महिलाओं की समस्याओं को ना करें नजरअंदाज, इस खामोश बीमारी का बढ़ रहा खतरा
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Ambala News: अक्सर ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की बीमारियों को नजरअंदाज कर दिया जाता है, जिससे उनमें गंभीर बीमारी बढ़ती जाती है. इसी कारण महिलाओं में एक शांत बीमारी तेजी से फैल रही है, जो लंबे समय तक शरीर में रहने के बाद कैंसर का रूप ले सकता है. शुरुआत में महिला को कोई खास परेशानी महसूस नहीं होती, लेकिन समय बीतने के साथ असामान्य ब्लीडिंग, पीरियड्स के बीच खून आना या मेनोपॉज़ के बाद दोबारा रक्तस्राव जैसे संकेत सामने आने लगते हैं. आइए एक्सपर्ट से इसके बारे में सबकुछ जानते हैं.
अंबाला: भारत में गांव हो या शहर, कई जगह पर आज भी महिलाओं की सेहत अक्सर नजरअंदाज हो जाती है. इसी लापरवाही का फायदा उठाकर Cervical Cancer जैसी खामोश बीमारी धीरे-धीरे अपनी जड़ें मजबूत कर लेती है. दरअसल डॉक्टरों के मुताबिक, भारत में यह कैंसर महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा है और चिंता की बात यह है कि इसके शुरुआती लक्षण अक्सर नजर ही नहीं आते हैं. बता दें कि यह बीमारी ज्यादातर Human Papillomavirus (एचपीवी) नाम के वायरस के कारण होती है, जो लंबे समय तक शरीर में रहने के बाद कैंसर का रूप ले सकता है. शुरुआत में महिला को कोई खास परेशानी महसूस नहीं होती, लेकिन समय बीतने के साथ असामान्य ब्लीडिंग, पीरियड्स के बीच खून आना या मेनोपॉज के बाद दोबारा रक्तस्राव जैसे संकेत सामने आने लगते हैं.
महिलाओं की बीमारी को किया जाता है नजरअंदाज
वहीं इस बारे में लोकल 18 को ज्यादा जानकारी देते हुए अंबाला शहर नागरिक अस्पताल की आरएमओ डॉ. अदिति गौतम बताती हैं कि अक्सर महिलाएं इन लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देती हैं, जो आगे चलकर खतरनाक साबित हो सकता है. उनका कहना है कि जागरूकता की कमी के कारण कई मामलों में बीमारी आखिरी स्टेज में जाकर पकड़ में आती है. इसी बीच राहत की खबर यह है कि अब इस सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए देश में ही बनी HPV वैक्सीन उपलब्ध है.
उन्होंने बताया कि यह वैक्सीन 14 साल की बच्चियों के लिए सबसे ज्यादा प्रभावी है, लेकिन 45 साल तक की महिलाएं भी इसे लगवा सकती हैं. उन्होंने कहा कि नागरिक अस्पताल अंबाला में 14 से 15 साल की बच्चियां कोई हैं, तो उन्हें HPV वैक्सीन बिल्कुल नि:शुल्क रूप से लगाई जा रही है और माता-पिता को भी इस वैक्सीन के फायदे के बारे में बताया जा रहा है, ताकि वह ये वैक्सीन अपनी बच्चियों को लगवाएं. सोशल मीडिया पर इस वैक्सीन को लेकर काफी ज्यादा भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइंस के अनुसार यह वैक्सीन महिलाओं के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद है.
इन बीमारियो का हो सकती हैं शिकार
उन्होंने बताया कि अगर किसी भी महिलाओं को इस वैक्सीन के बारे में जानकारी लेनी है, तो वह नागरिक अस्पताल में आकर जानकारी ले सकते हैं. इसके साथ ही अभी तक नागरिक अस्पताल में कई बच्चियों ने यह वैक्सीन लगवाई है, जो बिल्कुल स्वस्थ है. उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर होता है, जिसके शुरुआती चरणों में अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखते हैं, लेकिन बढ़ने पर अनियमित ब्लीडिंग (दो पीरियड्स के बीच, संभोग के बाद या मेनोपॉज के बाद), असामान्य गंध वाला गाढ़ा या खूनी डिस्चार्ज, पेल्विक दर्द और यौन संबंध के दौरान दर्द जैसी गंभीर परेशानियां शुरू हो सकती हैं.
टीकाकरण से होगा फायदा
उन्होंने कहा कि यह टीकाकरण अंबाला जिले के नागरिक अस्पताल और सीएचसी, पीएचसी सभी जगह पर उपलब्ध हैं. वैसे निजी अस्पतालों में यह टीका लगभग 12000 रुपए में लगता है, जो काफी महंगा होता है. सरकारी कार्यक्रम के तहत यह सभी पात्र किशोरियों को निःशुल्क लगाया जा रहा है. अगले तीन महीनों तक चलने वाले इस अभियान में प्रत्येक पात्र किशोरी को टीके की केवल एक ही खुराक दी जाएगी. यह एक टीका जहां सर्वाइकल कैंसर से किशोरियों की रक्षा करेगा, तो वहीं इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है.
वहीं मिली जानकारी के अनुसार, टीकाकरण के लिए OTP आधारित सहमति या अभिभावकों की लिखित सहमति अनिवार्य है. टीकाकरण के बाद लाभार्थी की जानकारी ऑनलाइन U-WIN पोर्टल पर दर्ज की जाएगी और पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक लिंक भेजा जाएगा, जिससे डिजिटल प्रमाण पत्र डाउनलोड किया जा सकेगा.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.













































