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Ashwagandha Uses in Ayurveda: अश्वगंधा को आयुर्वेद की सबसे शक्तिशाली जड़ी-बूटी माना जाता है. आयुर्वेद में अश्वगंधा की जड़ों को शरीर के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है. हालांकि कई हर्बल सप्लीमेंट्स में अश्वगंधा के पत्ते और इसका अर्क भी इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसे फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने बैन कर दिया है. आयुर्वेद में अश्वगंधा के पत्तों का इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती है. इन पत्तों का सेवन करने से शरीर में टॉक्सिसिटी हो सकती है.
FSSAI ने अश्वगंधा के पत्तों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है.
Ashwagandha Root vs Leaves: सदियों से अश्वगंधा को शक्तिशाली जड़ी-बूटी माना जा रहा है. आयुर्वेदिक ग्रंथों के अनुसार अश्वगंधा की जड़ें सेहत के लिए अमृत समान होती हैं. सही मात्रा में इनका सेवन करने से कई स्वास्थ्य समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है. अश्वगंधा को एक औषधि माना गया है, जो शरीर की ताकत बढ़ाने, तनाव कम करने और इम्यूनिटी सुधारने में मदद करती है. हाल ही में फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने अश्वगंधा के पत्तों और इसके अर्क के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. कई हर्बल सप्लीमेंट्स और दवाओं में इसके पत्तों का यूज किया जा रहा था, जिसके बाद सरकार ने यह फैसला लिया है. अब सवाल है कि आयुर्वेद में अश्वगंधा का कैसे इस्तेमाल किया जाता है और पत्तों को लेकर एक्सपर्ट्स की क्या राय है.
यूपी के प्रेम रघु आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल और आयुर्वेदाचार्य डॉ. सरोज गौतम ने News18 को बताया आयुर्वेद में अश्वगंधा को एक औषधीय पौधा माना गया है, लेकिन इसके अलग-अलग हिस्सों का उपयोग अलग-अलग तरीकों से किया जाता है. कई ग्रंथों में इसकी जड़ों का सेवन करने का बात कही गई है. अश्वगंधा की जड़ में सबसे अधिक सक्रिय औषधीय तत्व पाए जाते हैं, जैसे विथानोलाइड्स. ये तत्व तनाव कम करने और शरीर को एनर्जी देने में मदद करते हैं. यही कारण है कि आयुर्वेदिक दवाओं और सप्लीमेंट्स में अधिकतर जड़ का ही उपयोग किया जाता है. इसे नींद सुधारने, मानसिक तनाव घटाने और शारीरिक कमजोरी दूर करने में भी उपयोगी माना जाता है. अश्वगंधा की जड़ें सही तरह इस्तेमाल करने से गजब के फायदे मिल सकते हैं.
अश्वगंधा के पत्तों पर क्या कहता है आयुर्वेद
आयुर्वेद एक्सपर्ट के मुताबिक पत्तों का उपयोग कुछ सप्लीमेंट्स और हर्बल उत्पादों में उपयोग बढ़ा है, लेकिन आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से इनका उपयोग मुख्य औषधि के रूप में नहीं किया जाता. पत्तों में सक्रिय तत्वों की मात्रा जड़ की तुलना में कम और असंतुलित हो सकती है, इसलिए इनके उपयोग को लेकर सावधानी जरूरी है. इसके पत्तों में विथायनोन नामक तत्व बहुत ज्यादा हो सकता है. ऐसे में अश्वगंधा के पत्ते खाने से शरीर में टॉक्सिसिटी हो सकती है. यही वजह कि आयुर्वेदिक एक्सपर्ट अश्वगंधा को लेकर बेहद सावधानी बरतने की सलाह देते हैं. इसकी जड़ों का इस्तेमाल भी एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार करना चाहिए.
अश्वगंधा की जड़ के हेल्थ बेनिफिट्स
अश्वगंधा की जड़ को आयुर्वेद में अत्यंत शक्तिशाली औषधि माना जाता है, जो शरीर और मन दोनों के लिए कई तरह से फायदेमंद होती है. अश्वगंधा की जड़ का नियमित और संतुलित सेवन नींद की गुणवत्ता सुधारने, चिंता और थकान कम करने और एनर्जी लेवल बढ़ाने में मदद करता है. पुरुषों में यह ताकत और स्टैमिना बढ़ाने के साथ-साथ हार्मोन संतुलन में भी सहायक मानी जाती है, जबकि महिलाओं के लिए भी यह हार्मोनल हेल्थ को सपोर्ट करती है. यह मांसपेशियों की मजबूती, दिमागी कार्यक्षमता और एकाग्रता बढ़ाने में भी उपयोगी होती है.
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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें












































