पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में इस बार बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। सबसे बड़ा झटका मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लगा है, जो भवानीपुर सीट से नामांकन के नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ 15,501 सीटें हार गए हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक शुभेंदु अधिकारी को 73,917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को 58,801 वोट मिले। इससे पहले 2021 में भी ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट पर शुभेंदु अधिकारी से करीब 1,500 सीटें हार गईं। इसी तरह लगातार बार-बार उन्हें अपने पूर्व सहयोगियों से हार का सामना करना पड़ता है।
यह नतीजा उस बड़ी लहर का हिस्सा है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने पूरे राज्य में मजबूत प्रदर्शन किया है. इस दौरान वैदिक कांग्रेस के कई बड़े नेता और मंत्री भी चुनाव हार गये। दमदम उत्तर से वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य को करीब 16,000 करोड़ का नुकसान हुआ। रासबिहारी से देबाशीष कुमार 21,000 से और दमदम से शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु 25,000 से अधिक बहुमत से हार गए। हाबड़ा में ज्योतिप्रिय मल्लिक को 31,000 से अधिक की आशंका से हार मिली। श्यामपुकुर से शशि पांजा और टॉलीगंज से अरूप बिस्वास भी अपनी सीट नहीं बचा सके।
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को बड़ा नुकसान हुआ
अन्य रेस्टोरेन्ट में भी वैदिक को बड़ा नुकसान हुआ। सिंगुर से कृषि मंत्री बेचाराम मन्ना 21,000 से अधिक की मांग से हार गए। चंदननगर से इंद्रनील सेन और सबांग से मानस भाई भी चुनाव हार गए। शिक्षक भर्ती मामले में फर्जी परेश चंद्र अधिकारी को भी लगभग 30,000 की हार का सामना करना पड़ा। विधाननगर से सुजीत बसु को 37,000 से हार मिली, जबकि सिलीगुड़ी में गौतम देब को 73,000 से अधिक मार्जिन से हार मिली। ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले शौकत मोल्ला को भांगड़ सीट से आईएसएसएफ के नौशाद साहा ने 32,000 से ज्यादा की बढ़त बनाई। दिनहाटा से उदयन गुला, बारासात से सब्यसाची स्टाफ और आसनसोल उत्तर से मंत्री मलय घटक के हार भी साफ बचे हैं कि इस बार कोलोराडो ने बड़ा निर्णय लिया है।
चुनाव में रिकार्ड मतदान हुआ
इस चुनाव में ममता बनर्जी के लिए बहुत अहम माना जा रहा था. 15 साल तक सत्ता में रहने के बाद इस चुनाव में उनके नेतृत्व की बड़ी परीक्षा हुई। अगर वे जीतते हैं तो आगे की राजनीति में उनकी स्थिति और मजबूत होती है, लेकिन इस बार उन्हें कई उपन्यासों का सामना करना पड़ा, जैसे कि गरीबों के आरोप, भर्ती के आरोप और जनता की संभावनाएं। राज्य में कुल 294 अतिथि और कई रेज़्यूमे पर कड़ा मुकाबला देखा गया। भवानीपुर, नंदीग्राम, टॉलीगंज, दिनहाता, सिंगूर, भांगड़, खड़गपुर, सिलीगुड़ी, बराकपुर और रासबिहारी जैसी खास विशेषताएँ चर्चा में रहीं। इस चुनाव की एक और खास बात रिकॉर्ड मतदान जारी है। दो चरणों में हुए चुनाव में कुल 92.47 प्रतिशत प्रतिशत मतदान हुआ। पहले चरण में 93.13 प्रतिशत और दूसरे चरण में 91.66 प्रतिशत मतदान हुआ। यह अब तक की सबसे बड़ी वोटिंग है, जिसने 2011 का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया है।
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