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CBSE Revaluation Fee Slashed | Students OSM Complaint Resolved

CBSE Revaluation Fee Slashed | Students OSM Complaint Resolved

14 मिनट पहले

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शिक्षा मंत्रालय ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE एग्जाम के लिए रीवैल्यूएशन और आंसर शीट वेरिफिकेशन की फीस 700 से घटाकर 100 रुपए कर दी है। शिक्षा मंत्रालय के स्कूल एजुकेशन सेक्रेटरी संजय कुमार ने रविवार यानी 17 मई को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी दी।

CBSE ने रीवैल्यूएशन फीस घटाई

CBSE ने 2026 के लिए रीवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन की फीस घटाकर 100 रुपए कर दी है। वहीं किसी सवाल की दोबारा जांच या सुधार के लिए अब छात्रों को प्रति सवाल सिर्फ 25 रुपए देने होंगे।

बोर्ड ने ये भी कहा है कि अगर रीवैल्यूएशन के बाद किसी स्टूडेंट के नंबर बढ़ते हैं, तो उससे ली गई पूरी फीस वापस कर दी जाएगी।

इससे पहले तक स्टूडेंट्स को आंसर शीट देखने के लिए 700 रुपए पर सब्जेक्ट, वेरिफिकेशन के लिए 500 रुपए और रीवैल्यूएशन के लिए हर सवाल के 100 रुपए देने पड़ते थे।

स्टूडेंट्स 19 से 22 मई तक अपनी स्कैंड कॉपी देखने और 26 से 29 मई तक रीवैल्यूएशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

स्टूडेंट्स ने शिकायत की थी- ‘OSM की वजह से कम नंबर आए’

शिक्षा मंत्रायल ने ये फैसला CBSE 12वीं बोर्ड में ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम की वजह से रिजल्ट पर पड़ने वाले असर के बाद लिया है। दरअसल, CBSE 12वीं बोर्ड रिजल्ट के बाद कई स्टूडेंट और उनके पेरेंट्स ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर सवाल उठाया है। उनकी शिकायत है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग यानी OSM की वजह से 12वीं में स्टूडेंट्स के काफी कम नंबर आए हैं।

CBSE 12वीं बोर्ड में स्टूडेंट्स की उम्मीद से कम नंबर आए, JEE में 99 पर्सेंटाइल लाने वाले स्टूडेंट्स के बोर्ड में 75% भी नहीं आ पाए। साथ ही पास पर्सेंट भी कम हुआ। इस साल 12वीं का पासिंग पर्सेंटेज 88.39% से गिरकर 85.20% पर आ गया है। इसी लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर स्टूडेंट्स ने सवाल उठाए और मांग उठाई कि OSM की गड़बड़ी की वजह से ऐसा हुआ है तो रीवैल्यूएशन फ्री किया जाए। JEE में 99 पर्सेंटाइल वाले स्टूडेंट्स का 12वीं बोर्ड में 75% भी नहीं

स्टूडेंट्स का आरोप था कि कॉपियां स्क्रीन पर चेक होने से स्टेप-मार्किंग में भी गड़बड़ी हुई। इसकी वजह से जवाब सही होने पर भी काफी नंबर कटे। ऐसे JEE में 99 पर्सेंटाइल लाने वाले स्टूडेंट्स भी बोर्ड के 75% क्राइटेरिया से बाहर हो गए हैं। अब वे IIT-NIT में एडमिशन नहीं ले सकेंगे। क्योंकि नॉर्म्स के मुताबिक, JEE मेन में अच्छे रैंक के साथ ही 12वीं बोर्ड में 75% कम्पलसरी है।

रविवार को स्कूल एजुकेशन सेक्रेटरी संजय कुमार ने भी OSM सिस्टम का असर मानकर रीवैल्यूएशन की कीमत 100 रुपए कर दी है। हालांकि CBSE ने इस पर कहा था कि सिर्फ चेकिंग का तरीका बदला है, चेकिंग के नियम नहीं बदले हैं। संजय कुमार ने कहा कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग पूरी तरह फूलप्रूफ और ट्रांसपैरेंट सिस्टम है। OMS पर CBSE बोला- जिनमें गड़बड़ी उन्हें मैन्युअली जांचा

नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिक्षा मंत्रालय के संजय कुमार ने कहा कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम पहली बार लागू नहीं किया गया है। CBSE ने पहली बार 2014 में OSM शुरू किया था, लेकिन उस समय तकनीकी और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी की वजह से इसे जारी नहीं रखा।

मंत्रालय के मुताबिक, इस साल करीब 98 लाख आंसर शीट्स स्कैन करके PDF में बदला गया और फिर उन्हें एग्जामिनर्स को भेजा गया।

उनके मुताबिक स्कैनिंग के दौरान तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था अपनाई गई, ताकि स्टूडेंट के आंसर शीट का कोई पन्ना छूटे नहीं, सारे पन्ने साफ दिखाई दें और सिक्योरिटी कोड सही तरीके से जांचे जा सकें।

CBSE ने यह भी कहा कि जिन 13 हजार से ज्यादा कॉपियों में स्याही या लिखाई की वजह से स्कैनिंग में दिक्कत आई, उन्हें अलग से मैन्युअली चेक किया गया।

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CBSE ने रीवैल्यूएशन फीस घटाई

CBSE ने 2026 के लिए रीवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन की फीस घटाकर 100 रुपए कर दी है। वहीं किसी सवाल की दोबारा जांच या सुधार के लिए अब छात्रों को प्रति सवाल सिर्फ 25 रुपए देने होंगे।

बोर्ड ने ये भी कहा है कि अगर रीवैल्यूएशन के बाद किसी स्टूडेंट के नंबर बढ़ते हैं, तो उससे ली गई पूरी फीस वापस कर दी जाएगी।

इससे पहले तक स्टूडेंट्स को आंसर शीट देखने के लिए 700 रुपए पर सब्जेक्ट, वेरिफिकेशन के लिए 500 रुपए और रीवैल्यूएशन के लिए हर सवाल के 100 रुपए देने पड़ते थे।

स्टूडेंट्स 19 से 22 मई तक अपनी स्कैंड कॉपी देखने और 26 से 29 मई तक रीवैल्यूएशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

स्टूडेंट्स ने शिकायत की थी- ‘OSM की वजह से कम नंबर आए’

शिक्षा मंत्रायल ने ये फैसला CBSE 12वीं बोर्ड में ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम की वजह से रिजल्ट पर पड़ने वाले असर के बाद लिया है। दरअसल, CBSE 12वीं बोर्ड रिजल्ट के बाद कई स्टूडेंट और उनके पेरेंट्स ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर सवाल उठाया है। उनकी शिकायत है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग यानी OSM की वजह से 12वीं में स्टूडेंट्स के काफी कम नंबर आए हैं।

CBSE 12वीं बोर्ड में स्टूडेंट्स की उम्मीद से कम नंबर आए, JEE में 99 पर्सेंटाइल लाने वाले स्टूडेंट्स के बोर्ड में 75% भी नहीं आ पाए। साथ ही पास पर्सेंट भी कम हुआ। इस साल 12वीं का पासिंग पर्सेंटेज 88.39% से गिरकर 85.20% पर आ गया है। इसी लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर स्टूडेंट्स ने सवाल उठाए और मांग उठाई कि OSM की गड़बड़ी की वजह से ऐसा हुआ है तो रीवैल्यूएशन फ्री किया जाए। JEE में 99 पर्सेंटाइल वाले स्टूडेंट्स का 12वीं बोर्ड में 75% भी नहीं

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रविवार को स्कूल एजुकेशन सेक्रेटरी संजय कुमार ने भी OSM सिस्टम का असर मानकर रीवैल्यूएशन की कीमत 100 रुपए कर दी है। हालांकि CBSE ने इस पर कहा था कि सिर्फ चेकिंग का तरीका बदला है, चेकिंग के नियम नहीं बदले हैं। संजय कुमार ने कहा कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग पूरी तरह फूलप्रूफ और ट्रांसपैरेंट सिस्टम है। OMS पर CBSE बोला- जिनमें गड़बड़ी उन्हें मैन्युअली जांचा

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मंत्रालय के मुताबिक, इस साल करीब 98 लाख आंसर शीट्स स्कैन करके PDF में बदला गया और फिर उन्हें एग्जामिनर्स को भेजा गया।

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