Tuesday, 02 Jun 2026 | 10:29 PM

Trending :

EXCLUSIVE

HDFC बैंक का मुनाफा 9% बढ़कर ₹19,221 करोड़ हुआ:मार्च तिमाही में रेवेन्यू भी 5% बढ़ा; बैंक हर शेयर पर ₹13 का डिविडेंड देगा

HDFC बैंक का मुनाफा 9% बढ़कर ₹19,221 करोड़ हुआ:मार्च तिमाही में रेवेन्यू भी 5% बढ़ा; बैंक हर शेयर पर ₹13 का डिविडेंड देगा

देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी कर दिए हैं। 31 मार्च 2026 को खत्म हुई इस तिमाही में बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 9% बढ़कर 19,221 करोड़ रुपए रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 17,616 करोड़ रुपए था। बैंक ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 13 रुपए प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है। इसके भुगतान के लिए रिकॉर्ड डेट 19 जून 2026 तय की गई है। इससे पहले बैंक अगस्त 2025 में 2.5 रुपए प्रति शेयर का स्पेशल अंतरिम डिविडेंड भी दे चुका है। इस तरह निवेशकों को पूरे साल में कुल 15.5 रुपए का डिविडेंड मिलेगा। HDFC बैंक के रेवेन्यू में 5% की बढ़त HDFC बैंक का कुल नेट रेवेन्यू सालाना आधार पर 5% बढ़कर 46,280 करोड़ रुपए हो गया है। पिछले साल मार्च तिमाही में यह 44,090 करोड़ रुपए था। बैंक की मुख्य आय यानी नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 3.2% बढ़कर 33,080 करोड़ रुपए रही। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) कुल एसेट्स पर 3.38% दर्ज किया गया। एसेट क्वालिटी में सुधार, NPA घटा चौथी तिमाही में बैंक की एसेट क्वालिटी बेहतर हुई है। बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) घटकर 1.24% से 1.15% पर आ गया है। वहीं नेट NPA मार्च 2026 तक 0.38% रहा। बैंक ने इस तिमाही के लिए प्रोविजंस और कंटिंजेंसी के तौर पर 2,610 करोड़ रुपए अलग रखे हैं। बैंक का टोटल क्रेडिट कॉस्ट रेश्यो 0.35% रहा। डिपॉजिट्स में 12.8% की शानदार ग्रोथ बैंक के औसत डिपॉजिट्स में अच्छी बढ़त देखी गई है। मार्च 2026 तिमाही में औसत डिपॉजिट्स 28.5 लाख करोड़ रुपए रहे, जो पिछले साल की तुलना में 12.8% ज्यादा हैं। इसी तरह बैंक के औसत CASA (करेंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट) डिपॉजिट्स भी 10.8% की ग्रोथ के साथ 9.18 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गए हैं। पूंजी की स्थिति मजबूत, CAR 19.7% पर बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CAR) 19.7% रहा, जो नियामक जरूरत 11.9% से काफी ज्यादा है। यह बैंक की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है। बैंक का टीयर-1 CAR 17.7% और कॉमन इक्विटी टीयर-1 कैपिटल रेश्यो 17.3% दर्ज किया गया है। 9,689 ब्रांच तक पहुंचा बैंक का नेटवर्क क्या होता है नेट इंटरेस्ट मार्जिन और CASA? NIM: यह बैंक की कमाई का अहम पैमाना है। बैंक जिस दर पर कर्ज देता है और जिस दर पर जमाकर्ताओं को ब्याज देता है, उसके अंतर को नेट इंटरेस्ट मार्जिन कहते हैं। CASA: इसका मतलब है ‘करेंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट’। इसमें जमा पैसा बैंक के लिए सस्ता फंड होता है क्योंकि इस पर उसे कम ब्याज देना पड़ता है। जिस बैंक का CASA रेश्यो ज्यादा होता है, उसका मुनाफा बढ़ने की संभावना ज्यादा रहती है। नॉन परफॉर्मिंग एसेट या NPA क्या है? जब कोई व्यक्ति या संस्था किसी बैंक से लोन लेकर उसे वापस नहीं करती, तो उसे बैड लोन या नॉन परफॉर्मिंग एसेट या NPA कहा जाता है। यानी इन लोन्स की रिकवरी की उम्मीद काफी कम होती है। नतीजतन बैंकों का पैसा डूब जाता है और बैंक घाटे में चला जाता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के मुताबिक, अगर किसी बैंक लोन की किस्त 90 दिनों तक यानी तीन महीने तक नहीं चुकाई जाती है, तो उस लोन को NPA घोषित कर दिया जाता है। अन्य वित्तीय संस्थाओं के मामले में यह सीमा 120 दिन की होती है। बुक को क्लियर करने के लिए बैंकों को ऐसा करना होता है। ये खबर भी पढ़ें… केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता 2% बढ़ाकर 60% किया: 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सरकार ने DA-DR 58% से बढ़कर 60% किया है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू होगी। इस फैसले से सरकार का सालाना 6,791 करोड़ रुपए का खर्च बढ़ेगा। इससे पहले अक्टूबर में महंगाई भत्ते को 55% से बढ़ाकर 58% किया गया था। पिछला रिविजन 1 जुलाई 2025 से प्रभावी माना गया था, जिसका भुगतान एरियर के साथ किया गया था। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
तस्वीर का विवरण

May 9, 2026/
4:14 pm

सामग्री: 2 कच्चा आम, गुड़, 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी, 1/2 छोटा चम्मच जीरा पाउडर,...

ट्रोलिंग पर आलिया भट्ट के सपोर्ट में आए सोनू सूद:कान्स में इग्नोर होने के दावों पर बोले- अपनों की कमियां मत निकालो, मेहनत पर गर्व करो

May 15, 2026/
5:48 pm

एक्ट्रेस आलिया भट्ट कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में अपने लुक्स को लेकर चर्चा में रहीं, लेकिन सोशल मीडिया पर उन्हें...

गीतकार हसरत जयपुरी की 104वीं बर्थ एनिवर्सरी:भांजे डब्बू मलिक बोले- आखिरी सांस तक मामा के हाथ में कलम और किताब थी

April 15, 2026/
4:30 am

हिंदी सिनेमा के दिग्गज गीतकार हसरत जयपुरी की 104वीं बर्थ एनिवर्सरी पर उनके भांजे डब्बू मलिक ने उनसे जुड़ी कई...

रतलाम रेल मंडल में संदीप शर्मा बने PRI:DRM ऑफिस में संभाला कार्यभार; पूर्व में इंदौर में थे पदस्थ

April 1, 2026/
8:31 pm

पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल स्थित मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय (DRM Office) के जनसंपर्क विभाग में बुधवार को संदीप शर्मा...

Rajya Sabha Notice for CEC Gyanesh Kumar Removal

April 24, 2026/
3:37 pm

नई दिल्ली38 मिनट पहले कॉपी लिंक मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए विपक्ष ने शुक्रवार को...

कुणाल कोहली बोले-रणवीर सिंह फिर फ्लॉप फिल्म कर सकते हैं:फ्लॉप फिल्मों से स्टारडम खत्म नहीं होता, बॉक्स ऑफिस से एक्टर को जज न करें

May 28, 2026/
1:00 pm

फिल्म डायरेक्टर कुणाल कोहली ने अभिनेता रणवीर सिंह की फिल्मों के फ्लॉप परफॉरमेंस और बॉक्स ऑफिस के दबाव पर खुलकर...

राजनीति

HDFC बैंक का मुनाफा 9% बढ़कर ₹19,221 करोड़ हुआ:मार्च तिमाही में रेवेन्यू भी 5% बढ़ा; बैंक हर शेयर पर ₹13 का डिविडेंड देगा

HDFC बैंक का मुनाफा 9% बढ़कर ₹19,221 करोड़ हुआ:मार्च तिमाही में रेवेन्यू भी 5% बढ़ा; बैंक हर शेयर पर ₹13 का डिविडेंड देगा

देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी कर दिए हैं। 31 मार्च 2026 को खत्म हुई इस तिमाही में बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 9% बढ़कर 19,221 करोड़ रुपए रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 17,616 करोड़ रुपए था। बैंक ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 13 रुपए प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है। इसके भुगतान के लिए रिकॉर्ड डेट 19 जून 2026 तय की गई है। इससे पहले बैंक अगस्त 2025 में 2.5 रुपए प्रति शेयर का स्पेशल अंतरिम डिविडेंड भी दे चुका है। इस तरह निवेशकों को पूरे साल में कुल 15.5 रुपए का डिविडेंड मिलेगा। HDFC बैंक के रेवेन्यू में 5% की बढ़त HDFC बैंक का कुल नेट रेवेन्यू सालाना आधार पर 5% बढ़कर 46,280 करोड़ रुपए हो गया है। पिछले साल मार्च तिमाही में यह 44,090 करोड़ रुपए था। बैंक की मुख्य आय यानी नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 3.2% बढ़कर 33,080 करोड़ रुपए रही। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) कुल एसेट्स पर 3.38% दर्ज किया गया। एसेट क्वालिटी में सुधार, NPA घटा चौथी तिमाही में बैंक की एसेट क्वालिटी बेहतर हुई है। बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) घटकर 1.24% से 1.15% पर आ गया है। वहीं नेट NPA मार्च 2026 तक 0.38% रहा। बैंक ने इस तिमाही के लिए प्रोविजंस और कंटिंजेंसी के तौर पर 2,610 करोड़ रुपए अलग रखे हैं। बैंक का टोटल क्रेडिट कॉस्ट रेश्यो 0.35% रहा। डिपॉजिट्स में 12.8% की शानदार ग्रोथ बैंक के औसत डिपॉजिट्स में अच्छी बढ़त देखी गई है। मार्च 2026 तिमाही में औसत डिपॉजिट्स 28.5 लाख करोड़ रुपए रहे, जो पिछले साल की तुलना में 12.8% ज्यादा हैं। इसी तरह बैंक के औसत CASA (करेंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट) डिपॉजिट्स भी 10.8% की ग्रोथ के साथ 9.18 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गए हैं। पूंजी की स्थिति मजबूत, CAR 19.7% पर बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CAR) 19.7% रहा, जो नियामक जरूरत 11.9% से काफी ज्यादा है। यह बैंक की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है। बैंक का टीयर-1 CAR 17.7% और कॉमन इक्विटी टीयर-1 कैपिटल रेश्यो 17.3% दर्ज किया गया है। 9,689 ब्रांच तक पहुंचा बैंक का नेटवर्क क्या होता है नेट इंटरेस्ट मार्जिन और CASA? NIM: यह बैंक की कमाई का अहम पैमाना है। बैंक जिस दर पर कर्ज देता है और जिस दर पर जमाकर्ताओं को ब्याज देता है, उसके अंतर को नेट इंटरेस्ट मार्जिन कहते हैं। CASA: इसका मतलब है ‘करेंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट’। इसमें जमा पैसा बैंक के लिए सस्ता फंड होता है क्योंकि इस पर उसे कम ब्याज देना पड़ता है। जिस बैंक का CASA रेश्यो ज्यादा होता है, उसका मुनाफा बढ़ने की संभावना ज्यादा रहती है। नॉन परफॉर्मिंग एसेट या NPA क्या है? जब कोई व्यक्ति या संस्था किसी बैंक से लोन लेकर उसे वापस नहीं करती, तो उसे बैड लोन या नॉन परफॉर्मिंग एसेट या NPA कहा जाता है। यानी इन लोन्स की रिकवरी की उम्मीद काफी कम होती है। नतीजतन बैंकों का पैसा डूब जाता है और बैंक घाटे में चला जाता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के मुताबिक, अगर किसी बैंक लोन की किस्त 90 दिनों तक यानी तीन महीने तक नहीं चुकाई जाती है, तो उस लोन को NPA घोषित कर दिया जाता है। अन्य वित्तीय संस्थाओं के मामले में यह सीमा 120 दिन की होती है। बुक को क्लियर करने के लिए बैंकों को ऐसा करना होता है। ये खबर भी पढ़ें… केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता 2% बढ़ाकर 60% किया: 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सरकार ने DA-DR 58% से बढ़कर 60% किया है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू होगी। इस फैसले से सरकार का सालाना 6,791 करोड़ रुपए का खर्च बढ़ेगा। इससे पहले अक्टूबर में महंगाई भत्ते को 55% से बढ़ाकर 58% किया गया था। पिछला रिविजन 1 जुलाई 2025 से प्रभावी माना गया था, जिसका भुगतान एरियर के साथ किया गया था। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.