निवाड़ी जिला मुख्यालय के मुख्य बाजार में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ठीक सामने सड़क किनारे बिजली ट्रांसफार्मर लगा है। इसी स्थान से अस्पताल की एंबुलेंस और मरीजों के वाहन गुजरते हैं, जिससे शॉर्ट सर्किट या आग लगने का जोखिम हमेशा बना रहता है। शॉर्ट सर्किट से पहले भी लग चुकी आग कुछ समय पहले इसी ट्रांसफार्मर के पास रखी दुकानों (गुमटियों) में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई थी, जिसमें लाखों का नुकसान हुआ था। उस घटना के बाद प्रशासन ने गुमटियां तो हटा दीं, लेकिन अब वहां दोबारा अस्थायी दुकानें लगने लगी हैं। गुरुवार को साप्ताहिक हाट बाजार के दौरान इस ट्रांसफार्मर के नीचे भारी भीड़ रहती है। कलेक्टर के निर्देश के बाद भी नहीं हटाया जिले के तत्कालीन कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान इस ट्रांसफार्मर को दूसरी जगह शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद बिजली कंपनी ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि पर्याप्त जगह होने के बाद भी प्रशासनिक उदासीनता के कारण इसे नहीं हटाया जा रहा है। बिजली विभाग ने अस्पताल प्रबंधन पर डाला जिम्मा ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग को लेकर विद्युत विभाग के एई विनोद शर्मा का कहना है कि पूर्व में अस्पताल प्रबंधन से चर्चा हुई थी। विभाग का दावा है कि अस्पताल प्रबंधन ने अब तक ट्रांसफार्मर लगाने के लिए कोई वैकल्पिक स्थान तय कर उन्हें जानकारी नहीं दी है, जिसके चलते काम रुका हुआ है। हाट बाजार में बढ़ जाता है खतरा बाजार के व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि भीषण गर्मी में ट्रांसफार्मर से निकलने वाली चिंगारी किसी बड़ी आग का कारण बन सकती है। विशेषकर साप्ताहिक बाजार के दिन इसके ठीक नीचे दुकानें सजती हैं। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि किसी अप्रिय घटना का इंतजार किए बिना इसे तुरंत सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।















































