31 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल
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देशभर में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। तेज धूप और लू के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। लेकिन ट्रैफिक पुलिस, डिलीवरी बॉय, कंस्ट्रक्शन मजदूर और फील्ड वर्क से जुड़े बहुत से लोग ऐसे हैं, जिन्हें घंटों बाहर काम करना पड़ता है।
इससे उन्हें डिहाइड्रेशन, हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। अगर सावधानी न बरती जाए तो यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।
‘नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो’ (NCRB) की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2000 से 2020 के बीच लू लगने से 20,615 लोगों की मौत हुई।
पर्यावरण पर काम करने वाली स्वतंत्र संस्था ‘वेडिटम इंडिया फाउंडेशन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2024 से जून 2024 के बीच भारत के 17 राज्यों में हीटस्ट्रोक से 733 मौतें हुईं, जबकि सरकारी आंकड़ों में ये संख्या 360 है।
इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में हम आउटडोर वर्कर्स के लिए गर्मी और लू से बचने के टिप्स बताएंगे। साथ ही जानेंगे-
गर्मियों में आउटडोर वर्कर्स को क्या हेल्थ रिस्क होते हैं?
एक्सपर्ट: डॉ. रोहित शर्मा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर
सवाल- गर्मी के मौसम में तेज धूप में बाहर काम करना खतरनाक क्यों होता है?
जवाब- तेज धूप में काम करने से शरीर का ‘टेम्परेचर कंट्रोल सिस्टम’ बिगड़ जाता है। इससे हीट स्ट्रोक (लू लगना) और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।
- सूर्य की हानिकारक किरणें (अल्ट्रावायलेट) स्किन को झुलसा सकती हैं।
- ज्यादा पसीने से शरीर में जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है, जो चक्कर और बेहोशी का कारण बन सकती है। कई बार ये स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।
नीचे दिए ग्राफिक में साल 2015-2023 के बीच हीटवेव से होने वाली मौतों का आंकड़ा देखिए-

सवाल- आउटडोर वर्कर्स को क्या हेल्थ रिस्क होते हैं?
जवाब- तेज गर्मी में लंबे समय तक काम करने से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। इससे डिहाइड्रेशन, हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। ग्राफिक में सभी हेल्थ रिस्क देखिए-

सवाल- क्या गर्मी में आउटडोर वर्किंग हार्ट और किडनी पर भी बुरा असर डाल सकती है?
जवाब- हां, हाई टेम्परेचर में लंबे समय तक काम करने से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। इससे हार्ट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और डिहाइड्रेशन के कारण किडनी की कार्यक्षमता भी प्रभावित हो सकती है। अगर पानी कम पीते हैं तो इसका खतरा और बढ़ जाता है।
सवाल- गर्मी के मौसम में बाहर काम करने वालों को किन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए?
जवाब- शरीर को कूल और हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना, धूप से बचना और समय-समय पर ब्रेक लेना जरूरी है। नीचे दिए ग्राफिक से सभी जरूरी बातों को समझिए-

सवाल- हीट स्ट्रोक या लू के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
जवाब- इसकी शुरुआत में व्यक्ति को चक्कर, कमजोरी, सिरदर्द हो सकता है। सभी संकेतों को समय रहते पहचानना जरूरी है, लक्षण ग्राफिक में देखिए-

सवाल- लू या हीट स्ट्रोक के रिस्क को कम करने के लिए घर से निकलने से पहले क्या करें?
जवाब- इसके लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें-
- खाली पेट घर से बाहर न निकलें।
- हल्का और पौष्टिक नाश्ता लें।
- हाइड्रेटिंग फ्रूट्स (जैसे तरबूज, खरबूज, खीरा) खाएं।
- छाछ, नारियल पानी/नींबू पानी पिएं।
- एक बोतल पानी और जरूरी दवाई, ORS साथ रखें।
- दिनभर के काम की प्लानिंग पहले से करें।
- अगर मेडिकेशन पर हैं तो डॉक्टर की सलाह लें।
- रात में पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है।
सवाल- काम के दौरान लू लगे तो क्या करें?
जवाब- ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं। तुरंत उसे धूप से हटाकर ठंडी या छायादार जगह पर ले जाएं। शरीर को ठंडा करने की कोशिश करें। इसके लिए पानी या इलेक्ट्रोलाइट्स दें। सभी जरूरी बातें ग्राफिक में देखिए-

सवाल- गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए कितना पानी पिएं?
जवाब- सीनियर कंसल्टेंट डॉ. रोहित शर्मा बताते हैं कि गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए आमतौर पर दिनभर में करीब 3-4 लीटर पानी पीना चाहिए। हालांकि जो लोग धूप में काम करते हैं, उन्हें पसीना ज्यादा आने के कारण ज्यादा पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की जरूरत होती है।
सवाल- क्या सिर्फ सादा पानी काफी है?
जवाब- पसीने के साथ शरीर से सॉल्ट और मिनरल्स भी निकल जाते हैं। इसलिए सिर्फ सादा पानी पीना पर्याप्त नहीं है। छाछ, नारियल पानी, नींबू पानी या ORS जैसे नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट्स लेना जरूरी है।

सवाल- गर्मी में काम करते समय कैसे कपड़े पहनें?
जवाब- गर्मी में काम करते समय हल्के रंग के, ढीले और कॉटन के कपड़े पहनने चाहिए। कॉटन पसीना सोखते हैं और शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं। साथ ही सिर को टोपी, कैप या गमछे से ढकना भी जरूरी है।
सवाल- वर्क-रेस्ट शेड्यूल कैसे बनाएं?
जवाब- ज्यादा मेहनत वाला काम सुबह जल्दी या शाम के समय करें। इस समय तापमान अपेक्षाकृत कम होता है।
- दिन के सबसे गर्म समय में काम का दबाव कम रखें।
- बीच-बीच में छोटा ब्रेक लेकर छांव या ठंडी जगह पर आराम करें।
सवाल- किन लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए?
जवाब- गर्मी में बाहर काम करते समय कुछ लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए-
- जिनकी उम्र 50 साल से ज्यादा है।
- जिन्हें हार्ट या किडनी डिजीज है।
- जो डायबिटिक हैं।
- जो रेगुलर दवाएं लेते हैं।
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