बड़वानी। किसानों की समस्याओं और चुनाव पूर्व किए गए वादों को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। इसके तहत, 7 मई को प्रदेश के 7 प्रमुख स्थानों पर नेशनल हाईवे जाम किया जाएगा। इस आंदोलन की शुरुआत बड़वानी जिले से होगी। जिला कांग्रेस अध्यक्ष नानेश चौधरी ने शुक्रवार को मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। रणनीति के अनुसार, मुरैना, ग्वालियर, शाजापुर, इंदौर, खलघाट और बड़वानी के सेंधवा सहित नेशनल हाईवे से जुड़े प्रमुख स्थानों पर चक्काजाम किया जाएगा। किसानों की लगातार मिल रही समस्याओं को देखते हुए कार्यक्रम संचालन के लिए वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। बैठक में पूर्व गृहमंत्री और राजपुर विधायक बाला बच्चन भी शामिल हुए थे, जिन्होंने आंदोलन की रूपरेखा पर विचार साझा किए। नेशनल हाईवे से सटे जिलों के विधायक, विधानसभा प्रत्याशी और लोकसभा प्रत्याशियों को इस आंदोलन को सफल बनाने की कमान सौंपी गई है। नानेश चौधरी ने बताया कि आंदोलन की तैयारियों के लिए विधानसभा और ब्लॉक स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी। जिला प्रभारी और एआईसीसी प्रभारी गांव-गांव जाकर व्यापक जनसंपर्क करेंगे। कांग्रेस का कहना है कि सरकार को चुनाव पूर्व किए गए वादों की याद दिलाने के लिए जनता के साथ खड़ा रहना आवश्यक है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष नानेश चौधरी ने मध्य प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकारों पर किसानों के साथ नाइंसाफी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश से हैं, फिर भी राज्य के किसानों के साथ सबसे अधिक अन्याय हो रहा है। चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि किसानों के साथ हो रही नाइंसाफी को तुरंत नहीं रोका गया, तो कांग्रेस 7 मई को आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे को जाम करने में किसानों के साथ मैदान में उतरेगी। सरकार ने नहीं निभाया वादा जिला अध्यक्ष ने कहा राज्य सरकार सिर्फ विज्ञापनों के जरिए किसान कल्याण वर्ष (2026) मना रही है, जबकि असलियत यह है कि किसान भारी कर्ज में डूबे हुए हैं और अपनी उपज का सही दाम पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ”मोहन यादव सरकार ने गेहूं के लिए 2,700 रुपए प्रति क्विंटल MSP का वादा किया था। लेकिन किसानों को 1,800 रुपए से 2,200 रुपए प्रति क्विंटल तक का रेट मिल रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दावा करते हैं कि उन्होंने अपने लंबे शासन के दौरान मध्य प्रदेश में किसानों की इनकम आठ गुना बढ़ाई है, लेकिन उनके होम डिस्ट्रिक्ट सीहोर में किसानों की बुरी हालत ने इन दावों की पोल खोल दी है।”














































