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Mistakes While Drinking Water: गर्मी के मौसम में सिर्फ पानी पीना ही काफी नहीं है, बल्कि आपका तरीका भी मायने रखता है. जानें पानी पीने से जुड़ी उन 5 बड़ी गलतियों के बारे में, जो आपकी सेहत और पाचन बिगाड़ सकती हैं.
Common water drinking mistakes : पानी तो सभी पीते हैं, लेकिन इसे पीने का तरीका आपके शरीर के कामकाज में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अक्सर लोग केवल पानी की “सही मात्रा” पर ध्यान देते हैं, लेकिन समय, पानी पीने की गति और आपका पोश्चर जैसे अन्य कारकों को नजरअंदाज कर देते हैं। पानी बहुत तेजी से पीना, इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी और प्यास लगने तक इंतजार करना जैसी गलतियां हाइड्रेशन की प्रभावशीलता को कम कर सकती हैं.

क्यों जरूरी है सही तरीका? दरअसल, आपका हाइड्रेशन लेवल सीधे तौर पर आपकी एनर्जी, डाइजेशन और ओवरऑल कम्फर्ट से जुड़ा है. जब शरीर सही तरह से हाइड्रेटेड नहीं होता, तो थकान और सुस्ती महसूस होना आम है. अपनी डेली रूटीन में थोड़े से ‘स्मार्ट’ बदलाव करके आप न केवल अपनी आदतों को सुधार सकते हैं, बल्कि खुद को पहले से कहीं ज्यादा एक्टिव और हेल्दी महसूस करा सकते हैं.

‘सिपिंग’ शुरू करें- ज्यादातर लोगों को लगता है कि एक साथ ढेर सारा पानी पीने से वे जल्दी हाइड्रेट हो जाएंगे, लेकिन यह एक मिथ है. हकीकत यह है कि शरीर एक बार में बहुत ज्यादा पानी एब्जॉर्ब नहीं कर पाता और वह बिना किसी फायदे के सिस्टम से बाहर निकल जाता है. इसका सही और ‘प्रो’ तरीका यह है कि पूरे दिन छोटे-छोटे घूँट (sips) लेकर पानी पिएं ताकि शरीर उसे ढंग से इस्तेमाल कर सके.
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कब पीना है सबसे जरूरी? इर्रेगुलर तरीके से पानी पीने से शरीर ‘डिहाइड्रेशन मोड’ में चला जाता है, जिससे फोकस की कमी और थकान होती है. हाइड्रेशन में टाइमिंग बहुत बड़ा रोल प्ले करती है. सुबह उठने के बाद, मील (meal) से पहले और बाद में, और वर्कआउट के बाद पानी पीना आपके एनर्जी लेवल को कंसिस्टेंट रखता है और शरीर का बैलेंस बनाए रखता है.

खाने के साथ ‘नो वॉटर’ जोन- भोजन के दौरान बहुत अधिक पानी पीना आपके पेट के एसिड्स और एंजाइम्स को ‘डाइल्यूट’ कर सकता है, जो डाइजेशन के लिए सही नहीं है. इससे अक्सर ब्लोटिंग या भारीपन महसूस होता है. एक्सपर्ट्स की मानें तो खाने के दौरान सिर्फ एक-दो घूँट ही पिएं और पानी की असली मात्रा को मील से पहले या करीब 30 मिनट बाद के लिए बचाकर रखें.

सिर्फ पानी काफी नहीं, इलेक्ट्रोलाइट्स भी हैं मस्ट- खासकर गर्मियों में या इंटेंस वर्कआउट के दौरान, पसीने के जरिए शरीर से सोडियम जैसे मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं. ऐसे में सिर्फ सादा पानी पीने से शरीर का बैलेंस वापस नहीं आता और आप थका हुआ महसूस करते हैं. इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने के लिए नींबू-पानी या नारियल पानी जैसे नेचुरल ड्रिंक्स को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं.

चिल्ड वॉटर सेहत के लिए खतरा? टीओटी की खबर के मुताबिक, बर्फ जैसा ठंडा पानी पीने में तो रिफ्रेशिंग लगता है, लेकिन यह डाइजेशन को स्लो कर सकता है. खाली पेट या खाने के साथ ‘आइस-कोल्ड’ वॉटर पीना बेस्ट ऑप्शन नहीं है. इसके बजाय रूम टेम्परेचर या हल्का ठंडा पानी पिएं, क्योंकि हमारा शरीर इसे ज्यादा आसानी से एब्जॉर्ब करता है और यह पेट के लिए भी आरामदायक होता है.

प्यास का इंतजार करना है आपकी सबसे बड़ी भूल- जब आपको प्यास लगती है, तो असल में वह इस बात का सिग्नल है कि आपका शरीर पहले ही डिहाइड्रेटेड हो चुका है. प्यास लगने पर पानी पीने से आपकी हाइड्रेशन साइकिल अनइवेन हो जाती है. इसलिए प्यास का वेट न करें, बल्कि एक कंसिस्टेंट रूटीन बनाएं ताकि शरीर में पानी का लेवल हमेशा स्टेबल रहे.

बोतल को बनाएं अपना बेस्ट फ्रेंड- अक्सर बिजी शेड्यूल के चक्कर में हम पानी पीना ही भूल जाते हैं. इसका सबसे आसान सॉल्यूशन यह है कि पानी की बोतल को हमेशा अपनी नजरों के सामने रखें. चाहे ऑफिस हो, ट्रैवलिंग या जिम, पास में बोतल होने से आपको बार-बार याद दिलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और आप बिना ज्यादा सोचे हाइड्रेटेड रहेंगे. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
















































