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मालदीव में इटली के 5 गोताखोरों की मौत:समुद्र के नीचे गहरी गुफाओं की खोज में निकले थे, सिर्फ एक का शव मिला

मालदीव में इटली के 5 गोताखोरों की मौत:समुद्र के नीचे गहरी गुफाओं की खोज में निकले थे, सिर्फ एक का शव मिला

मालदीव के वावू एटोल में इटली के 5 गोताखोरों की मौत हो गई। स्थानीय अधिकारियों ने इसे देश के इतिहास का सबसे बड़ा डाइविंग हादसा बताया है। सभी डाइवर्स 50 मीटर गहराई में मौजूद गुफाओं की खोज के लिए गए थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। अब तक सिर्फ एक शव बरामद हुआ है। खराब मौसम और समुद्र की कठिन परिस्थितियों की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है। अधिकारियों के मुताबिक बाकी चार डाइवर्स के शव अब भी गुफा के अंदर होने की आशंका है। सर्च ऑपरेशन शनिवार को फिर शुरू किया जाएगा। मालदीव सरकार ने मृतकों की पहचान मोनिका मोंटेफाल्कोने, जॉर्जिया सोमाकाल, फेडेरिको गुआल्तिएरी, म्यूरियल ओडेनिनो और जियानलुका बेनेडेट्टी के रूप में की है। यह टीम ‘ड्यूक ऑफ यॉर्क’ नाम की बोट से समुद्र में गई थी। यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोवा से जुड़े थे चार डाइवर्स रिपोर्ट्स के मुताबिक पांच में से कम से कम चार डाइवर्स इटली की यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोवा से जुड़े थे। जियानलुका बेनेडेट्टी यॉट पर बोट ऑपरेशंस मैनेजर थे। उनका शव ही अब तक बरामद किया जा सका है। मोनिका मोंटेफाल्कोने मरीन बायोलॉजिस्ट और यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोवा में ट्रॉपिकल मरीन इकोलॉजी और अंडरवॉटर साइंस की प्रोफेसर थीं। इटली की मीडिया के मुताबिक वह मालदीव में एक आइलैंड मॉनिटरिंग कैंपेन की साइंटिफिक डायरेक्टर भी थीं। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी बेटी जॉर्जिया सोमाकाल को भी समुद्र और डाइविंग में दिलचस्पी थी। उन्होंने उसी यूनिवर्सिटी से बायोमेडिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। 31 साल की म्यूरियल ओडेनिनो मरीन बायोलॉजिस्ट और इकोलॉजिस्ट थीं। उन्होंने कई वैज्ञानिक रिसर्च पेपर भी लिखे थे। वहीं, 31 साल के फेडेरिको गुआल्तिएरी ने हाल ही में मरीन बायोलॉजी और इकोलॉजी में डिग्री पूरी की थी। वह सर्टिफाइड स्कूबा डाइविंग इंस्ट्रक्टर भी थे। बेनेडेट्टी पहले बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में काम करते थे। बाद में उन्होंने डाइविंग के शौक के चलते 2017 में मालदीव शिफ्ट होने का फैसला किया और बोट ऑपरेशंस मैनेजर बन गए। खराब मौसम से रुका रेस्क्यू ऑपरेशन रेस्क्यू अधिकारियों के मुताबिक बेनेडेट्टी का शव अंडरवॉटर केव सिस्टम के प्रवेश द्वार के पास मिला। बाकी डाइवर्स के गुफा के अंदर फंसे होने की आशंका है। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, जिस केव सिस्टम में डाइवर्स गए थे, उसमें तीन बड़े चैम्बर्स हैं, जो पतले रास्तों से जुड़े हुए हैं। रेस्क्यू टीम अब तक दो चैम्बर्स की तलाशी ले चुकी है। डायविंग की सुरक्षित समय सीमा की वजह से ऑपरेशन सीमित रखना पड़ा। मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद हुसैन शरीफ ने बताया कि शुक्रवार को आठ डाइवर्स ने सर्च ऑपरेशन में हिस्सा लिया। वे जोड़ी बनाकर गुफा के गहरे हिस्सों तक पहुंचे, लेकिन मौसम खराब होने के बाद मिशन रोकना पड़ा। इसी बीच, इटली सरकार ने कहा है कि वह डाइवर्स अलर्ट नेटवर्क नाम की स्पेशलिस्ट डाइविंग संस्था के साथ मिलकर शवों को वापस लाने की प्रक्रिया पर काम कर रही है। मौत की वजह अब तक साफ नहीं डाइवर्स की मौत की असली वजह अब तक सामने नहीं आई है। हालांकि, जांच एजेंसियां और डाइविंग एक्सपर्ट्स कई संभावनाओं पर काम कर रहे हैं। मालदीव पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या खराब मौसम की वजह से पानी के अंदर विजिबिलिटी बहुत कम हो गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे के समय 25 से 30 मील प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं। इटली के अखबार ला रिपब्लिका के मुताबिक, खराब मौसम के कारण विजिबिलिटी घटने से डाइवर्स गुफा के अंदर रास्ता भटक गए होंगे। मोनिका मोंटेफाल्कोने के पति कार्लो सोमाकाल ने इटली की मीडिया से कहा कि डायविंग के दौरान कोई अनपेक्षित घटना हुई होगी। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी दुनिया की सबसे अनुभवी डाइवर्स में थीं और वह कभी अपनी बेटी या टीम को खतरे में नहीं डालतीं। जांचकर्ता इस संभावना पर भी काम कर रहे हैं कि एक डाइवर कहीं फंस गया हो और बाकी साथी उसे बचाने की कोशिश में ऑक्सीजन खत्म होने या घबराहट का शिकार हो गए हों। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ डाइविंग एक्सपर्ट्स ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी की आशंका भी जता रहे हैं। यह स्थिति तब होती है, जब डाइविंग टैंक में मौजूद गैस का मिश्रण गहराई के हिसाब से सही नहीं होता और ज्यादा दबाव में ऑक्सीजन जहरीली हो जाती है। अंडरवॉटर केव डाइविंग क्यों खतरनाक मानी जाती है केव डाइविंग को बेहद तकनीकी और खतरनाक गतिविधि माना जाता है। इसके लिए स्पेशल ट्रेनिंग, एडवांस उपकरण और सख्त सुरक्षा नियमों की जरूरत होती है। डाइविंग एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अंडरवॉटर गुफाओं में रास्ता भटकने का खतरा बहुत ज्यादा होता है। हल्की सी मिट्टी या तलछट भी पानी में फैल जाए तो विजिबिलिटी लगभग शून्य हो सकती है। 50 मीटर की गहराई तक जाना सामान्य स्कूबा डाइविंग लिमिट से काफी ज्यादा माना जाता है। 40 मीटर से नीचे की डाइविंग को टेक्निकल डाइविंग कैटेगरी में रखा जाता है। इसके लिए अलग ट्रेनिंग और खास उपकरण जरूरी होते हैं। मालदीव में सामान्य रिक्रिएशनल डाइविंग की सीमा 30 मीटर तय है। BBC के मुताबिक, मालदीव में डाइविंग और स्नॉर्कलिंग हादसे बहुत कम होते हैं।

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मालदीव के वावू एटोल में इटली के 5 गोताखोरों की मौत हो गई। स्थानीय अधिकारियों ने इसे देश के इतिहास का सबसे बड़ा डाइविंग हादसा बताया है। सभी डाइवर्स 50 मीटर गहराई में मौजूद गुफाओं की खोज के लिए गए थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। अब तक सिर्फ एक शव बरामद हुआ है। खराब मौसम और समुद्र की कठिन परिस्थितियों की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है। अधिकारियों के मुताबिक बाकी चार डाइवर्स के शव अब भी गुफा के अंदर होने की आशंका है। सर्च ऑपरेशन शनिवार को फिर शुरू किया जाएगा। मालदीव सरकार ने मृतकों की पहचान मोनिका मोंटेफाल्कोने, जॉर्जिया सोमाकाल, फेडेरिको गुआल्तिएरी, म्यूरियल ओडेनिनो और जियानलुका बेनेडेट्टी के रूप में की है। यह टीम ‘ड्यूक ऑफ यॉर्क’ नाम की बोट से समुद्र में गई थी। यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोवा से जुड़े थे चार डाइवर्स रिपोर्ट्स के मुताबिक पांच में से कम से कम चार डाइवर्स इटली की यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोवा से जुड़े थे। जियानलुका बेनेडेट्टी यॉट पर बोट ऑपरेशंस मैनेजर थे। उनका शव ही अब तक बरामद किया जा सका है। मोनिका मोंटेफाल्कोने मरीन बायोलॉजिस्ट और यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोवा में ट्रॉपिकल मरीन इकोलॉजी और अंडरवॉटर साइंस की प्रोफेसर थीं। इटली की मीडिया के मुताबिक वह मालदीव में एक आइलैंड मॉनिटरिंग कैंपेन की साइंटिफिक डायरेक्टर भी थीं। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी बेटी जॉर्जिया सोमाकाल को भी समुद्र और डाइविंग में दिलचस्पी थी। उन्होंने उसी यूनिवर्सिटी से बायोमेडिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। 31 साल की म्यूरियल ओडेनिनो मरीन बायोलॉजिस्ट और इकोलॉजिस्ट थीं। उन्होंने कई वैज्ञानिक रिसर्च पेपर भी लिखे थे। वहीं, 31 साल के फेडेरिको गुआल्तिएरी ने हाल ही में मरीन बायोलॉजी और इकोलॉजी में डिग्री पूरी की थी। वह सर्टिफाइड स्कूबा डाइविंग इंस्ट्रक्टर भी थे। बेनेडेट्टी पहले बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में काम करते थे। बाद में उन्होंने डाइविंग के शौक के चलते 2017 में मालदीव शिफ्ट होने का फैसला किया और बोट ऑपरेशंस मैनेजर बन गए। खराब मौसम से रुका रेस्क्यू ऑपरेशन रेस्क्यू अधिकारियों के मुताबिक बेनेडेट्टी का शव अंडरवॉटर केव सिस्टम के प्रवेश द्वार के पास मिला। बाकी डाइवर्स के गुफा के अंदर फंसे होने की आशंका है। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, जिस केव सिस्टम में डाइवर्स गए थे, उसमें तीन बड़े चैम्बर्स हैं, जो पतले रास्तों से जुड़े हुए हैं। रेस्क्यू टीम अब तक दो चैम्बर्स की तलाशी ले चुकी है। डायविंग की सुरक्षित समय सीमा की वजह से ऑपरेशन सीमित रखना पड़ा। मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद हुसैन शरीफ ने बताया कि शुक्रवार को आठ डाइवर्स ने सर्च ऑपरेशन में हिस्सा लिया। वे जोड़ी बनाकर गुफा के गहरे हिस्सों तक पहुंचे, लेकिन मौसम खराब होने के बाद मिशन रोकना पड़ा। इसी बीच, इटली सरकार ने कहा है कि वह डाइवर्स अलर्ट नेटवर्क नाम की स्पेशलिस्ट डाइविंग संस्था के साथ मिलकर शवों को वापस लाने की प्रक्रिया पर काम कर रही है। मौत की वजह अब तक साफ नहीं डाइवर्स की मौत की असली वजह अब तक सामने नहीं आई है। हालांकि, जांच एजेंसियां और डाइविंग एक्सपर्ट्स कई संभावनाओं पर काम कर रहे हैं। मालदीव पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या खराब मौसम की वजह से पानी के अंदर विजिबिलिटी बहुत कम हो गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे के समय 25 से 30 मील प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं। इटली के अखबार ला रिपब्लिका के मुताबिक, खराब मौसम के कारण विजिबिलिटी घटने से डाइवर्स गुफा के अंदर रास्ता भटक गए होंगे। मोनिका मोंटेफाल्कोने के पति कार्लो सोमाकाल ने इटली की मीडिया से कहा कि डायविंग के दौरान कोई अनपेक्षित घटना हुई होगी। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी दुनिया की सबसे अनुभवी डाइवर्स में थीं और वह कभी अपनी बेटी या टीम को खतरे में नहीं डालतीं। जांचकर्ता इस संभावना पर भी काम कर रहे हैं कि एक डाइवर कहीं फंस गया हो और बाकी साथी उसे बचाने की कोशिश में ऑक्सीजन खत्म होने या घबराहट का शिकार हो गए हों। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ डाइविंग एक्सपर्ट्स ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी की आशंका भी जता रहे हैं। यह स्थिति तब होती है, जब डाइविंग टैंक में मौजूद गैस का मिश्रण गहराई के हिसाब से सही नहीं होता और ज्यादा दबाव में ऑक्सीजन जहरीली हो जाती है। अंडरवॉटर केव डाइविंग क्यों खतरनाक मानी जाती है केव डाइविंग को बेहद तकनीकी और खतरनाक गतिविधि माना जाता है। इसके लिए स्पेशल ट्रेनिंग, एडवांस उपकरण और सख्त सुरक्षा नियमों की जरूरत होती है। डाइविंग एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अंडरवॉटर गुफाओं में रास्ता भटकने का खतरा बहुत ज्यादा होता है। हल्की सी मिट्टी या तलछट भी पानी में फैल जाए तो विजिबिलिटी लगभग शून्य हो सकती है। 50 मीटर की गहराई तक जाना सामान्य स्कूबा डाइविंग लिमिट से काफी ज्यादा माना जाता है। 40 मीटर से नीचे की डाइविंग को टेक्निकल डाइविंग कैटेगरी में रखा जाता है। इसके लिए अलग ट्रेनिंग और खास उपकरण जरूरी होते हैं। मालदीव में सामान्य रिक्रिएशनल डाइविंग की सीमा 30 मीटर तय है। BBC के मुताबिक, मालदीव में डाइविंग और स्नॉर्कलिंग हादसे बहुत कम होते हैं।

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