ग्रीष्मकालीन पाचन स्वास्थ्य युक्तियाँ: जैसे-जैसे ब्याज दर बढ़ रही है, उपभोक्ता में पेट से जुड़े प्रश्नों की संख्या में पूछताछ देखने को मिल रही है। अक्सर लोग इसे सिर्फ बाहरी गर्मी का असर मानते हैं, लेकिन हमारे शरीर की अंदरूनी स्लाइड और खान-पान में स्थिरता का असर नहीं होता।
गर्मियों में क्यों होती है परेशानी?
गर्मी में शरीर का तापमान बढ़ना पर रक्त फ्लो त्वचा की तरफ सबसे अधिक होता है, इसलिए मस्तिष्क के माध्यम से शरीर को ठंडा रखा जा सकता है। इस प्रक्रिया में डाइजेस्टिव क्रैट्रिअक्स (पाचन ऑपरेशन) को मिलने वाली ब्लड स्ट्राक्रैट्स कम हो जाती है, जो उनकी स्कॉर्बिश प्लांट है। साथ ही, डायहाइड्रेशन के कारण पाचक एंजाइम भी ठीक से काम नहीं कर पाते।
इन 8 चीज़ों को अपने अंदर से बाहर निकालें
इन खाद्य पदार्थों से दूरी बनाना ही समझदारी है।
अधिकांश तला-भूना: समोसे, पकौड़े और चिप्स.
कैफीन: चाय और कॉफ़ी का अत्यधिक सेवन।
जमे हुए पेय पदार्थ: ठंडा पेय और सोडा।
अन्य भोजन: लाल मिर्च और गरम मसाला।
लाल मीठा: इसे पचाने में शरीर को काफी पुराना पड़ा है।
अकाण्ड खाद्य पदार्थ: दुकान बंद दुकान।
बेवक़्त नमक: यह डिजाईन रिटर्न है।
देर रात का भारी भोजन: यह मेटाबॉलिज़म को परेशान करता है।
पेट को ठंडा करने का ये उपाय
पाचन को बनाए रखने के लिए 15 घटकों को शामिल करने की सलाह दी जाती है।
तरल पदार्थ: नारियल का पानी, छाछ, नींबू का पानी और बेल का शरबत।
फल और सामग्री: तरबूज़, खेड़ा, ककड़ी, लौकी, और पुदीना।
प्रोबायोटिक्स: दही और लस्सी जो गट ब्रांड को स्थापित कर रहे हैं।
खाने का सही तरीका
गर्मियों में एक बार में छोटे-छोटे में भारी भोजन के बजाय छोटे-छोटे भोजन करें। अपने पेट का सिर्फ 70% हिस्सा ही भरें। अगर अपच, उल्टी या दस्त की समस्या 2-3 दिन से ज्यादा हो, तो इसे न करें, क्योंकि इससे फूड पॉइज़निंग या गंभीर संक्रमण हो सकता है।
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