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भोपाल की गैस एजेंसी में गड़बड़ी, FIR की तैयारी:खाद्य विभाग ने एडीएम को सौंपी रिपोर्ट; एक एजेंसी रिटायर्ड अफसर की

भोपाल की गैस एजेंसी में गड़बड़ी, FIR की तैयारी:खाद्य विभाग ने एडीएम को सौंपी रिपोर्ट; एक एजेंसी रिटायर्ड अफसर की

भोपाल के जेके रोड स्थित फीनिक्स एचपीसीएल और कोटरा सुल्तानाबाद स्थित बीएस एचपी गैस एजेंसियों की जांच पूरी हो गई है। इसके बाद खाद्य विभाग ने जांच रिपोर्ट एडीएम प्रकाश नायक को सौंपी है। दो में से एक एजेंसी खाद्य विभाग के ही रिटायर्ड अफसर और उनके रिश्तेदारों की बताई जा रही है। बता दें कि एजेंसियों में गैस सिलेंडर की सप्लाई की शिकायत मिली थी। इसके बाद फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने टीम से जांच करवाई थी। जांच में सामने आया कि करीब 36 हजार वर्गफीट क्षेत्र में दोनों एजेंसियों के साझा गोदाम बने हैं। स्टॉक जांच में सबसे बड़ी गड़बड़ी फीनिक्स एजेंसी में मिली। यहां 350 घरेलू, 350 कमर्शियल, और 2 हजार 5 किलोग्राम वाले छोटू सिलेंडर गायब थे। बीएस एजेंसी के गोदाम में भी 254 भरे सिलेंडर गायब मिले। यहां कमर्शियल सिलेंडरों के स्टॉक में भी गड़बड़ी सामने आई। जांच में एजेंसियां रिटायर्ड सहायक आपूर्ति अधिकारी बीपी शर्मा और उनके रिश्तेदारों की होना सामने आया है। सिलेंडर बुक हुए, लेकिन ग्राहकों तक पहुंचे ही नहीं
जांच में सामने आया कि गैस एजेंसियों के संचालकों ने बड़ी संख्या में सिलेंडरों का हेरफेर किया है। जिन्होंने ऑनलाइन गैस सिलेंडर बुक कराए थे, एजेंसियों की ओर से उन उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं पहुंचाए। जब उपभोक्ता एजेंसियों पर पहुंचे तो पता चला कि उनको सिलेंडर की डिलीवरी हो गई है, जबकि उपभोक्ताओं तक सिलेंडर पहुंचे ही नहीं थे। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सिलेंडर अधिक पैसे लेकर किसी और को दिए गए। एजेंसियों के गोदाउन में स्टॉक के अनुसार भी सिलेंडर नहीं पाए गए। इतना नहीं शहर इन एजेंसियों की अलावा अन्य एजेंसियों व अवैध परिवहन, अवैध रिफिलिंग करने वालों की भी जांच रिपोर्ट एडीएम को दी गई है। 10 से 12 मामलों की जांच रिपोर्ट सौंपी गई है। ऐसे में इन एजेंसियों के संचालकों व अवैध गैस सिलेंडरों का परिवहन व रिफिलिंग करने वालों पर जुर्माना व एफआईआर तक कार्रवाई हो सकती है। एजेंसियों का लाइसेंस निरस्त करने के लिए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के अनुमोदन पर एडीएम संबंधित गैस कंपनियों को एजेंसियों का लाइसेंस निरस्त करने का प्रस्ताव जल्द भेजा सकता है।
238 रुपए का फर्जी सुरक्षा चार्ज, 10 लाख की वसूली उजागर
जेके रोड स्थित मीनाल रेसिडेंसी की मेसर्स फिनिक्स एचपीसीएल गैस एजेंसी में 10 तरह की गड़बड़ियां मिली हैं। जानिए क्या हैं वो 10 प्रकार की गड़बड़ियां, इनके जरिए कैसे उपभोक्ताओं के साथ की गई ठगी— 1- जेके रोड मिनाल स्थित मेसर्स फिनिक्स एचपी गैस एजेंसी में 15 अप्रैल 2026 को 250 से ज्यादा उपभोक्ताओं के ओटीपी के आधार पर ऑनलाइन बिल जनरेट किए गए। लेकिन उपभोक्ताओं को ऑफलाइन बिल 16 अप्रैल का काटकर दिया गया। लोगों को होम डिलीवरी की जगह एजेंसी के पीछे खड़े ट्रकों से सिलेंडर दिए गए। 2- मौके पर पाया गया कि एजेंसी द्वारा 16 अप्रैल 2026 को उपभोक्ताओं से प्रति सिलेंडर 918 रुपए लिए गए, जिसमें होम डिलीवरी शुल्क भी शामिल था। जबकि मौके पर सिलेंडर देने पर 34 रुपए घटाकर नया बिल दिया जाना चाहिए था। ऐसा नहीं किया गया। इससे अनुमान है कि हर महीने 10 से 12 हजार सिलेंडरों में से 6 हजार सिलेंडरों पर ‘कैश एंड कैरी’ के नाम पर करीब 2 लाख रुपए अवैध वसूली की गई। 3- एजेंसी के पीछे खाली मैदान में सिलेंडर वितरण के दौरान सुरक्षा निरीक्षण (मेंटेटरी इंस्पेक्शन) के नाम पर 238 रुपए लेकर कैश मेमो दिया गया। जबकि यह निरीक्षण उपभोक्ता के घर जाकर किया जाना चाहिए था। एजेंसी ने बिना निरीक्षण के ही राशि ली और बिल जारी करने को इस भुगतान से जोड़ दिया। करीब 25 हजार कनेक्शन में से 5 हजार उपभोक्ताओं से लगभग 10 लाख रुपए वसूले गए। 4- बुकिंग के बाद भी उपभोक्ताओं को घर पर सिलेंडर नहीं पहुंचाया गया, लेकिन मोबाइल पर ‘डिलीवर्ड’ का मैसेज भेज दिया गया। जांच में सामने आया कि ऐसे सिलेंडर डिलीवरी कर्मियों द्वारा अन्य जगहों पर बेच दिए गए। एजेंसी ने सफाई दी कि उपभोक्ता घर पर नहीं मिले, जो सही नहीं पाया गया। 5- 1 अप्रैल से जांच तक करीब 2 हजार ऑनलाइन बुकिंग लंबित मिलीं। उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं दिया गया और उन्हें वेटिंग में रखा गया। 6- 9 अप्रैल को जारी इनवॉइस का लोड 10 अप्रैल को मिला, लेकिन 15 अप्रैल तक नया लोड नहीं आया। एचपीसीएल के विक्रय अधिकारी के अनुसार एजेंसी ने ओटीपी सिस्टम का पालन नहीं किया और बिना ओटीपी के बिक्री दर्ज कर सिलेंडर अन्य जगह बेच दिए। इसी कारण कंपनी ने सप्लाई रोक दी थी। 7- अप्रैल 2026 में डिपो पीलूखेड़ी (जिला राजगढ़) से 11 ट्रकों की जानकारी दी गई। दूरी के हिसाब से 2–2.5 घंटे लगने चाहिए थे, लेकिन ट्रक 24 घंटे बाद पहुंचे। 11 में से 10 बार ऐसा हुआ, जिससे बीच में ट्रक कहां रुके—यह संदिग्ध है। 8- एजेंसी ने 9 डिलीवरी वाहन बताए, लेकिन मौके पर केवल 5 ही सक्रिय मिले। 9- स्टॉक में गड़बड़ी मिली—करीब 2 हजार छोटे सिलेंडर गायब पाए गए, जबकि 40 घरेलू सिलेंडर अतिरिक्त मिले। 10- 17 अप्रैल को नीलबड़ हरिनगर स्थित गोदाम की आकस्मिक जांच में स्टॉक और कैश एंड कैरी रेट का प्रदर्शन नहीं मिला। गोदाम करीब 36 हजार वर्गफुट क्षेत्र में है, जहां दो गोदाम संचालित हैं। दूसरा गोदाम बीएस सर्विसेस गैस एजेंसी (कोटरा सुल्तानाबाद) का है, जो एचपीसीएल की ही सिस्टर कंपनी है। दोनों गोदाम आवासीय क्षेत्र से सटे पाए गए। बीएस सर्विसेस के संचालक सुयश शर्मा पाए गए, जिनकी भी जांच की गई।

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238 रुपए का फर्जी सुरक्षा चार्ज, 10 लाख की वसूली उजागर
जेके रोड स्थित मीनाल रेसिडेंसी की मेसर्स फिनिक्स एचपीसीएल गैस एजेंसी में 10 तरह की गड़बड़ियां मिली हैं। जानिए क्या हैं वो 10 प्रकार की गड़बड़ियां, इनके जरिए कैसे उपभोक्ताओं के साथ की गई ठगी— 1- जेके रोड मिनाल स्थित मेसर्स फिनिक्स एचपी गैस एजेंसी में 15 अप्रैल 2026 को 250 से ज्यादा उपभोक्ताओं के ओटीपी के आधार पर ऑनलाइन बिल जनरेट किए गए। लेकिन उपभोक्ताओं को ऑफलाइन बिल 16 अप्रैल का काटकर दिया गया। लोगों को होम डिलीवरी की जगह एजेंसी के पीछे खड़े ट्रकों से सिलेंडर दिए गए। 2- मौके पर पाया गया कि एजेंसी द्वारा 16 अप्रैल 2026 को उपभोक्ताओं से प्रति सिलेंडर 918 रुपए लिए गए, जिसमें होम डिलीवरी शुल्क भी शामिल था। जबकि मौके पर सिलेंडर देने पर 34 रुपए घटाकर नया बिल दिया जाना चाहिए था। ऐसा नहीं किया गया। इससे अनुमान है कि हर महीने 10 से 12 हजार सिलेंडरों में से 6 हजार सिलेंडरों पर ‘कैश एंड कैरी’ के नाम पर करीब 2 लाख रुपए अवैध वसूली की गई। 3- एजेंसी के पीछे खाली मैदान में सिलेंडर वितरण के दौरान सुरक्षा निरीक्षण (मेंटेटरी इंस्पेक्शन) के नाम पर 238 रुपए लेकर कैश मेमो दिया गया। जबकि यह निरीक्षण उपभोक्ता के घर जाकर किया जाना चाहिए था। एजेंसी ने बिना निरीक्षण के ही राशि ली और बिल जारी करने को इस भुगतान से जोड़ दिया। करीब 25 हजार कनेक्शन में से 5 हजार उपभोक्ताओं से लगभग 10 लाख रुपए वसूले गए। 4- बुकिंग के बाद भी उपभोक्ताओं को घर पर सिलेंडर नहीं पहुंचाया गया, लेकिन मोबाइल पर ‘डिलीवर्ड’ का मैसेज भेज दिया गया। जांच में सामने आया कि ऐसे सिलेंडर डिलीवरी कर्मियों द्वारा अन्य जगहों पर बेच दिए गए। एजेंसी ने सफाई दी कि उपभोक्ता घर पर नहीं मिले, जो सही नहीं पाया गया। 5- 1 अप्रैल से जांच तक करीब 2 हजार ऑनलाइन बुकिंग लंबित मिलीं। उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं दिया गया और उन्हें वेटिंग में रखा गया। 6- 9 अप्रैल को जारी इनवॉइस का लोड 10 अप्रैल को मिला, लेकिन 15 अप्रैल तक नया लोड नहीं आया। एचपीसीएल के विक्रय अधिकारी के अनुसार एजेंसी ने ओटीपी सिस्टम का पालन नहीं किया और बिना ओटीपी के बिक्री दर्ज कर सिलेंडर अन्य जगह बेच दिए। इसी कारण कंपनी ने सप्लाई रोक दी थी। 7- अप्रैल 2026 में डिपो पीलूखेड़ी (जिला राजगढ़) से 11 ट्रकों की जानकारी दी गई। दूरी के हिसाब से 2–2.5 घंटे लगने चाहिए थे, लेकिन ट्रक 24 घंटे बाद पहुंचे। 11 में से 10 बार ऐसा हुआ, जिससे बीच में ट्रक कहां रुके—यह संदिग्ध है। 8- एजेंसी ने 9 डिलीवरी वाहन बताए, लेकिन मौके पर केवल 5 ही सक्रिय मिले। 9- स्टॉक में गड़बड़ी मिली—करीब 2 हजार छोटे सिलेंडर गायब पाए गए, जबकि 40 घरेलू सिलेंडर अतिरिक्त मिले। 10- 17 अप्रैल को नीलबड़ हरिनगर स्थित गोदाम की आकस्मिक जांच में स्टॉक और कैश एंड कैरी रेट का प्रदर्शन नहीं मिला। गोदाम करीब 36 हजार वर्गफुट क्षेत्र में है, जहां दो गोदाम संचालित हैं। दूसरा गोदाम बीएस सर्विसेस गैस एजेंसी (कोटरा सुल्तानाबाद) का है, जो एचपीसीएल की ही सिस्टर कंपनी है। दोनों गोदाम आवासीय क्षेत्र से सटे पाए गए। बीएस सर्विसेस के संचालक सुयश शर्मा पाए गए, जिनकी भी जांच की गई।

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