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राष्ट्रपति ट्रम्प से खिंचाव, इटली की प्रधानमंत्री को सियासी फायदा:नाराजगी और आलोचना से मेलोनी की छवि मजबूत हुई; अब विपक्ष भी समर्थन में आया

राष्ट्रपति ट्रम्प से खिंचाव, इटली की प्रधानमंत्री को सियासी फायदा:नाराजगी और आलोचना से मेलोनी की छवि मजबूत हुई; अब विपक्ष भी समर्थन में आया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूसी मीडिया की तल्ख टिप्पणियों ने इटली की राजनीति को नया मोड़ दिया है। ये हमले प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (49) के लिए नुकसानदेह होने के बजाय उनकी ढाल बन गए हैं। जनता के बीच यह संदेश गया है कि उनकी सरकार विदेशी दबाव के आगे नहीं झुकती। इन बयानों के बाद मेलोनी की लोकप्रियता का ग्राफ फिर से ऊपर चढ़ रहा है, जिसने उनके धुर विरोधियों को भी राष्ट्रीय संप्रभुता के मुद्दे पर सरकार के समर्थन में खड़ा कर दिया है। ट्रम्प से टकराव इस बदलाव की शुरुआत बना। ट्रम्प ने हाल ही में पोप पर की गई अपनी टिप्पणी का विरोध करने पर मेलोनी के बयानों को ‘अस्वीकार्य’ बताया। उन्होंने यहां तक कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार है और मौका मिलने पर वह दो मिनट में इटली को उड़ा देगा। इसके जवाब में मेलोनी ने कहा कि उनकी सरकार किसी बाहरी दबाव में काम नहीं करती, न कोई मालिक है और न कोई आदेश देने वाला। दूसरी तरफ, रूसी टीवी विश्लेषक व्लादिमीर सोलोव्योव ने अपमानजनक टिप्पणी करते हुए मेलोनी को यूक्रेन समर्थक और ट्रम्प से दूरी को विश्वासघात बताया। बयान के बाद इटली सरकार ने रूसी राजदूत को तलब कर विरोध दर्ज कराया। खास बात यह रही कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला और विपक्षी नेता एली श्लाइन भी सरकार के समर्थन में सामने आए। इससे घरेलू राजनीति में एकजुटता का संदेश गया। इन घटनाओं के बीच मेलोनी ने अपने फैसलों से यह संकेत देने की कोशिश की कि उनकी सरकार स्वतंत्र नीति पर चल रही है। उन्होंने इजराइल के साथ रक्षा समझौते के स्वतः नवीनीकरण को रोकने का फैसला किया और स्पष्ट कहा कि जहां मतभेद होंगे, वहां उसी के अनुसार कदम उठाया जाएगा। यह रुख घरेलू स्तर पर असरदार रहा। पहले जहां ट्रम्प से नजदीकी को लेकर उनकी आलोचना हो रही थी, वहीं अब यह धारणा बनी कि वे दबाव में नहीं झुकतीं। जनमत सर्वेक्षणों में गिरावट के बाद उनकी लोकप्रियता फिर से पुराने स्तर के करीब पहुंचती दिख रही है। माइकल जैक्सन के गाने समझ अंग्रेजी भाषा सीखी थी मेलोनी के बचपन से जुड़े कई किस्से हैं। 1992 में इटली में माफिया द्वारा जज बोरसेलिनो की हत्या ने 15 साल की मेलोनी को झकझोर दिया था। उसी गुस्से में वह सीधे दक्षिणपंथी पार्टी यूथ फ्रंट के दफ्तर पहुंचीं और राजनीति जॉइन की। यही नहीं, माइकल जैक्सन के गाने समझ अंग्रेजी भाषा सीखी। तनाव के समय बेटी के साथ डांस करना और 27 साल से एक ही फोन नंबर रखना उन्हें जमीन से जोड़े रखता है।

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राष्ट्रपति ट्रम्प से खिंचाव, इटली की प्रधानमंत्री को सियासी फायदा:नाराजगी और आलोचना से मेलोनी की छवि मजबूत हुई; अब विपक्ष भी समर्थन में आया

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूसी मीडिया की तल्ख टिप्पणियों ने इटली की राजनीति को नया मोड़ दिया है। ये हमले प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (49) के लिए नुकसानदेह होने के बजाय उनकी ढाल बन गए हैं। जनता के बीच यह संदेश गया है कि उनकी सरकार विदेशी दबाव के आगे नहीं झुकती। इन बयानों के बाद मेलोनी की लोकप्रियता का ग्राफ फिर से ऊपर चढ़ रहा है, जिसने उनके धुर विरोधियों को भी राष्ट्रीय संप्रभुता के मुद्दे पर सरकार के समर्थन में खड़ा कर दिया है। ट्रम्प से टकराव इस बदलाव की शुरुआत बना। ट्रम्प ने हाल ही में पोप पर की गई अपनी टिप्पणी का विरोध करने पर मेलोनी के बयानों को ‘अस्वीकार्य’ बताया। उन्होंने यहां तक कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार है और मौका मिलने पर वह दो मिनट में इटली को उड़ा देगा। इसके जवाब में मेलोनी ने कहा कि उनकी सरकार किसी बाहरी दबाव में काम नहीं करती, न कोई मालिक है और न कोई आदेश देने वाला। दूसरी तरफ, रूसी टीवी विश्लेषक व्लादिमीर सोलोव्योव ने अपमानजनक टिप्पणी करते हुए मेलोनी को यूक्रेन समर्थक और ट्रम्प से दूरी को विश्वासघात बताया। बयान के बाद इटली सरकार ने रूसी राजदूत को तलब कर विरोध दर्ज कराया। खास बात यह रही कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला और विपक्षी नेता एली श्लाइन भी सरकार के समर्थन में सामने आए। इससे घरेलू राजनीति में एकजुटता का संदेश गया। इन घटनाओं के बीच मेलोनी ने अपने फैसलों से यह संकेत देने की कोशिश की कि उनकी सरकार स्वतंत्र नीति पर चल रही है। उन्होंने इजराइल के साथ रक्षा समझौते के स्वतः नवीनीकरण को रोकने का फैसला किया और स्पष्ट कहा कि जहां मतभेद होंगे, वहां उसी के अनुसार कदम उठाया जाएगा। यह रुख घरेलू स्तर पर असरदार रहा। पहले जहां ट्रम्प से नजदीकी को लेकर उनकी आलोचना हो रही थी, वहीं अब यह धारणा बनी कि वे दबाव में नहीं झुकतीं। जनमत सर्वेक्षणों में गिरावट के बाद उनकी लोकप्रियता फिर से पुराने स्तर के करीब पहुंचती दिख रही है। माइकल जैक्सन के गाने समझ अंग्रेजी भाषा सीखी थी मेलोनी के बचपन से जुड़े कई किस्से हैं। 1992 में इटली में माफिया द्वारा जज बोरसेलिनो की हत्या ने 15 साल की मेलोनी को झकझोर दिया था। उसी गुस्से में वह सीधे दक्षिणपंथी पार्टी यूथ फ्रंट के दफ्तर पहुंचीं और राजनीति जॉइन की। यही नहीं, माइकल जैक्सन के गाने समझ अंग्रेजी भाषा सीखी। तनाव के समय बेटी के साथ डांस करना और 27 साल से एक ही फोन नंबर रखना उन्हें जमीन से जोड़े रखता है।

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