बुरहानपुर नगर पालिका अध्यक्ष भारती विनोद पाटील ने साढ़े तीन साल पहले गठित प्रेसीडेंट-इन-काउंसिल (पीआईसी) को भंग कर दिया है। उन्होंने इस संबंध में नगर पालिका सीएमओ मोहन सिंह अलावा को एक पत्र सौंपा है। पत्र में अध्यक्ष ने कहा है कि नगर विकास की गति को बढ़ाने और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए नई पीआईसी का गठन करने का निर्णय लिया गया है। अध्यक्ष पाटील ने 26 अप्रैल की शाम को दिए गए पत्र में सीएमओ को सूचित किया कि उनके द्वारा गठित पीआईसी को तत्काल प्रभाव से भंग किया जा रहा है। यह पीआईसी नगर पालिका प्रशासन के राज्य शासन के नियमों के तहत गठित की गई थी, जिसका उद्देश्य परिषद में विकास कार्यों से संबंधित निर्णय लेना था। इस फैसले के पीछे अध्यक्ष भारती विनोद पाटील और उनकी ही पार्टी कांग्रेस के पार्षदों के बीच चल रहा विरोध भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। पिछले काफी समय से कांग्रेस के पार्षद अपनी ही अध्यक्ष का विरोध कर रहे थे। कुछ समय पहले नगर के चार वार्डों की महिला पार्षदों ने नगर पालिका कार्यालय के सामने 10 दिनों तक धरना प्रदर्शन किया था। उनका आरोप था कि उनके वार्डों में विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। बाद में नगर पालिका इंजीनियर ने लिखित में आश्वासन दिया था कि विकास कार्य कराए जाएंगे, जिसके बाद हाल ही में उन वार्डों में काम शुरू हुए हैं। हाल ही में हुई पीआईसी बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष ने बजट और 20 अन्य प्रस्तावों पर सभी सदस्यों की सहमति की बात कही थी। हालांकि, बाद में चार पार्षदों ने इस बात से पलटते हुए कहा था कि उन्होंने केवल बजट पर सहमति दी थी, अन्य प्रस्तावों पर नहीं। माना जा रहा है कि पार्षदों के इस पलटवार के कारण ही अध्यक्ष ने पीआईसी भंग करने का निर्णय लिया है। हालांकि, अध्यक्ष ने आधिकारिक तौर पर ‘शहर विकास की गति को बढ़ाने के लिए बदलाव’ को ही इसका कारण बताया है।
















































