मिर्जापुर में बुधवार रात भीषण सड़क हादसा हो गया। बोलेरो-ट्रक की टक्कर में 8 लोग जिंदा जल गए। एक अन्य कार सवार और ट्रक के खलासी की दबकर मौत हो गई। जलकर मरने वाले सभी बोलेरो में सवार थे। दरअसल, मध्यप्रदेश से चना लादकर आ रहे एक ट्रक का अचानक ब्रेक फेल हो गया, जिससे वह बेकाबू हो गया। ट्रक ने बोलेरो को जोरदार टक्कर मार दी। इससे बोलेरो आगे चल रहे गिट्टी लदे ट्रेलर में जा घुसी। बोलेरो धू-धू कर जलने लगी। हादसा ड्रमडगंज थाना क्षेत्र में हुआ। बोलेरो सवार सभी लोग प्रयागराज के मांडा क्षेत्र के हाटा के बताए जा रहे हैं। ये लोग मैहर धाम से दर्शन करके वापस लौट रहे थे। हालांकि, बोलेरो में सवार लोगों की संख्या अभी तक साफ नहीं हो सकी है। बोलेरो जिगना थाना क्षेत्र के हाटा की बताई जा रही है। वहीं, हादसे में ट्रक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। आग तेज होने से रेस्क्यू प्रभावित हुआ है। सीएम योगी ने भी इस सड़क हादसे का संज्ञान लिया। उन्होंने अधिकारियों को रेस्क्यू में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मौके पर डीएम पवन कुमार गंगवार और एसपी अपर्णा रजत कौशिक मौजूद हैं। हादसे की 3 तस्वीरें… अब जानिए पूरी घटना मिर्जापुर-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रात साढ़े 9 बजे बड़का मोड़ से एक ट्रक चना लादकर जा रहा था। अचानक ट्रक के ब्रेक फेल हो गए। इसी बीच एक बोलेरो भी ढलान से नीचे उतर रही थी। तभी बेकाबू ट्रक ने बोलेरो को जोरदार टक्कर मार दी। इससे बोलेरो आगे चल रहे गिट्टी लदे ट्रक से जा भिड़ी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो में तुरंत आग लग गई। आग लगने से बोलेरो में सवार सभी यात्री अंदर ही फंस गए और जिंदा जल गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग तेजी से बचाव कार्य में जुट गए। लेकिन, तेज आग के कारण किसी को बचाया नहीं जा सका। घटना की सूचना मिलते ही एसपी अपर्णा रजत कौशिक, सीओ लालगंज अमर बहादुर और लालगंज और हलिया थाने की फोर्स भी मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया। फिलहाल, पुलिस शवों की शिनाख्त करने में जुटी है। मिर्जापुर सांसद अनुप्रिया पटेल ने हादसे पर दुख जताया ——————- यह खबर भी पढ़ें… ऐशान्या बोलीं- आतंकवाद जब तक जिंदा, इंसाफ अधूरा, पहलगाम में जिंदगीभर का दर्द मिला; पहली एनिवर्सरी तक नहीं मना पाई
पहलगाम आतंकी हमला आज से ठीक एक साल पहले 22 अप्रैल को हुआ था। आतंकियों ने नाम और मजहब पूछकर 26 लोगों की हत्या की थी। कानपुर के रहने वाले 30 साल के शुभम द्विवेदी को उनकी पत्नी ऐशान्या के सामने सिर में गोली मारी गई। दो महीने पहले ही शुभम-ऐशान्या की शादी हुई थी। पढ़ें पूरी खबर…
















































