बने दो स्ट्रक्चरों को ढहाया जा रहा है। इस कार्रवाई के लिए दो प्लाटून पीएसी, एक कंपनी आरआरएफ और असमोली सर्किल के चार थानों की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात की गई है। यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने लोगों से अपील की कि जिन्होंने भी सरकारी जमीन पर कब्जा किया है, वे खुद ही हटा लें, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी।
08:00 AM17 अप्रैल 2026
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मस्जिद की 35 फीट ऊंची मीनार ढहाई गई
07:40 AM17 अप्रैल 2026
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पुलिस से मस्जिद के आसपास इकट्ठा भीड़ को हटाया
मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन देखने के लिए काफी संख्या में भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने भीड़ को वहां से हटा दिया है।
07:33 AM17 अप्रैल 2026
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मस्जिद के आसपास छतों पर जवान तैनात किए गए
संभल में मस्जिद के आसपास मकान की छत पर RRF के जवानों को निगरानी के लिए तैनात किया गया है।
07:18 AM17 अप्रैल 2026
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संभल एसपी और डीएम भी मौके पर पहुंचे
संभल डीएम राजेंद्र पैंसिया और एसपी केके विश्वनोई भी मौके पर पहुंच गए हैं। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया। अफसरों की टीम से बात की।
06:44 AM17 अप्रैल 2026
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थोड़ी देर में मस्जिद की 35 फीट ऊंची मीनार गिराई जाएगी
मस्जिद की 35 फीट ऊंची मीनार को हाइड्रा मशीन से गिराया जाएगा। इसके लिए एक मजदूर मीनार पर चढ़ा और उसे एक दिशा में गिराने के लिए रस्सी बांधी गई।
06:09 AM17 अप्रैल 2026
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तहसीलदार बोले- संभल की सरजमीं पर एक भी अवैध कब्जे को बख्शा नहीं जाएगा
तहसीलदार धीरेन्द्र सिंह ने कहा- संभल की सरजमीं पर एक भी अवैध कब्जे को बख्शा नहीं जाएगा। सभी अवैध कब्जों को मुक्त कराया जाएगा। आज मुबारकपुर बंद गांव में खेल के मैदान पर मस्जिद का स्ट्रक्चर बनाकर कब्जा किया गया था, जिसे हटाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ग्रामवासियों के अनुसार इस मस्जिद का निर्माण लगभग 1 करोड़ रुपए की लागत से कराया गया था। यह कार्रवाई बच्चों के हित में की जा रही है, ताकि उनके लिए खेल का मैदान उपलब्ध कराया जा सके।
06:07 AM17 अप्रैल 2026
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प्रधानपति बोले- 500–600 लोग नमाज पढ़ने आते थे, अब सभी दुखी
ग्राम प्रधानपति हाजी मुनव्वर ने कहा- आज से 30–31 साल पहले का यह मामला है। मस्जिद 4-5 साल पहले बनी है। यह जमीन खाद के गड्ढों और खेल मैदान की है। इसमें पांच दुकानें भी थीं, जिन्हें आदेश मिलने के बाद लोगों ने पहले ही हटा लिया था। लेखपाल आए थे और कहा था कि निर्माण हटाया जाए, तो हम लोग हटाने में लग गए।
फिलहाल लेबर नहीं मिल रही थी, इसलिए हमने कहा कि यह हमारे बस की बात नहीं है। इसी वजह से जेसीबी से हटवा दिया गया। करीब एक करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। जितना रकबा उनका है, उतना पूरा खाली होना चाहिए। यही सच्चाई है, आगे जैसा आदेश होगा, वैसा किया जाएगा।
लोग इस कार्रवाई से नाराज हैं। करीब 500–600 लोग यहां नमाज पढ़ने आते थे, अब सभी दुखी हैं। आज यहां नमाज नहीं होगी।
06:02 AM17 अप्रैल 2026
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दो मकान सरकारी जमीन पर बने, प्रशासन के आदेश के बाद खुद तोड़ रहे
गुलाम रसूल के मकान का गेट और बैठक ग्राम समाज की जमीन पर बने हैं। वहीं, आसमा के घर के आगे बना 50 गज का टीन शेड भी ग्राम समाज की जमीन पर है।
इसलिए प्रशासन ने इन्हें खुद कब्जा हटाने के लिए कहा है। इसके बाद इन्होंने खुद ही अवैध निर्माण तोड़ना शुरू कर दिया।
05:53 AM17 अप्रैल 2026
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ढांचे ढहाने से पहले मौके पर लाइनमैनों ने बिजली काटी
नायब तहसीलदार अरविंद कुमार की नाराजगी के बाद बिजली विभाग के जेई किरणपाल सिंह लाइनमैनों के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों लाइनमैनों ने ढहाए जाने वाले ढांचों के पास लगे खंभे से लाइट काट दी।
05:42 AM17 अप्रैल 2026
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ग्रामीण गुलाम रसूल ने कहा- अब क्या कहें साहब, हमने तो जमीन खरीदी थी
ग्रामीण गुलाम रसूल ने कहा- अब क्या कहें साहब, इसमें क्या बताया जाए। यह जमीन प्रधान के चाचा से खरीदी थी, जिन्हें कल्लू सेठ कहा जाता है। यह जमीन दो-एक लाख रुपए में खरीदी थी। करीब 30 साल हो गए होंगे। हमें कोई जानकारी नहीं थी कि यह ग्राम समाज की जमीन है। बहुत नुकसान हो गया है।
05:39 AM17 अप्रैल 2026
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पुलिसकर्मियों ने गांव में फ्लैग मार्च किया, देखिए VIDEO
05:38 AM17 अप्रैल 2026
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महिला बोली- मैं पैसे देकर जमीन खरीदी थी, मुझे पैसे वापस मिले
गांव की आसमा ने बताया- मैं आशा कार्यकर्ता हूं। 30 साल पहले उन्होंने ग्राम प्रधानों से सरकारी जमीन खरीदी थी, जिसके लिए उन्होंने किश्तों में भुगतान किया था। पहले 60 हजार और फिर दो बार 40 हजार दिए गए थे। अब ग्रामसभा उस जमीन को खाली करने के लिए कह रही है।
अगर यह सरकारी जमीन थी, तो प्रधानों ने इसे क्यों बेचा? हमने तो पैसे देकर खरीदी है, अब इसका भुगतान या मुआवजा कौन देगा? यह पैसा उन्होंने ईंट भट्टों पर मेहनत-मजदूरी करके कमाया था। अगर उन्हें जमीन खाली करनी पड़ रही है तो उन्हें दी गई राशि वापस मिलनी चाहिए, क्योंकि उन्होंने यह जमीन मुफ्त में नहीं ली थी
05:32 AM17 अप्रैल 2026
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संभल में भारी संख्या में फोर्स तैनात
संभल में मस्जिद और दुकानों पर बुलडोजर एक्शन के दौरान भारी संख्या में फोर्स तैनात रही। पुलिस ने आसपास के इलाके में बैरिकेडिंग भी कर रखी थी, ताकि जहां एक्शन हो रहा है वहां ज्यादा भीड़ न लग जाए।
04:47 AM17 अप्रैल 2026
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बुलडोजर एक्शन से जुड़े अपडेट दे रहे रिपोर्टर सनी
04:45 AM17 अप्रैल 2026
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लोग बुलडोजर कार्रवाई को छतों से देखते नजर आए, VIDEO
आसपास के लोगों के आने पर रोक लगा दी गई है। इसी बीच कुछ लोग छतों से बुलडोजर की कार्रवाई देखते नजर आए।
04:44 AM17 अप्रैल 2026
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3 थानों की फोर्स और RAF के जवान तैनात
मौके पर 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात हैं। इनमें तीन थानों असमोली थाना, ऐंचौड़ा कम्बोह थाना और हजरतनगर गढ़ी थाना के 30 पुलिसकर्मी और RAF के 20 जवान शामिल हैं।
नायब तहसीलदार अरविंद कुमार और बबलू कुमार मौके पर मौजूद हैं। दो बुलडोजर और एक हाइड्रा मशीन से तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा रही है।
04:29 AM17 अप्रैल 2026
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बुलडोजर एक्शन के दौरान तार से टच हुआ सरिया, करंट दौड़ा
पांच दुकानों के लेंटर को तोड़ते समय लोहे का सरिया बिजली लाइन से छू गया, जिससे करंट आने लगा। इस दौरान चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बुलडोजर को तुरंत पीछे कर लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
इसके बाद नायब तहसीलदार अरविंद कुमार ने बिजली विभाग के जेई चंद्रभूषण को फोन कर इसकी शिकायत की। उन्होंने कहा-अगर कोई हादसा हो जाता तो क्या होता? इसके बावजूद लाइन नहीं काटी गई। मैंने एक घंटा पहले एसएसओ निकेंद्र कुमार को फोन कर लाइन बंद करने के लिए कहा था। अभी लेंटर गिरते समय सरिया तार से छू गया। इसे तुरंत दिखवाइए, नहीं तो हम इसकी शिकायत जिलाधिकारी से करेंगे।
04:27 AM17 अप्रैल 2026
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बुलडोजर एक्शन शुरू, देखिए VIDEO
04:01 AM17 अप्रैल 2026
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लेखपाल बोले- 150 वर्गमीटर में बनी है मस्जिद
लेखपाल सुरेंद्र कुमार ने बताया-
खेल मैदान की जमीन पर 150 वर्गमीटर क्षेत्र में मस्जिद बनाई गई है। इसी गाटा में करीब ढाई बीघा जमीन पर प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल बने हैं। खाद गड्ढे की जमीन पर 540 वर्गमीटर क्षेत्र में मदरसा और पांच दुकानें बनाई गई थीं। अब तक जिन दुकानों को तोड़ा गया है, उनमें हामिद की समोसा की दुकान, अफजल की सब्जी की दुकान, शाने आलम की नाश्ते की दुकान, फरमान का मेडिकल स्टोर और अजगर का जन सेवा केंद्र शामिल हैं।

04:00 AM17 अप्रैल 2026
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12 दिन पहले मदरसा तोड़ा गया था
संभल में गुरुवार यानी कल ईदगाह और इमामबाड़े को बुलडोजर से तोड़ा गया था। प्रशासन के मुताबिक, करीब 7 बीघा चारागाह की जमीन पर ईदगाह और खाद गड्ढे की भूमि पर इमामबाड़ा बनाया गया था।
03:53 AM17 अप्रैल 2026
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कल संभल में ईदगाह-इमामबाड़े को बुलडोजर से ढहाया

संभल में गुरुवार यानी कल ईदगाह और इमामबाड़े को बुलडोजर से तोड़ा गया था। प्रशासन के मुताबिक, करीब 7 बीघा चारागाह की जमीन पर ईदगाह और खाद गड्ढे की भूमि पर इमामबाड़ा बनाया गया था। पढ़ें पूरी खबर















































