उज्जैन में अभी भी एलपीजी की किल्लत बनी हुई है। इससे परेशान उपभोक्ताओं का मंगलवार को गुस्सा फूट पड़ा। इस दौरान गैस एजेंसी के संचालक और उपभोक्ता के बीच मारपीट हो गई। हालात इतने बिगड़े कि नई सड़क स्थित बिजली घर के पास उपभोक्ताओं ने चक्काजाम कर दिया। हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया और फिर पुलिस की निगरानी में गैस सिलेंडर का वितरण हुआ। शहर में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। इससे आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बहादुरगंज स्थित शिप्रा गैस एजेंसी पर एक उपभोक्ता और एजेंसी के संचालक के बीच मारपीट हो गई। इसके बाद लोगों ने अपने-अपने गैस सिलेंडर सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। पुलिस की निगरानी में बंटे सिलेंडर चक्काजाम करने से कुछ देर तक यातायात प्रभावित रहा। मारपीट की सूचना पर पुलिस पहुंची और लोगों को समझाकर मामले को शांत कराया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में सिलेंडर के नंबर लगाने का काम शुरू किया गया। इस दौरान भी कई लोग विवाद करते नजर आए। एक महीने से चक्कर लगा रहे एटलस चौराहा निवासी आशिया खान ने बताया कि एक महीने से चक्कर लगा रही हूं टंकी नहीं मिल रही है। सोमवार को आई थी तो धक्का देकर बाहर निकला दिया। मकान मालिक चूल्हा नहीं जलाने दे रहे हैं। सिलेंडर नहीं मिलने से परेशान हैं। एजेंसी संचालक मारपीट कर रहे हैं। शहर से 25 किमी दूर रहने वाले किशोर दिव्यांग हैं। उन्होंने बताया कि अपना काम छोड़कर रोजाना लाइन में लग रहा हूं। एक माह से ऊपर हो चुका है अब तक सिलेंडर नहीं मिल पाया है। आरोप-एजेंसी पर बाउंसर लगाए उपभोक्ताओं ने आरोप लगाए कि गैस एजेंसी संचालक ग्राहकों के साथ मारपीट कर रहे हैं। लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया, जिसमें एजेंसी संचालक के साथ दो अन्य लोग भिड़ते हुए नजर आ रहे हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि एजेंसी पर बाउंसर तैनात किए गए हैं, जो ग्राहकों के साथ अभद्रता और डराते-धमकाते हैं। एजेंसी का लाइसेंस निरस्त करने की मांग प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए शिप्रा गैस एजेंसी का लाइसेंस निरस्त करने की मांग की है।














































