Friday, 01 May 2026 | 03:02 PM

Trending :

दही के शोले रेसिपी: 500 रुपये नहीं सिर्फ 50 रुपये में मांगी गई ब्रेड से लेकर दही के शोले जैसे होटल, जानें आसान रेसिपी छतरपुर में करंट से चार जानवरों की मौत:11 केवी लाइन टूटी, बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप दूसरी प्रेग्नेंसी के बीच शूटिंग करती दिखीं दीपिका पादुकोण:केपटाउन में दीपिका का हाथ पकड़े नजर आए शाहरुख; फिल्म 'किंग' के फोटो लीक ‘उन्हें कड़ी निगरानी में रखा जा रहा है’: सुवेंदु का दावा है कि चुनाव नतीजों से पहले ममता पर नजर रखी जा रही है | भारत समाचार 06 वारंटी गिरफ्तार, 3 इनामी आरोपी पकड़े गए:मंदसौर में रातभर सर्च ऑपरेशन, अवैध शराब भी जब्त शराब पीने के बाद क्या कफ सिरप लेने से मौत हो जाती है? 42 वर्षीय युवक की सांसें थमने के बाद कार्डियोलॉजिस्ट ने दी चेतावनी
EXCLUSIVE

शंकर जी का प्रिय धतूरा सिर्फ पूजा नहीं, कई बीमारियों का रामबाण इलाज, जानिए फायदे

धतूरा का पौधा

Last Updated:

Datura Plant benefits: धार्मिक मान्यताओं में भगवान शिव को धतूरा का फूल और फल बेहद प्रिय माना जाता है. मंदिरों में पूजा के दौरान भक्त शिवलिंग पर धतूरा चढ़ाते हैं. मगर, क्या आप जानते हैं कि यह पौधा सिर्फ धार्मिक महत्व ही नहीं रखता, बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर है. आयुर्वेद में धतूरा का उपयोग कई प्रकार की बीमारियों के इलाज में किया जाता रहा है.

आयुर्वेद में धतूरा को एक प्रभावशाली औषधीय पौधे के रूप में माना गया है. जमुना प्रसाद यादव के अनुसार, इसमें दर्द निवारक (Pain Relief), सूजन कम करने (Anti-inflammatory) और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो कई प्रकार की बीमारियों में लाभ पहुंचाते हैं. प्राचीन समय से वैद्य धतूरा का उपयोग विभिन्न रोगों के इलाज में करते आ रहे हैं. खासकर जोड़ों के दर्द, त्वचा रोग, सूजन और सांस से जुड़ी समस्याओं में इसका इस्तेमाल किया जाता रहा है. इसके पत्तों का लेप दर्द और सूजन में राहत देने के लिए लगाया जाता है, जबकि कुछ पारंपरिक उपचारों में इसके बीज और फूलों का भी उपयोग होता है.

धतूरा का पौधा

धतूरा का उपयोग त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं में पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है. इसके पत्तों या बीजों से बना लेप फोड़े-फुंसी, खुजली और दाद जैसी परेशानियों में राहत देने में मदद करता है. इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण त्वचा के संक्रमण को कम करने और घाव को जल्दी भरने में सहायक माने जाते हैं. ग्रामीण इलाकों में लोग इसे घरेलू उपचार के रूप में अपनाते हैं. हालांकि, धतूरा जहरीला होता है, इसलिए इसका उपयोग बहुत सावधानी से और सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. बेहतर है कि किसी विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही इसका प्रयोग करें.

धतूरा का पौधा

जमुना प्रसाद यादव बताते हैं कि धतूरा के पत्ते जोड़ों के दर्द में राहत देने के लिए पुराने समय से उपयोग किए जाता हैं. इसके पत्तों को हल्का गर्म करके दर्द वाली जगह पर बांधने से सूजन कम होती है और दर्द में आराम मिलता है. ग्रामीण इलाकों में यह आसान और असरदार घरेलू उपाय काफी लोकप्रिय है. धतूरा के पत्तों में मौजूद प्राकृतिक गुण शरीर को राहत पहुंचाते हैं. हालांकि, इसका उपयोग करते समय सावधानी जरूरी है, क्योंकि यह पौधा जहरीला भी होता है. इसलिए इसका प्रयोग करने से पहले किसी वैद्य या डॉक्टर से सलाह जरूर लें और सीमित मात्रा में ही प्रयोग करना चाहिए.

Add News18 as
Preferred Source on Google

धतूरा का पौधा

धतूरा एक जंगली पौधा है, जो आमतौर पर खेतों, सड़कों के किनारे और खाली जगहों पर आसानी से उग जाता है. यह पौधा बिना ज्यादा देखभाल के भी तेजी से बढ़ता है, इसलिए ग्रामीण इलाकों में यह अक्सर खुद-ब-खुद दिखाई दे जाता है. लोकल 18 से बातचीत के दौरान वैद्य जमुना प्रसाद यादव बताते हैं कि धतूरा के फूल सफेद या बैंगनी रंग के होते हैं, जो देखने में काफी आकर्षक लगते हैं. इसका फल गोल और कांटेदार होता है, जिसके अंदर छोटे-छोटे बीज पाए जाते हैं.

धतूरा का पौधा

धतूरा में प्राकृतिक दर्द निवारक गुण पाए जाते हैं, जिनकी वजह से इसे पारंपरिक उपचार में उपयोग किया जाता रहा है. सिर दर्द, मांसपेशियों के दर्द और चोट लगने पर इसके पत्तों का लेप लगाने से आराम मिलने की बात कही जाती है. यह दर्द और सूजन को कम करने में मदद करता है, जिससे शरीर को राहत मिलती है. ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इसे एक आसान घरेलू उपाय के रूप में अपनाते हैं. हालांकि, धतूरा जहरीला होता है, इसलिए इसका इस्तेमाल बहुत सावधानी से और सीमित मात्रा में ही करना चाहिए.

धतूरा का पौधा

धतूरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की सूजन को कम करने में मदद करते हैं. इसके पत्तों का लेप या हल्का गर्म करके लगाने से प्रभावित जगह पर राहत मिल सकती है. खासकर चोट, मोच या जोड़ों की सूजन में इसे पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाता रहा है. यह सूजन के साथ-साथ दर्द को भी कम करने में सहायक माना जाता है. हालांकि, धतूरा जहरीला पौधा है, इसलिए इसका प्रयोग सावधानी से और सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, बेहतर होगा कि किसी विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही इसका उपयोग करें.

धतूरा का पौधा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान जब विष निकला, तो भगवान शिव ने उसे ग्रहण किया था. मान्यता है कि उस विष के प्रभाव को कम करने में धतूरा का उपयोग किया गया. इसी वजह से धतूरा भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है और पूजा-पाठ में विशेष रूप से अर्पित किया जाता है. सावन और महाशिवरात्रि जैसे अवसरों पर भक्त शिवलिंग पर धतूरा चढ़ाकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं और इसे पवित्र व शुभ मानते हैं.

धतूरा का पौधा

धतूरा का उपयोग आयुर्वेद में सांस से जुड़ी समस्याओं, खासकर अस्थमा में पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है. पुराने समय में इसके सूखे पत्तों का धुआं लेने से सांस की तकलीफ में राहत मिलने की बात कही जाती थी. माना जाता है कि इसमें मौजूद कुछ तत्व श्वसन मार्ग को खोलने में मदद करते हैं. हालांकि, यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि धतूरा जहरीला पौधा है. इसलिए बिना किसी विशेषज्ञ या आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह के इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए. वरना नुकसान भी हो सकता है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
बैंक मीटिंग में सीईओ नहीं, बोल रहा था AI क्लोन:अमेरिकी बैंक के तिमाही नतीजों की बैठक में आधे घंटे बाद हुआ खुलासा, दुनिया हैरान

April 29, 2026/
5:10 pm

कल्पना करें कि आप किसी से आधे घंटे बात कर लें और फिर पता चले कि सामने इंसान था ही...

The United States and Israel launched a joint large-scale military offensive against Iran on February 28. (File pic/AFP)

March 16, 2026/
12:24 pm

आखरी अपडेट:मार्च 16, 2026, 12:24 IST सपा नेता ने मौजूदा एलपीजी संकट पर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि...

सिंहस्थ क्षेत्र में अवैध निर्माण पर निगम की कार्रवाई:चार मकान तोड़े, तीन को खाली करने के लिए दो दिन का समय

April 21, 2026/
10:38 am

उज्जैन में आगामी सिंहस्थ 2028 को देखते हुए नगर निगम ने प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध निर्माण पर कार्रवाई की। मंगलवार...

India Can Buy Russian Crude Oil

March 7, 2026/
4:00 am

नई दिल्ली3 दिन पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर गैस सिलेंडर से जुड़ी रही। केंद्र सरकार ने घरेलू गैस...

Ramayana teaser features Ranbir Kapoor, Sai Pallavi, Yash and others.

April 2, 2026/
1:06 pm

आखरी अपडेट:02 अप्रैल, 2026, 13:06 IST तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इरोड रैली में भाजपा की डबल इंजन सरकार...

राजनीति

शंकर जी का प्रिय धतूरा सिर्फ पूजा नहीं, कई बीमारियों का रामबाण इलाज, जानिए फायदे

धतूरा का पौधा

Last Updated:

Datura Plant benefits: धार्मिक मान्यताओं में भगवान शिव को धतूरा का फूल और फल बेहद प्रिय माना जाता है. मंदिरों में पूजा के दौरान भक्त शिवलिंग पर धतूरा चढ़ाते हैं. मगर, क्या आप जानते हैं कि यह पौधा सिर्फ धार्मिक महत्व ही नहीं रखता, बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर है. आयुर्वेद में धतूरा का उपयोग कई प्रकार की बीमारियों के इलाज में किया जाता रहा है.

आयुर्वेद में धतूरा को एक प्रभावशाली औषधीय पौधे के रूप में माना गया है. जमुना प्रसाद यादव के अनुसार, इसमें दर्द निवारक (Pain Relief), सूजन कम करने (Anti-inflammatory) और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो कई प्रकार की बीमारियों में लाभ पहुंचाते हैं. प्राचीन समय से वैद्य धतूरा का उपयोग विभिन्न रोगों के इलाज में करते आ रहे हैं. खासकर जोड़ों के दर्द, त्वचा रोग, सूजन और सांस से जुड़ी समस्याओं में इसका इस्तेमाल किया जाता रहा है. इसके पत्तों का लेप दर्द और सूजन में राहत देने के लिए लगाया जाता है, जबकि कुछ पारंपरिक उपचारों में इसके बीज और फूलों का भी उपयोग होता है.

धतूरा का पौधा

धतूरा का उपयोग त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं में पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है. इसके पत्तों या बीजों से बना लेप फोड़े-फुंसी, खुजली और दाद जैसी परेशानियों में राहत देने में मदद करता है. इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण त्वचा के संक्रमण को कम करने और घाव को जल्दी भरने में सहायक माने जाते हैं. ग्रामीण इलाकों में लोग इसे घरेलू उपचार के रूप में अपनाते हैं. हालांकि, धतूरा जहरीला होता है, इसलिए इसका उपयोग बहुत सावधानी से और सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. बेहतर है कि किसी विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही इसका प्रयोग करें.

धतूरा का पौधा

जमुना प्रसाद यादव बताते हैं कि धतूरा के पत्ते जोड़ों के दर्द में राहत देने के लिए पुराने समय से उपयोग किए जाता हैं. इसके पत्तों को हल्का गर्म करके दर्द वाली जगह पर बांधने से सूजन कम होती है और दर्द में आराम मिलता है. ग्रामीण इलाकों में यह आसान और असरदार घरेलू उपाय काफी लोकप्रिय है. धतूरा के पत्तों में मौजूद प्राकृतिक गुण शरीर को राहत पहुंचाते हैं. हालांकि, इसका उपयोग करते समय सावधानी जरूरी है, क्योंकि यह पौधा जहरीला भी होता है. इसलिए इसका प्रयोग करने से पहले किसी वैद्य या डॉक्टर से सलाह जरूर लें और सीमित मात्रा में ही प्रयोग करना चाहिए.

Add News18 as
Preferred Source on Google

धतूरा का पौधा

धतूरा एक जंगली पौधा है, जो आमतौर पर खेतों, सड़कों के किनारे और खाली जगहों पर आसानी से उग जाता है. यह पौधा बिना ज्यादा देखभाल के भी तेजी से बढ़ता है, इसलिए ग्रामीण इलाकों में यह अक्सर खुद-ब-खुद दिखाई दे जाता है. लोकल 18 से बातचीत के दौरान वैद्य जमुना प्रसाद यादव बताते हैं कि धतूरा के फूल सफेद या बैंगनी रंग के होते हैं, जो देखने में काफी आकर्षक लगते हैं. इसका फल गोल और कांटेदार होता है, जिसके अंदर छोटे-छोटे बीज पाए जाते हैं.

धतूरा का पौधा

धतूरा में प्राकृतिक दर्द निवारक गुण पाए जाते हैं, जिनकी वजह से इसे पारंपरिक उपचार में उपयोग किया जाता रहा है. सिर दर्द, मांसपेशियों के दर्द और चोट लगने पर इसके पत्तों का लेप लगाने से आराम मिलने की बात कही जाती है. यह दर्द और सूजन को कम करने में मदद करता है, जिससे शरीर को राहत मिलती है. ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इसे एक आसान घरेलू उपाय के रूप में अपनाते हैं. हालांकि, धतूरा जहरीला होता है, इसलिए इसका इस्तेमाल बहुत सावधानी से और सीमित मात्रा में ही करना चाहिए.

धतूरा का पौधा

धतूरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की सूजन को कम करने में मदद करते हैं. इसके पत्तों का लेप या हल्का गर्म करके लगाने से प्रभावित जगह पर राहत मिल सकती है. खासकर चोट, मोच या जोड़ों की सूजन में इसे पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाता रहा है. यह सूजन के साथ-साथ दर्द को भी कम करने में सहायक माना जाता है. हालांकि, धतूरा जहरीला पौधा है, इसलिए इसका प्रयोग सावधानी से और सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, बेहतर होगा कि किसी विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही इसका उपयोग करें.

धतूरा का पौधा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान जब विष निकला, तो भगवान शिव ने उसे ग्रहण किया था. मान्यता है कि उस विष के प्रभाव को कम करने में धतूरा का उपयोग किया गया. इसी वजह से धतूरा भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है और पूजा-पाठ में विशेष रूप से अर्पित किया जाता है. सावन और महाशिवरात्रि जैसे अवसरों पर भक्त शिवलिंग पर धतूरा चढ़ाकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं और इसे पवित्र व शुभ मानते हैं.

धतूरा का पौधा

धतूरा का उपयोग आयुर्वेद में सांस से जुड़ी समस्याओं, खासकर अस्थमा में पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है. पुराने समय में इसके सूखे पत्तों का धुआं लेने से सांस की तकलीफ में राहत मिलने की बात कही जाती थी. माना जाता है कि इसमें मौजूद कुछ तत्व श्वसन मार्ग को खोलने में मदद करते हैं. हालांकि, यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि धतूरा जहरीला पौधा है. इसलिए बिना किसी विशेषज्ञ या आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह के इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए. वरना नुकसान भी हो सकता है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.