Wednesday, 06 May 2026 | 12:16 PM

Trending :

15,000 Jobs Cut Globally; India Hit Hardest ‘कोई विभाजन नहीं है’: अन्नाद्रमुक ने टीवीके गठबंधन पर आंतरिक दरार की अफवाहों को खारिज किया, कहा गेंद विजय के पाले में है | भारत समाचार इंटिमेसी बढ़ाने के लिए खाया ‘मैड हनी’, 25 साल के युवक को आया कार्डियक अरेस्ट, 40 मिनट चला CPR पाकिस्तान में जन्म, न्यूजीलैंड से रिकॉर्ड:पिता की कोचिंग और अकरम से प्रेरणा; अब्बास ने डेब्यू मैच में ही रचा इतिहास पाकिस्तान में जन्म, न्यूजीलैंड से रिकॉर्ड:पिता की कोचिंग और अकरम से प्रेरणा; अब्बास ने डेब्यू मैच में ही रचा इतिहास रितेश की फिल्म ‘राजा शिवाजी’ की कमाई 50 करोड़ पार:टॉप-5 मराठी फिल्मों में शामिल; महाराष्ट्र में टैक्स-फ्री करने की मांग
EXCLUSIVE

खाना बनाने से दिमाग होता है तेज? नहीं होती भूलने की बीमारी; हफ्ते में एक दिन भी किया तो मिलता है फायदा

authorimg

Cooking for brain health : अक्सर हम खाना बनाने को एक थकान भरा काम या रोज़मर्रा की ज़िम्मेदारी मानते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि किचन में बिताया गया आपका थोड़ा सा समय आपकी मानसिक सेहत और याददाश्त के लिए किसी दवा से कम नहीं है? हाल ही में आई एक नई रिसर्च ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कुकिंग न केवल आपके पेट को तृप्त करती है, बल्कि यह आपके दिमाग को भी ‘शार्प’ बनाती है. हाल ही में हुए एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, खाना पकाने की प्रक्रिया एक “कॉग्निटिव एक्सरसाइज” (Cognitive Exercise) की तरह काम करती है.

रिसर्च में यह पाया गया कि जो लोग हफ्ते में कम से कम एक दिन भी मन लगाकर खाना बनाते हैं, उनमें भूलने की बीमारी (Dementia) और अल्जाइमर का खतरा उन लोगों की तुलना में काफी कम होता है जो बिल्कुल कुकिंग नहीं करते. जापान के वैज्ञानिकों के अनुसार, किचन में बिताया गया समय आपको भूलने की बीमारी यानी डिमेंशिया (Dementia) से बचा सकता है.

6 साल लंबी स्टडी में हुआ बड़ा खुलासा
टोक्यो इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (Tokyo Institute of Science) के रिसर्चर्स ने 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लगभग 11 हजार लोगों की लाइफस्टाइल पर 6 साल तक बारीकी से नजर रखी. बीएमजे जर्नल ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड कम्युनिटी हेल्थ में पब्लिश इस रिपोर्ट के नतीजे चौंकाने वाले रहे.

अध्ययन में पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से अपने लिए खाना बनाते हैं, उनमें डिमेंशिया होने का खतरा उन लोगों की तुलना में काफी कम होता है जो कुकिंग नहीं करते. यह रिसर्च साबित करती है कि खाना बनाना केवल एक काम नहीं, बल्कि एक जटिल मानसिक प्रक्रिया है. वैज्ञानिकों के अनुसार, हफ्ते में महज एक बार खुद के लिए खाना बनाना भी आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए ‘सुरक्षा कवच’ की तरह काम कर सकता है.

कुकिंग से कैसे तेज होता है दिमाग?
मल्टीटास्किंग और प्लानिंग:
जब आप कोई डिश तैयार करते हैं, तो आप एक साथ कई काम कर रहे होते हैं सब्जी काटना, मसालों का अंदाज़ा लगाना और आंच पर नज़र रखना. यह आपके ब्रेन की प्लानिंग और एग्जीक्यूशन पावर को बढ़ाता है.

इंद्रियों का मेल (Sensory Engagement): मसालों की महक, तड़के की आवाज़ और सब्जी का रंग ये सभी हमारी पांचों इंद्रियों को उत्तेजित करते हैं, जिससे न्यूरॉन्स सक्रिय रहते हैं.

फोकस और एकाग्रता: रेसिपी को स्टेप-बाय-स्टेप फॉलो करने के लिए गहरी एकाग्रता की आवश्यकता होती है, जो मेडिटेशन (ध्यान) के समान लाभ देती है.

हफ्ते में एक दिन भी है काफी
अगर आप बहुत व्यस्त रहते हैं और रोज़ खाना नहीं बना सकते, तो रिसर्च आपके लिए एक अच्छी खबर लेकर आई है. शोधकर्ताओं का कहना है कि हफ्ते में सिर्फ एक दिन भी अगर आप अपनी पसंद की कोई डिश पूरे होश और खुशी के साथ बनाते हैं, तो इसके फायदे आपको मानसिक रूप से सक्रिय रखने के लिए पर्याप्त हैं. यह प्रक्रिया तनाव (Stress) को कम करती है और ‘डोपामाइन’ जैसे हैप्पी हार्मोन्स को रिलीज़ करती है.

भूलने की बीमारी से बचाव
बढ़ती उम्र के साथ याददाश्त का कम होना एक आम समस्या है. लेकिन कुकिंग करते समय जब हम नई रेसिपी याद रखते हैं या सामग्री का सही अनुपात तय करते हैं, तो हमारे दिमाग के ‘हिप्पोकैम्पस’ (याददाश्त के लिए जिम्मेदार हिस्सा) की कसरत होती है. इससे ब्रेन सेल्स के बीच कनेक्शन मज़बूत होता है और लंबे समय में भूलने की बीमारी का खतरा टल जाता है.

अगली बार जब आप किचन में जाएं, तो उसे बोझ न समझें. उसे एक ‘मेंटल जिम’ (Mental Gym) की तरह देखें जहाँ आप अपनी याददाश्त और रचनात्मकता को निखार रहे हैं. तो इंतज़ार किस बात का? इस वीकेंड अपनी पसंदीदा रेसिपी निकालें और अपने दिमाग को एक नई धार दें!

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
The counting for all these elections will be held on May 4, 2026. (AFP)

March 27, 2026/
8:29 pm

आखरी अपडेट:मार्च 27, 2026, 20:29 IST हलचल के बाद कर्नाटक के विधायकों को दो मुफ्त आईपीएल टिकट और आरसीबी बनाम...

नरसिंहपुर में सूने मकान से 3 लाख कैश चोरी:अलमारी का लॉक तोड़कर जेवर भी ले गए बदमाश; बदमाशों का मोबाइल और मफलर छूटा

April 17, 2026/
8:51 pm

नरसिंहपुर जिले के अंशिका पुरम राजमार्ग पर एक सूने मकान को चोरों ने निशाना बनाया। अज्ञात बदमाशों ने एक ढाबा...

बाथरूम में युवती की लाश, बदन पर चाकू के जख्म:मां के साथ सो रही थी दूसरी बेटी, कौन था हमलावर…खून किसने साफ किया?

March 3, 2026/
7:01 am

मध्यप्रदेश क्राइम फाइल्स में आज एक ऐसे मर्डर केस की कहानी, जिसने दो राज्यों में सुर्खियां बटोरीं। मामला नरसिंहपुर जिले...

गन्ने बनाम बेल का रस: गन्ना या फिर बेल का रस... गर्मी में ऊर्जावान पेय कौन सा है? जानिए फायदे

April 1, 2026/
7:54 pm

गन्ना बनाम बेल का रस: गर्मी का पारा चढ़ना ही शरीर को वर्गीकृत और ऊर्जावान बनाए रखना एक बड़ी चुनौती...

डिंडौरी मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन, 14 हजार नए नाम:कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में दी जानकारी

February 21, 2026/
6:02 pm

डिंडौरी में शनिवार को निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों...

BJP Wins 128 Seats With Less Than 30k Margin in Bengal

May 6, 2026/
2:19 am

नई दिल्ली25 मिनट पहले कॉपी लिंक ममता बनर्जी से मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव...

authorimg

April 6, 2026/
8:50 am

Udta Punjab real Story: 60 की उम्र में अपने चार-चार जवान बेटों को पल-पल मरते देखने और उनकी लाशों को...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

खाना बनाने से दिमाग होता है तेज? नहीं होती भूलने की बीमारी; हफ्ते में एक दिन भी किया तो मिलता है फायदा

authorimg

Cooking for brain health : अक्सर हम खाना बनाने को एक थकान भरा काम या रोज़मर्रा की ज़िम्मेदारी मानते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि किचन में बिताया गया आपका थोड़ा सा समय आपकी मानसिक सेहत और याददाश्त के लिए किसी दवा से कम नहीं है? हाल ही में आई एक नई रिसर्च ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कुकिंग न केवल आपके पेट को तृप्त करती है, बल्कि यह आपके दिमाग को भी ‘शार्प’ बनाती है. हाल ही में हुए एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, खाना पकाने की प्रक्रिया एक “कॉग्निटिव एक्सरसाइज” (Cognitive Exercise) की तरह काम करती है.

रिसर्च में यह पाया गया कि जो लोग हफ्ते में कम से कम एक दिन भी मन लगाकर खाना बनाते हैं, उनमें भूलने की बीमारी (Dementia) और अल्जाइमर का खतरा उन लोगों की तुलना में काफी कम होता है जो बिल्कुल कुकिंग नहीं करते. जापान के वैज्ञानिकों के अनुसार, किचन में बिताया गया समय आपको भूलने की बीमारी यानी डिमेंशिया (Dementia) से बचा सकता है.

6 साल लंबी स्टडी में हुआ बड़ा खुलासा
टोक्यो इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (Tokyo Institute of Science) के रिसर्चर्स ने 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लगभग 11 हजार लोगों की लाइफस्टाइल पर 6 साल तक बारीकी से नजर रखी. बीएमजे जर्नल ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड कम्युनिटी हेल्थ में पब्लिश इस रिपोर्ट के नतीजे चौंकाने वाले रहे.

अध्ययन में पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से अपने लिए खाना बनाते हैं, उनमें डिमेंशिया होने का खतरा उन लोगों की तुलना में काफी कम होता है जो कुकिंग नहीं करते. यह रिसर्च साबित करती है कि खाना बनाना केवल एक काम नहीं, बल्कि एक जटिल मानसिक प्रक्रिया है. वैज्ञानिकों के अनुसार, हफ्ते में महज एक बार खुद के लिए खाना बनाना भी आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए ‘सुरक्षा कवच’ की तरह काम कर सकता है.

कुकिंग से कैसे तेज होता है दिमाग?
मल्टीटास्किंग और प्लानिंग:
जब आप कोई डिश तैयार करते हैं, तो आप एक साथ कई काम कर रहे होते हैं सब्जी काटना, मसालों का अंदाज़ा लगाना और आंच पर नज़र रखना. यह आपके ब्रेन की प्लानिंग और एग्जीक्यूशन पावर को बढ़ाता है.

इंद्रियों का मेल (Sensory Engagement): मसालों की महक, तड़के की आवाज़ और सब्जी का रंग ये सभी हमारी पांचों इंद्रियों को उत्तेजित करते हैं, जिससे न्यूरॉन्स सक्रिय रहते हैं.

फोकस और एकाग्रता: रेसिपी को स्टेप-बाय-स्टेप फॉलो करने के लिए गहरी एकाग्रता की आवश्यकता होती है, जो मेडिटेशन (ध्यान) के समान लाभ देती है.

हफ्ते में एक दिन भी है काफी
अगर आप बहुत व्यस्त रहते हैं और रोज़ खाना नहीं बना सकते, तो रिसर्च आपके लिए एक अच्छी खबर लेकर आई है. शोधकर्ताओं का कहना है कि हफ्ते में सिर्फ एक दिन भी अगर आप अपनी पसंद की कोई डिश पूरे होश और खुशी के साथ बनाते हैं, तो इसके फायदे आपको मानसिक रूप से सक्रिय रखने के लिए पर्याप्त हैं. यह प्रक्रिया तनाव (Stress) को कम करती है और ‘डोपामाइन’ जैसे हैप्पी हार्मोन्स को रिलीज़ करती है.

भूलने की बीमारी से बचाव
बढ़ती उम्र के साथ याददाश्त का कम होना एक आम समस्या है. लेकिन कुकिंग करते समय जब हम नई रेसिपी याद रखते हैं या सामग्री का सही अनुपात तय करते हैं, तो हमारे दिमाग के ‘हिप्पोकैम्पस’ (याददाश्त के लिए जिम्मेदार हिस्सा) की कसरत होती है. इससे ब्रेन सेल्स के बीच कनेक्शन मज़बूत होता है और लंबे समय में भूलने की बीमारी का खतरा टल जाता है.

अगली बार जब आप किचन में जाएं, तो उसे बोझ न समझें. उसे एक ‘मेंटल जिम’ (Mental Gym) की तरह देखें जहाँ आप अपनी याददाश्त और रचनात्मकता को निखार रहे हैं. तो इंतज़ार किस बात का? इस वीकेंड अपनी पसंदीदा रेसिपी निकालें और अपने दिमाग को एक नई धार दें!

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.