बड़वानी जिले में एक अनोखी शादी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। मंगलवार रात 9 बजे शहर की वृंदावन कॉलोनी में सेन समाज के चचेरे भाई-बहन की वर निकासी बैलगाड़ी में निकाली गई। इस पारंपरिक अंदाज को देखकर शहरवासी और मेहमान हैरान रह गए। पुरानी परंपरा को याद दिलाते हुए दूल्हा घोड़ी, बग्गी या कार के बजाय बैलगाड़ी पर सवार होकर निकला। इस अनोखी वर निकासी को देखने के लिए सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बैलगाड़ी को बांस, फूल और आकर्षक रंगों से सजाया गया था। घोड़ी और डीजे से बनाई दूरी किसान श्री वास, जो दूल्हा बने थे, अपनी बहन के साथ एक ही दिन शादी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी वर निकासी में घोड़ी, बैंड-बाजे, डीजे या किसी आधुनिक साधन का उपयोग नहीं किया गया। इसके बजाय एक साधारण सजी हुई बैलगाड़ी पर ढोल बजाते हुए यह रस्म पूरी की गई। ये निमाड़ की पुरानी परंपरा रही है। सांस्कृतिक परंपरा को सहेजने की कोशिश इस दौरान रिश्तेदार, मेहमान और दोस्त नाचते-गाते हुए दूल्हे के साथ शामिल रहे। यह अनोखी वर निकासी शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए घर पहुंची। लोगों ने इस आयोजन को अपनी संस्कृति और पारंपरिक रीति-रिवाजों को याद दिलाने वाला बताया, खासकर ऐसे समय में जब लोग अपनी परंपराओं को भूलते जा रहे हैं।















































