Wednesday, 10 Jun 2026 | 05:06 PM

Trending :

लौकी दाल के कबाब रेसिपी: समोसे-पकौड़े नहीं, घर में कम तेल में तैयार करें लोकी-दाल के कुरकुरे कबाब, खास के लिए है परफेक्ट रेसिपी सलमान की दोस्त कुमुद का निधन, खान परिवार भावुक:सोहेल-अर्पिता और यूलिया वंतूर ने लिखा इमोशनल पोस्ट; अंतिम संस्कार में रो पड़े थे सलमान RPSC Bharti Apply Last Date July 10 कनाडा नगर कीर्तन विवाद: कथित तौर पर खालिस्तानी प्रचार प्रदर्शन में बच्चों का इस्तेमाल | न्यूज18 ‘ममता धृतराष्ट्र बन गई हैं’: बागी सांसद शताब्दी रॉय का टीएमसी प्रमुख पर विस्फोटक हमला | न्यूज18 अजय स्टारर ‘धमाल 4’ की रिलीज डेट फिर बदली:तय समय से एक हफ्ते पहले हंसाएगी फिल्म; 10 जुलाई को सिनेमाघरों में हो सकती है रिलीज
EXCLUSIVE

गर्मियों में आदिवासी पीते हैं देसी ड्रिंक, लू और डिहाइड्रेशन से होगा बचाव, दिनभर रहेंगे कूल-कूल

arw img
X

महुआ

गर्मियों में आदिवासी पीते हैं देसी ड्रिंक, लू और डिहाइड्रेशन से होगा बचाव

 

महुआ की राब: महुआ से बनने वाली कई चीज है, जिससे कई पोषक तत्वों से भरपूर चीजें बनाई जाती है. इन्हीं में से एक राब. जी हां महुआ की राब, जो ताकत का खजाना, पोषण का केंद्र और औषधीय गुणों से भरपूर है. बालाघाट में महुआ के फूलों से तैयार की जाती है. महुए की राब एक पारंपरिक पेय पदार्थ है, जो महुआ के ताजे फूल या सूखे फूलों के रस को निकालकर पकाया जाता है. इससे शरीर को ऊर्जा के साथ ठंडक भी मिलती है. वहीं, स्वाद काफी अच्छा होता है. बुजुर्ग बताते है कि इसमें प्राकृतिक मिठास होती है. ऐसे में इसका सेवन आज की पीढ़ी को भी करना चाहिए. महुए की राब में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसमें प्राकृतिक शर्करा, विटामिन और औषधीय तत्व पाए जाते हैं. यह शरीर को ताजगी और स्फूर्ति देती है. यह पाचन शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है. ग्रामीण अंचलों में गर्मी और थकान से बचने के लिए पिया जाता है. ग्रामीणों का यह भी मानना है कि ग्रामीण अंचलों में प्रसव के बाद मां को शक्ति देने के लिए हर दिन एक चम्मच पिलाया जाता है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
हेल्थ टिप्स: अपच और एसिडिटी से बचना है तो भूलकर भी न फायदेमंद ये 8 चीजें

May 9, 2026/
3:25 pm

ग्रीष्मकालीन पाचन स्वास्थ्य युक्तियाँ: जैसे-जैसे ब्याज दर बढ़ रही है, उपभोक्ता में पेट से जुड़े प्रश्नों की संख्या में पूछताछ...

अब मुख्यमंत्री नहीं, ममता बनर्जी, राज्यपाल ने पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल का कार्यभार संभाला

May 7, 2026/
7:10 pm

ममता बनर्जी ने कोई घोषणा नहीं की, इसके बाद राज्यपाल ने पश्चिम बंगाल में निजीकरण कर दिया। बंगाल चुनाव में...

authorimg

April 21, 2026/
12:53 pm

Last Updated:April 21, 2026, 12:53 IST घास जैसा दिखने वाला दूधिया पौधा आयुर्वेद में बेहद गुणकारी माना जाता है. यह...

IPL 2026 Final Venue Suspense

May 5, 2026/
1:51 pm

36 मिनट पहले कॉपी लिंक परंपरा के अनुसार IPL 2026 के फाइनल की मेजबानी बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम को...

रिपोर्ट-पाकिस्तान ने ईरान के सैन्य विमान छिपाने में मदद की:अमेरिकी हमलों से बचाने नूर खान एयरबेस पर रखा, PAK ने आरोपों को नकारा

May 12, 2026/
11:28 am

पाकिस्तान ने अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान ईरानी सैन्य विमानों को अपने एयरबेस पर जगह दी। यह दावा CBS न्यूज ने...

राजनीति

गर्मियों में आदिवासी पीते हैं देसी ड्रिंक, लू और डिहाइड्रेशन से होगा बचाव, दिनभर रहेंगे कूल-कूल

arw img
X

महुआ

गर्मियों में आदिवासी पीते हैं देसी ड्रिंक, लू और डिहाइड्रेशन से होगा बचाव

 

महुआ की राब: महुआ से बनने वाली कई चीज है, जिससे कई पोषक तत्वों से भरपूर चीजें बनाई जाती है. इन्हीं में से एक राब. जी हां महुआ की राब, जो ताकत का खजाना, पोषण का केंद्र और औषधीय गुणों से भरपूर है. बालाघाट में महुआ के फूलों से तैयार की जाती है. महुए की राब एक पारंपरिक पेय पदार्थ है, जो महुआ के ताजे फूल या सूखे फूलों के रस को निकालकर पकाया जाता है. इससे शरीर को ऊर्जा के साथ ठंडक भी मिलती है. वहीं, स्वाद काफी अच्छा होता है. बुजुर्ग बताते है कि इसमें प्राकृतिक मिठास होती है. ऐसे में इसका सेवन आज की पीढ़ी को भी करना चाहिए. महुए की राब में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसमें प्राकृतिक शर्करा, विटामिन और औषधीय तत्व पाए जाते हैं. यह शरीर को ताजगी और स्फूर्ति देती है. यह पाचन शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है. ग्रामीण अंचलों में गर्मी और थकान से बचने के लिए पिया जाता है. ग्रामीणों का यह भी मानना है कि ग्रामीण अंचलों में प्रसव के बाद मां को शक्ति देने के लिए हर दिन एक चम्मच पिलाया जाता है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.