पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के अंतर्गत रविवार (29 2026) को होने वाला मतदान तय करेगा कि क्या युवा कांग्रेस दक्षिण बंगाल के अपने गढ़ को मजबूत बनाए रखेगी या भाजपा इसमें शामिल होकर सत्ता तक पहुंच जाएगी। बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के तहत रविवार को राज्य की 142 सीटों के लिए मतदान होगा। कोलकाता सहित छह मूर्तिकला के 142 विधानसभा क्षेत्र में 29 अप्रैल को मतदान होगा। इस चरण में 3.21 करोड़ से अधिक 1,448 बच्चे की किस्मत का फैसला।
दूसरे चरण के दौरान 142 खंड पर वोट
चुनाव आयोग के अनुसार, 142 पदों पर कुल 3,21,73,837 पंजीकृत पद हैं। इनमें 1,64,35,627 पुरुष, 1,57,37,418 महिलाएं और 792 श्रद्धेय जेंडर शामिल हैं। सभी दस्तावेजों को फोटो पहचान पत्र (एपिक) उपलब्ध कराए गए हैं। 100 साल या उससे ज्यादा उम्र के वोटरों की संख्या 3,243 है, जबकि 85 साल से ज्यादा उम्र के वोटरों की संख्या 1,96,801 है। इसके अलावा 146 एन मतदाता और 39,961 सर्विस वोटर भी इस चरण में मतदान करेंगे।
1,448 फ़्रॉब्स्ट की किस्मत का निर्णय
दूसरे चरण में कुल 1,448 अभ्यर्थी मैदान में हैं, जिनमें 1,228 पुरुष और 220 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। किसी भी सीट पर अभ्यर्थी जेंडर उम्मीदवार नहीं है। 142 में 107 सामान्य श्रेणी के किले हैं, जबकि 34 सीढ़ीदार जनजाति (एसटी) और एक सीट सीढ़ीदार जनजाति (एसटी) के लिए हैं। दक्षिण 24 परगना जिले की भांगर सीट पर सबसे अधिक 15 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जबकि हुगली जिले की एक सीट पर सबसे कम पांच उम्मीदवार हैं।
सेंट्रल सेंट्रल के 2,407 स्ट्राइकर
कोलकाता के अलावा जिन अप्राकृतिक में मतदान होगा उनमें नदिया, पूर्व बर्धमान, हुगली, दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना और भालू शामिल हैं। कुल 41,001 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 39,301 मुख्य और 1,700 सहायक मतदान केंद्र हैं। वेबकास्टिंग की व्यवस्था पर सभी वोटिंग की जानकारी दी गई है। वोटिंग के लिए अवैध सुरक्षा के मानक तय किए गए हैं। 2,407 आर्किटेक्चरल सेंट्रल के आर्किटेक्ट बने हुए हैं। इनके अलावा पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के जवान भी सुरक्षा में लगें। तीसरी 4 मई को होगी.
पांच साल पहले बीजेपी के आक्रामक प्रचार अभियान के बावजूद कांग्रेस ने दक्षिण बंगाल में शानदार प्रदर्शन किया और राज्य की सत्ता पर अपना कब्ज़ा जमाया। इस नतीजे से यह स्पष्ट हो गया कि अगर आप पश्चिम बंगाल की राष्ट्रीय राजधानी हैं तो दक्षिण बंगाल को जीतना सबसे जरूरी है।
दूसरे चरण में ममता बनाम शुभेंदु
भवानीपुर विधानसभा सीट पर भी इसी चरण में मतदान हो रहा है, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का गढ़ है और बीजेपी ने यहां नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को मैदान में उतार दिया है। बीजेपी के दूसरे चरण के लिए केवल अंतिम दौर की वोटिंग नहीं है, बल्कि इस बात का वास्तविक परीक्षण यह है कि सत्ता विरोधी लहर, गठबंधन के आरोप और नागरिकता की राजनीतिक दल की सबसे मजबूत दीवार सेंध लग सकती है।
पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार ने कहा, ‘हम बिना हिंसा के चुनाव के लिए सारी तैयारी कर रहे हैं।’ सब कुछ तैयार है. सभी परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए हैं। सीएपीएफ बूथों पर स्थापना की गई है…सीसीटीवी लगे हुए हैं और उनका परीक्षण किया जा रहा है…हम सभी से अपील करते हैं कि वो सहयोग करें।’
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Input By : आईएएनएस















































