मैहर जिले में मंगलवार को आगजनी की तीन अलग-अलग घटनाओं से हड़कंप मच गया। इन घटनाओं में कहीं खेत जलकर खाक हो गए तो कहीं एक गरीब का घर राख हो गया। गनीमत यह रही कि समय रहते लोगों ने काबू पा लिया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। अमरपाटन इलाके के ओबरा गांव में खेतों में लगी नरवाई की आग ने तेज हवा के कारण विकराल रूप ले लिया और करीब 2 किलोमीटर तक फैल गई। आग की लपटें खेतों के बीच बने गोरेलाल पटेल के कच्चे मकान तक पहुंच गईं। जब तक लोग कुछ समझ पाते, आग ने पूरे घर को चपेट में ले लिया। इस हादसे में घर में रखा अनाज, भूसा और गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया। हवा के साथ कई गांवों तक पहुंची लपटें दूसरी घटना पहाड़ी मंटोलवा क्षेत्र की है। यहां भी नरवाई में लगी आग तेज हवा के कारण तेजी से बेकाबू हो गई। आग मड़ई, धनवाही और उमरी फीफरी जैसे कई गांवों के खेतों तक पहुंच गई। प्रशासन को सूचना तो दी गई, लेकिन दमकल के पहुंचने का इंतजार किए बिना ग्रामीणों ने खुद ही हिम्मत दिखाई। करीब दो घंटे की कड़ी मेहनत और पानी की मदद से लोगों ने आग को आगे बढ़ने से रोका। कब्रिस्तान के पास झाड़ियों में लगी आग तीसरी घटना मैहर शहर में कब्रिस्तान के पास हुई, जहां झाड़ियों में अचानक भीषण आग लग गई। शहर के बीचों-बीच धुआं और लपटें देख लोग दहशत में आ गए। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से वक्त रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। दहशत में ग्रामीण, घटना का कारण पता नहीं इन तीनों ही मामलों में फिलहाल आग लगने की सही वजह सामने नहीं आ पाई है। लेकिन एक ही दिन में तीन जगह लगी आग से ग्रामीण इलाकों में डर का माहौल है। लगातार बढ़ती गर्मी और खेतों में सूखी नरवाई के कारण आग लगने का खतरा और बढ़ गया है। प्रशासन अब नुकसान का आकलन करने में जुटा है।
















































