सोमवार को ग्वालियर नगर निगम की परिषद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर सियासी हंगामा देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पार्षदों ने काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन किया, जबकि महापौर डॉ. शोभा सिंह सिकरवार सहित कांग्रेस के सभी पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। सदन में विरोध का अनोखा दृश्य दिखा। भाजपा की महिला पार्षद ने सभापति की कुर्सी पर बैठकर बैठक का संचालन किया। अन्य भाजपा पार्षद भी काले कपड़ों में मौजूद थे। यह विरोध प्रदर्शन नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक पत्र के बाद हुआ। भाजपा पार्षदों ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से संबंधित घटनाक्रम को लेकर निंदा प्रस्ताव पेश किया था। इसी प्रस्ताव के समर्थन में भाजपा ने यह विरोध जताया। पुरुष पार्षद काली टी-शर्ट और काली पट्टी बांधकर आए, जबकि महिला पार्षदों ने काली साड़ियां पहनीं। उनका कहना था कि यह मुद्दा महिलाओं के सम्मान और अस्मिता से जुड़ा है। इस पूरे घटनाक्रम का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू कांग्रेस का बहिष्कार रहा। महापौर डॉ. शोभा सिंह सिकरवार की कुर्सी खाली थी और कांग्रेस का कोई भी पार्षद बैठक में उपस्थित नहीं हुआ। कांग्रेस ने इस विशेष बैठक का पूरी तरह बहिष्कार कर भाजपा के प्रस्ताव का विरोध किया। पिछली बैठक में महापौर और कांग्रेस पार्षदों ने भारी हंगामा किया था। ऐसे में, जब भाजपा इस मुद्दे पर चर्चा करना चाहती थी, तब कांग्रेस की अनुपस्थिति को एक सियासी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। ग्वालियर नगर निगम में हुए इस घटनाक्रम ने शहर की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। भाजपा इस मुद्दे को महिला सम्मान से जोड़कर देख रही है, जबकि कांग्रेस का बहिष्कार दोनों पक्षों के बीच बढ़ती राजनीतिक दूरी को दर्शाता है। आशंका है कि आने वाले दिनों में यह टकराव और बढ़ सकता है, जिससे नगर निगम की कार्यप्रणाली भी प्रभावित हो सकती है।















































