Wednesday, 24 Jun 2026 | 08:20 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Dabur, HUL Price Hike Soon

Dabur, HUL Price Hike Soon
  • Hindi News
  • Business
  • Dabur, HUL Price Hike Soon | FMCG Companies Raise Costs Amidst Middle East Crisis

नई दिल्ली1 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

FMCG सेक्टर की दिग्गज कंपनी डाबर इंडिया ने अपने प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। कंपनी का कहना है कि पैकेजिंग मटेरियल की बढ़ती कीमतों और मिडिल-ईस्ट में तनाव बढ़ने के कारण इनपुट कॉस्ट बढ़ गई है।

डाबर के अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) और नेस्ले जैसी कंपनियां भी महंगाई के दबाव का सामना कर रही हैं। ऐसे में आपके घर का बजट बिगड़ सकता है और साबुन, तेल, बिस्किट जैसे रोजमर्रा के सामान महंगे हो सकते हैं।

अगली तिमाही में फिर बढ़ सकती हैं कीमतें

डाबर इंडिया के ग्लोबल CEO मोहित मल्होत्रा के मुताबिक, कंपनी वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में कीमतें बढ़ा सकती है। हालांकि, डाबर ने मौजूदा तिमाही में ही कीमतें करीब 4% बढ़ाई थीं, लेकिन कच्चे माल की लागत लगातार बढ़ रही है।

डाबर का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट चौथी तिमाही (Q4 FY26) में सालाना आधार पर 15.75% बढ़ा है, लेकिन कंपनी का कहना है कि इन्फ्लेशन की चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।

मिडिल-ईस्ट तनाव और कच्चे तेल का असर

कंपनियों की चिंता की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ती अस्थिरता है। हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच हुई गोलीबारी ने ऊर्जा आपूर्ति और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर डर बढ़ा दिया है।

क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) महंगा होने का सीधा असर ट्रांसपोर्टेशन, पैकेजिंग और केमिकल्स पर पड़ता है। अगर ये तनाव लंबा खिंचता है, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे FMCG कंपनियों की मैन्युफैक्चरिंग और माल ढुलाई की लागत और बढ़ जाएगी।

ग्रामीण इलाकों में डिमांड लौटी, लेकिन मार्जिन पर दबाव

चौथी तिमाही के नतीजों में एक अच्छी बात यह रही कि ग्रामीण बाजारों में डिमांड में सुधार देखने को मिला है। लंबे समय के बाद छोटे शहरों और गांवों से वॉल्यूम ग्रोथ बढ़ी है। लेकिन जैसे ही खपत बढ़ना शुरू हुई, कंपनियों के सामने कच्चे माल का संकट खड़ा हो गया। खाने के तेल, दूध और पैकेजिंग मटेरियल की कीमतें दोबारा बढ़ने लगी हैं, जिससे कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ रहा है।

बड़ी कंपनियां कीमत बढ़ाने की तैयारी कर रहीं

सिर्फ डाबर ही नहीं, बल्कि हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), नेस्ले इंडिया, मैरिको, आईटीसी, ब्रिटानिया और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसी कंपनियों के कमेंटरी से साफ है कि इंडस्ट्री मुश्किल दौर के लिए तैयार हो रही है।

इंडस्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि अगर मानसून औसत से कम रहता है और ग्लोबल हालात नहीं सुधरते, तो घरों के मंथली बिल में अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

हॉर्मुज रूट बंद होने का खतरा

पिछली तिमाही में मिडिल-ईस्ट संघर्ष और हॉर्मुज रूट के बंद होने का पूरा असर इकोनॉमी पर नहीं दिखा था। लेकिन अब इसका असर सप्लाई चेन पर नजर आने लगा है।

माल ढुलाई महंगी हो गई है। FMCG सेक्टर के लिए यह दोहरी मार जैसा है- एक तरफ मांग बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ लागत उसे कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
खबर हटके- इंस्टाग्राम पर जिसे प्रपोज किया वो पत्नी निकली:पेशाब करने से रोकने के लिए सड़क किनारे लगाए शीशे; वायरल हुआ पेंटर चूहा

May 7, 2026/
4:30 am

उत्तर प्रदेश में एक शख्स ने इंस्टाग्राम पर जिस लड़की को प्रपोज किया, वो असल में उसकी ही पत्नी निकली।...

ईरान बोला-लेबनान में हमला रुका तभी अमेरिका से बातचीत करेंगे:स्विट्जरलैंड में पहले दौर की मीटिंग खत्म, 3 मुद्दों पर अभी भी पेंच फंसा

June 22, 2026/
6:26 am

ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच रविवार को स्विट्जरलैंड में करीब 80 मिनट तक बातचीत हुई। दोनों देश 60...

19 साल बाद भारत में परफॉर्म करेंगी ग्लोबल स्टार शकीरा:अप्रैल में मुंबई और दिल्ली में ग्रैमी अवॉर्ड विनर के लाइव शो होंगे

February 20, 2026/
3:12 pm

ग्लोबल पॉप स्टार और कई ग्रैमी अवॉर्ड जीत चुकीं सिंगर शकीरा अप्रैल में 19 साल बाद भारत में परफॉर्म करेंगी।...

मस्जिद में महिलाओं के प्रवेश को लेकर SC में सुनवाई:मुस्लिम बोर्ड ने कहा था- वे घर पर ही इबादत करें, महिलाओं के खतना पर भी होगी बहस

April 28, 2026/
10:56 am

केरलम के सबरीमाला मंदिर सहित धार्मिक स्थलों में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव से जुड़ी याचिकाओं पर मंगलवार को...

सिक्योरिटी को चकमा देकर जॉन अब्राहम से मिलने पहुंचा फैन:बॉडीगार्ड ने पकड़ा तो एक्टर ने रोककर मुलाकात की, देखें वीडियो

June 23, 2026/
9:40 am

बॉलीवुड एक्टर जॉन अब्राहम से मिलने के लिए एक फैन स्टेज पर पहुंच गया। यह घटना तब हुई, जब रविवार...

बेंगलुरु प्लेऑफ में पहुंची, क्वालीफायर-1 खेलना तय:पंजाब-राजस्थान के लिए हर मैच जीतना जरूरी; दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई की भी उम्मीदें कायम

May 18, 2026/
4:30 am

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL 2026 में पंजाब किंग्स को हराकर प्लेऑफ में जगह पक्की कर ली। टीम 13 मैचों...

चांदी ₹3,300 गिरकर ₹2.62 लाख किलो पर आई:ऑल टाइम हाई से ₹1.24 लाख नीचे आ चुकी, सोना आज ₹1,030 सस्ता हुआ

June 3, 2026/
12:21 pm

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 3 जून को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10...

राजनीति

Dabur, HUL Price Hike Soon

Dabur, HUL Price Hike Soon
  • Hindi News
  • Business
  • Dabur, HUL Price Hike Soon | FMCG Companies Raise Costs Amidst Middle East Crisis

नई दिल्ली1 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

FMCG सेक्टर की दिग्गज कंपनी डाबर इंडिया ने अपने प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। कंपनी का कहना है कि पैकेजिंग मटेरियल की बढ़ती कीमतों और मिडिल-ईस्ट में तनाव बढ़ने के कारण इनपुट कॉस्ट बढ़ गई है।

डाबर के अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) और नेस्ले जैसी कंपनियां भी महंगाई के दबाव का सामना कर रही हैं। ऐसे में आपके घर का बजट बिगड़ सकता है और साबुन, तेल, बिस्किट जैसे रोजमर्रा के सामान महंगे हो सकते हैं।

अगली तिमाही में फिर बढ़ सकती हैं कीमतें

डाबर इंडिया के ग्लोबल CEO मोहित मल्होत्रा के मुताबिक, कंपनी वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में कीमतें बढ़ा सकती है। हालांकि, डाबर ने मौजूदा तिमाही में ही कीमतें करीब 4% बढ़ाई थीं, लेकिन कच्चे माल की लागत लगातार बढ़ रही है।

डाबर का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट चौथी तिमाही (Q4 FY26) में सालाना आधार पर 15.75% बढ़ा है, लेकिन कंपनी का कहना है कि इन्फ्लेशन की चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।

मिडिल-ईस्ट तनाव और कच्चे तेल का असर

कंपनियों की चिंता की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ती अस्थिरता है। हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच हुई गोलीबारी ने ऊर्जा आपूर्ति और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर डर बढ़ा दिया है।

क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) महंगा होने का सीधा असर ट्रांसपोर्टेशन, पैकेजिंग और केमिकल्स पर पड़ता है। अगर ये तनाव लंबा खिंचता है, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे FMCG कंपनियों की मैन्युफैक्चरिंग और माल ढुलाई की लागत और बढ़ जाएगी।

ग्रामीण इलाकों में डिमांड लौटी, लेकिन मार्जिन पर दबाव

चौथी तिमाही के नतीजों में एक अच्छी बात यह रही कि ग्रामीण बाजारों में डिमांड में सुधार देखने को मिला है। लंबे समय के बाद छोटे शहरों और गांवों से वॉल्यूम ग्रोथ बढ़ी है। लेकिन जैसे ही खपत बढ़ना शुरू हुई, कंपनियों के सामने कच्चे माल का संकट खड़ा हो गया। खाने के तेल, दूध और पैकेजिंग मटेरियल की कीमतें दोबारा बढ़ने लगी हैं, जिससे कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ रहा है।

बड़ी कंपनियां कीमत बढ़ाने की तैयारी कर रहीं

सिर्फ डाबर ही नहीं, बल्कि हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), नेस्ले इंडिया, मैरिको, आईटीसी, ब्रिटानिया और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसी कंपनियों के कमेंटरी से साफ है कि इंडस्ट्री मुश्किल दौर के लिए तैयार हो रही है।

इंडस्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि अगर मानसून औसत से कम रहता है और ग्लोबल हालात नहीं सुधरते, तो घरों के मंथली बिल में अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

हॉर्मुज रूट बंद होने का खतरा

पिछली तिमाही में मिडिल-ईस्ट संघर्ष और हॉर्मुज रूट के बंद होने का पूरा असर इकोनॉमी पर नहीं दिखा था। लेकिन अब इसका असर सप्लाई चेन पर नजर आने लगा है।

माल ढुलाई महंगी हो गई है। FMCG सेक्टर के लिए यह दोहरी मार जैसा है- एक तरफ मांग बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ लागत उसे कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.