सूरत5 मिनट पहले
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पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम में बुधवार की रात को भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी गई। इस हत्या से ठीक दो घंटे पहले सूरत के भाजपा कार्यकर्ता और भवानीपुर के प्रभारी डॉ. प्रकाश चंद्र, चंद्रनाथ के साथ ही थे।
प्रकाश चंद्र ने बताया- एक सम्मेलन के बाद हम दोनों ने साथ में चाय पी थी। इसके बाद रात करीब 10:30 बजे चंद्रनाथ ने मुझसे कहा कि मैं घर जा रहा हूं। इसके करीब आधे घंटे बाद ही हमलावरों ने कार रोककर चंद्रनाथ को गोली मार दी।
हमने साथ में चाय पी थी सूरत के डॉ. प्रकाश चंद्र पिछले साढ़े चार महीनों से पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार में थे। भवानीपुर विधानसभा के प्रभारी के रूप में काम करते हुए, चंद्रनाथ रथ के साथ लगातार संपर्क में थे। डॉ. प्रकाश चंद्र ने बताया कि बुधवार शाम हम सब साथ बैठे और चाय पी।
वे चुनाव रणनीति पर हुई बैठक में भी मौजूद थे। बैठक समाप्त होने के बाद वे काफी शांत थे और अंत में बोले- मैं रात के खाने के लिए घर जा रहा हूं। यह कहकर वे घर के लिए रवाना हो गए थे।
डॉ. प्रकाश चंद्र के अनुसार, यह कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि एक बड़ी साजिश है। हमलावरों ने पहले से ही रेकी की होगी और उनका पीछा किया होगा।

गुजरात के सूरत में रहने वाले डॉ. प्रकाश चंद्र 110 दिनों से पश्चिम बंगाल में हैं।
चंद्रनाथ ही सुवेंदु की यात्राओं का अरेंजमेंट करते थे: डॉ. प्रकाश चंद्र डॉ. प्रकाश चंद्र पिछले 110 दिनों से पश्चिम बंगाल में हैं और पूरे समय चंद्रनाथ रथ के सीधे संपर्क में रहे। भवानीपुर विधानसभा के कामकाज के दौरान दोनों ने मिलकर कई जनसभाएं और रणनीतियां तैयार की थीं। प्रकाश चंद्र कहते हैं- चंद्रनाथ बहुत जिम्मेदार व्यक्ति थे।
चुनाव में चंद्रनाथ नंदीग्राम और भवानीपुर जैसी महत्वपूर्ण सीटों का कामकाज संभाल रहे थे। डॉ. प्रकाश चंद्र बताते हैं कि जब भी सुवेंदु यात्रा पर होते थे, चंद्रनाथ ही उनके सभी अरेंजमेंट करते थे।

CCTV फुटेज में सुवेंदु के PA चंद्रनाथ रथ की गाड़ी गुजरती नजर आ रही है।
किसी भी विवाद में नहीं थे चंद्रनाथ: डॉ. प्रकाश चंद्र सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चंद्रनाथ रथ कभी मंच पर नहीं आए और न ही उन्होंने सार्वजनिक सभाओं में भाषण दिए। वे कार्यालय के कामकाज को संभालते थे और सुवेंदु अधिकारी के साये में रहकर प्रबंधन करते थे। वे नेताओं की तरह सार्वजनिक रूप से बाहर नहीं निकले और न ही विवादों में फंसे।
ऐसे सीधे-सादे और अनुशासित व्यक्ति को निशाना क्यों बनाया गया, यह एक बड़ा सवाल है। डॉ. प्रकाश चंद्र के अनुसार, उनकी हत्या के पीछे राजनीतिक ईर्ष्या और सुवेंदु अधिकारी की शक्ति को कमजोर करने की साजिश हो सकती है।

सूरत के कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ीं इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के लिए गए सूरत के अन्य कार्यकर्ताओं में भी डर का माहौल है। डॉ. प्रकाश चंद्र, चंद्रनाथ रथ के बेहद करीबी थे और हत्या से कुछ घंटे पहले तक उनके साथ थे, इसलिए उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।
फिलहाल डॉ. प्रकाश चंद्र बंगाल में ही हैं और उन्होंने कहा है कि वे हिम्मत न हारते हुए अपना काम जारी रखेंगे, लेकिन चंद्रनाथ जी को छोड़ना उनके लिए गहरा सदमा है। ————–
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