Friday, 19 Jun 2026 | 10:02 PM

Trending :

‘ये तो सिर्फ ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है’: एकनाथ शिंदे ने और अधिक सेना यूबीटी के दल-बदल के संकेत दिए | भारत समाचार सरकार अपना काम कर रही है, विपक्ष को मंदिर विवाद का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए: आनंद रंगनाथन | न्यूज18 ट्रम्प बोले-मेलानी मेरे साथ फोटो खिंचाने के लिए बेताब थीं:इटली PM का जवाब- उनकी कहानी झूठी, विदेश मंत्री ने US दौरा रद्द किया कर्नाटक-आंध्र स्टार्टअप विवाद: भूमि विवाद के बीच नारा लोकेश ने सैटेलाइट संस्थापक को आमंत्रित किया | #ब्रासस्टैक्स नेटफ्लिक्स पर आएगा समय रैना का विवादित शो:फ्लॉप शोज के बीच क्या अस्तित्व बचाने के लिए विवादित शोज का सहारा; लॉकअप-2 जैसे शो ला चुका नेटफ्लिक्स पर आएगा समय रैना का विवादित शो:फ्लॉप शोज के बीच क्या अस्तित्व बचाने के लिए विवादित शोज का सहारा; लॉकअप-2 जैसे शो ला चुका
EXCLUSIVE

सेहत का विज्ञान- शाकाहारियों को B12 डेफिशिएंसी का रिस्क:दूध-दही खाएं, विटामिन D के लिए डेली धूप लें, जानें कब सप्लीमेंट जरूरी

सेहत का विज्ञान- शाकाहारियों को B12 डेफिशिएंसी का रिस्क:दूध-दही खाएं, विटामिन D के लिए डेली धूप लें, जानें कब सप्लीमेंट जरूरी

आजकल बिना किसी बड़ी बीमारी के भी लोगों में थकान, कमजोरी और बॉडी पेन जैसी शिकायतें कॉमन हो गई हैं। इसकी बड़ी वजह विटामिन D और B12 की कमी हो सकती है। बदलती लाइफस्टाइल, धूप में कम समय बिताना और डाइट में कमी के कारण ये दोनों न्यूट्रिएंट्स शरीर में धीरे-धीरे घटने लगते हैं। वेजिटेरियन लोगों में आमतौर पर B12 की कमी पाई ही जाती है। ऐसे में जानते हैं इसके लक्षण, सही स्तर, डाइट और कब सप्लीमेंट लेना जरूरी है। डेफिशिएंसी होने पर धूप में बैठें और डाइट में बदलाव करें विटामिन B12 की कमी शाकाहारी लोगों में ज्यादा होती है क्योंकि यह मुख्य रूप से मांस, मछली, अंडे और डेयरी में मिलता है। इसे पूरा करने के लिए दूध, दही, पनीर, चीज खाएं। अगर अंडे खाते हैं तो भोजन में शामिल करें। अगर गंभीर रूप से कमी है तो डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लें। विटामिन D की पूर्ति के लिए सबसे जरूरी सोर्स धूप है। इसलिए रोज थोड़ी देर धूप लें। गंभीर लक्षण और कब सप्लीमेंट लेना जरूरी विटामिन D की कमी से बहुत ज्यादा थकान, मूड खराब, शरीर दर्द और मांसपेशियों की कमजोरी हो सकती है। गंभीर होने पर हड्डियों की समस्या भी हो सकती है। विटामिन B12 डेफिशिएंसी में कमजोरी, ध्यान की कमी और हाथ-पैर में झनझनाहट होती है। अगर सुन्नपन, संतुलन की दिक्कत या खून की जांच में कमी साबित हो जाए या शरीर पोषक तत्व सही से न सोख पाएं, तो डाइट काफी नहीं होती। डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट या इंजेक्शन लेना पड़ सकता है। सामान्य, कमी और जोखिम वाले स्तर विटामिन D अगर 12 ng/mL से कम हो तो डेफिशिएंसी मानी जाती है। 20–50 ng/mL को आमतौर पर पर्याप्त और सामान्य माना जाता है। 50 ng/mL से ऊपर स्तर बढ़ाने की कोशिश बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करनी चाहिए। हाई-डोज सप्लीमेंट लेने से खासतौर पर बचें। वहीं, विटामिन B12 में 200 pg/mL से कम होने को डेफिशिएंसी माना जाता है। 200–300 pg/mL बीच होने पर जांच और टेस्ट की सलाह दी जाती है। 300 pg/mL से ज्यादा सामान्य माना जाता है। रेणु रखेजा जानी-मानी न्यूट्रिशनिस्ट एवं हेल्थ कोच हैं। @consciouslivingtips

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
ask search icon

April 4, 2026/
2:48 pm

Last Updated:April 04, 2026, 14:48 IST दाग-धब्बे, टैनिंग और डार्क सर्कल्स अक्सर हमारी स्किन की खूबसूरती को प्रभावित करते हैं....

ईरान की मदद क्यों नहीं कर रहे हूती विद्रोही:9 दिन बाद भी जंग से दूर शिया लड़ाके, समर्थन में सिर्फ बयान दे रहे

March 9, 2026/
5:29 am

इजराइल और अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव फैल गया है। इस जंग में...

भगवानपुरा जनपद लेखा अधिकारी रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार:तीसरी किश्त के 10 हजार लेते पकड़ाए, सीईओ के नाम 5% व खुद के 2% मांगे

February 27, 2026/
7:46 am

खरगोन जिले के भगवानपुरा जनपद के लेखा अधिकारी महेंद्रसिंह चौहान को इंदौर लोकायुक्त पुलिस टीम ने गुरुवार रात 10 बजे...

Messi Hits 900 Goals, Inter Miami Out of CONCACAF Cup

March 19, 2026/
9:34 am

22 मिनट पहले कॉपी लिंक अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर और इंटर मियामी के कप्तान लियोनेल मेसी आधिकारिक मैचों में 900...

हेरा फेरी 3 फिलहाल नहीं बन रही है:अक्षय कुमार ने किया कन्फर्म; बोले- कुछ बातें ऐसी हैं, जो नहीं बता सकते

April 18, 2026/
1:48 pm

एक्टर अक्षय कुमार ने हाल ही में बताया कि फिल्म हेरा फेरी 3 फिलहाल नहीं बन रही है। यह बात...

West Indies Javon Searles Ban; Match Fixing 2023-24

March 12, 2026/
4:38 pm

ब्रिजटाउन2 घंटे पहले कॉपी लिंक ICC ने बारबाडोस में 2023-24 बिम10 टूर्नामेंट के दौरान भ्रष्टाचार-रोधी नियमों के उल्लंघनों के कारण...

पत्नी ने पति संग रहने से किया इनकार:हाईकोर्ट में अवैध बंधक आरोप खारिज, प्रेमी संग रहने पर बनी सहमति, पिता के पास रहेगा बेटा

April 30, 2026/
7:25 pm

ग्वालियर हाईकोर्ट में एक वैवाहिक विवाद से जुड़ा मामला सुनवाई के दौरान ही अप्रत्याशित मोड़ लेता नजर आया। पत्नी को...

राजनीति

सेहत का विज्ञान- शाकाहारियों को B12 डेफिशिएंसी का रिस्क:दूध-दही खाएं, विटामिन D के लिए डेली धूप लें, जानें कब सप्लीमेंट जरूरी

सेहत का विज्ञान- शाकाहारियों को B12 डेफिशिएंसी का रिस्क:दूध-दही खाएं, विटामिन D के लिए डेली धूप लें, जानें कब सप्लीमेंट जरूरी

आजकल बिना किसी बड़ी बीमारी के भी लोगों में थकान, कमजोरी और बॉडी पेन जैसी शिकायतें कॉमन हो गई हैं। इसकी बड़ी वजह विटामिन D और B12 की कमी हो सकती है। बदलती लाइफस्टाइल, धूप में कम समय बिताना और डाइट में कमी के कारण ये दोनों न्यूट्रिएंट्स शरीर में धीरे-धीरे घटने लगते हैं। वेजिटेरियन लोगों में आमतौर पर B12 की कमी पाई ही जाती है। ऐसे में जानते हैं इसके लक्षण, सही स्तर, डाइट और कब सप्लीमेंट लेना जरूरी है। डेफिशिएंसी होने पर धूप में बैठें और डाइट में बदलाव करें विटामिन B12 की कमी शाकाहारी लोगों में ज्यादा होती है क्योंकि यह मुख्य रूप से मांस, मछली, अंडे और डेयरी में मिलता है। इसे पूरा करने के लिए दूध, दही, पनीर, चीज खाएं। अगर अंडे खाते हैं तो भोजन में शामिल करें। अगर गंभीर रूप से कमी है तो डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लें। विटामिन D की पूर्ति के लिए सबसे जरूरी सोर्स धूप है। इसलिए रोज थोड़ी देर धूप लें। गंभीर लक्षण और कब सप्लीमेंट लेना जरूरी विटामिन D की कमी से बहुत ज्यादा थकान, मूड खराब, शरीर दर्द और मांसपेशियों की कमजोरी हो सकती है। गंभीर होने पर हड्डियों की समस्या भी हो सकती है। विटामिन B12 डेफिशिएंसी में कमजोरी, ध्यान की कमी और हाथ-पैर में झनझनाहट होती है। अगर सुन्नपन, संतुलन की दिक्कत या खून की जांच में कमी साबित हो जाए या शरीर पोषक तत्व सही से न सोख पाएं, तो डाइट काफी नहीं होती। डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट या इंजेक्शन लेना पड़ सकता है। सामान्य, कमी और जोखिम वाले स्तर विटामिन D अगर 12 ng/mL से कम हो तो डेफिशिएंसी मानी जाती है। 20–50 ng/mL को आमतौर पर पर्याप्त और सामान्य माना जाता है। 50 ng/mL से ऊपर स्तर बढ़ाने की कोशिश बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करनी चाहिए। हाई-डोज सप्लीमेंट लेने से खासतौर पर बचें। वहीं, विटामिन B12 में 200 pg/mL से कम होने को डेफिशिएंसी माना जाता है। 200–300 pg/mL बीच होने पर जांच और टेस्ट की सलाह दी जाती है। 300 pg/mL से ज्यादा सामान्य माना जाता है। रेणु रखेजा जानी-मानी न्यूट्रिशनिस्ट एवं हेल्थ कोच हैं। @consciouslivingtips

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.