Saturday, 29 Aug 2026 | 10:58 AM

Trending :

EXCLUSIVE

‘Chacha Cricket’ will not be seen holding the Pakistan flag in his hands.

'Chacha Cricket' will not be seen holding the Pakistan flag in his hands.
  • Hindi News
  • Sports
  • ‘Chacha Cricket’ Will Not Be Seen Holding The Pakistan Flag In His Hands.

लाहौर47 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अब्दुल जलील(चाचा क्रिकेट) को 1996 में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने शुभंकर घोषित किया था। – फाइल फोटो

लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में अगले हफ्ते जब पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरा वनडे खेला जाएगा, तब मैदान में एक चेहरा ऐसा भी होगा जिसे देखकर करोड़ों पाकिस्तानी भावुक हो जाएंगे। हरे रंग का कुर्ता, टोपी, हाथ में पाकिस्तान का झंडा और चेहरे पर वही मुस्कान। यह होंगे ‘चाचा क्रिकेट’।

77 साल के अब्दुल जलील, जिन्हें पूरी दुनिया चाचा क्रिकेट के नाम से जानती है, इस मैच के बाद पाकिस्तान में मैचों में चीयर करना छोड़ देंगे। करीब पांच दशक तक टीम के साथ हर जीत-हार में खड़े रहने वाले चाचा अब रिटायरमेंट की तैयारी कर रहे हैं। 1968-69 में लाहौर में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट देखकर उन्हें क्रिकेट से ऐसा प्यार हुआ कि जिंदगी ही बदल गई। बाद में नौकरी के लिए यूएई गए, लेकिन पाकिस्तान का मैच देखने के लिए अबु धाबी से शारजाह तक तीन-तीन बसें बदलकर पहुंचते थे। धीरे-धीरे उनका हरा पहनावा और जोश भरा अंदाज पाकिस्तान क्रिकेट की पहचान बन गया।

1996 में उन्हें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने शुभंकर घोषित किया। साल 1998 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पूरी जिंदगी पाकिस्तान क्रिकेट को समर्पित कर दी। 1999 वर्ल्ड कप में वे इंग्लैंड तक पहुंचे। इसके बाद दुनिया के लगभग हर बड़े क्रिकेट मैदान में पाकिस्तान का झंडा लहराते दिखे। चाचा कहते हैं कि उन्होंने 500 मैचों में टीम को चीयर करने का सपना देखा था, जो पूरा हो चुका है। अब उनका सपना सियालकोट में एक रेस्टोरेंट और क्रिकेट म्यूजियम खोलने का है, जहां वह जुटाए गए अपने यादगार सामान को रखेंगे।

हालांकि, टीम के हालिया खराब फॉर्म के कारण वे श्रीलंका में 2026 टी20 वर्ल्ड कप में टीम का समर्थन करने नहीं गए। भले ही हालिया प्रदर्शन खराब हो, लेकिन चाचा क्रिकेट ने पाक के दबदबे का सुनहरा दौर भी करीब से देखा है। उन्हें आज भी 1986 में जावेद मियांदाद का आखिरी गेंद पर छक्का याद है। वहीं, 2011 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल (मोहाली) और 2024 टी20 वर्ल्ड कप (न्यूयॉर्क) में भारत से हार उनके दिल में दर्द छोड़ गई। लेकिन चाचा क्रिकेट अब भी वही बात दोहराते हैं- ‘कभी खुशी, कभी गम… कभी तुम, कभी हम। खेल में ऐसा होता है।’ शायद यही वजह है कि चाचा क्रिकेट सिर्फ एक फैन नहीं, बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट की चलती-फिरती याद बन चुके हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Meghalaya Board MBOSE SSLC Result 2026 LIVE: Class 10 results at megresults.nic.in.

April 7, 2026/
12:09 pm

आखरी अपडेट:07 अप्रैल, 2026, 12:09 IST राजनीतिक विश्लेषक इस अभियान को दक्षिणी राज्यों में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कांग्रेस...

पंजाब सरकार ने भज्जी की सिक्योरिटी छीनी:MP को मिली थी जेड प्लस सुरक्षा, घर पर लिखा जा चुका गद्दार; ‌BJP के साथ होने का दावा

April 26, 2026/
9:42 am

आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले राज्यसभा सांसद और क्रिकेटर हरभजन सिंह की पंजाब सरकार ने सिक्योरिटी वापस ले ले ली...

Nehal Wadhera and Shreyas Iyer are building a partnership (Picture credit: AP)

April 4, 2026/
12:07 pm

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 12:07 IST तमिलनाडु चुनाव 2026: तमिलनाडु चुनाव के लिए दायर चुनावी हलफनामों के आधार पर, अभिनेता...

रबाडा ने गुलाटी मारकर सेलिब्रेट किया शेडगे का विकेट:सिराज ने पहले ओवर में लगातार बॉल पर विकेट झटके; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

May 4, 2026/
5:12 am

गुजरात टाइटंस ने IPL 2026 के 46वें मैच में पंजाब किंग्स को 4 विकेट से हरा दिया। मैच के पहले...

दिल्ली की IAS एकेडमी डायरेक्टर का अपहरण:भोपाल में 4 घंटे बंधक बनाया, पिस्टल सटाकर 2 करोड़ वसूले; विदेश भागने वाला था मास्टरमाइंड

May 3, 2026/
2:19 pm

भोपाल में 9 बदमाशों ने बुधवार दोपहर दिल्ली की IAS एकेडमी की डायरेक्टर को किडनैप कर लिया। 4 घंटे बंधक...

Ricky Martin will perform at the ICC Men's T20 World Cup closing ceremony before the final match between India and New Zealand (PTI)

March 8, 2026/
4:42 pm

आखरी अपडेट:मार्च 08, 2026, 16:42 IST अंतर्राष्ट्रीय संथाल परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष नरेश मुर्मू ने कहा कि इस कार्यक्रम की...

एपल के एप स्टोर पर वापस लौटा टेलीग्राम:'पेज नॉट फाउंड' का मैसेज दिखने के बाद रिस्टोर हुआ; जल्द सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा

August 4, 2026/
8:56 am

टेलीग्राम एपल स्टोर पर वापस आ गया है। टेलीग्राम ने सर्विस रिस्टोर होने की जानकारी दी। कंपनी ने कहा कि...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

‘Chacha Cricket’ will not be seen holding the Pakistan flag in his hands.

'Chacha Cricket' will not be seen holding the Pakistan flag in his hands.
  • Hindi News
  • Sports
  • ‘Chacha Cricket’ Will Not Be Seen Holding The Pakistan Flag In His Hands.

लाहौर47 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अब्दुल जलील(चाचा क्रिकेट) को 1996 में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने शुभंकर घोषित किया था। – फाइल फोटो

लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में अगले हफ्ते जब पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरा वनडे खेला जाएगा, तब मैदान में एक चेहरा ऐसा भी होगा जिसे देखकर करोड़ों पाकिस्तानी भावुक हो जाएंगे। हरे रंग का कुर्ता, टोपी, हाथ में पाकिस्तान का झंडा और चेहरे पर वही मुस्कान। यह होंगे ‘चाचा क्रिकेट’।

77 साल के अब्दुल जलील, जिन्हें पूरी दुनिया चाचा क्रिकेट के नाम से जानती है, इस मैच के बाद पाकिस्तान में मैचों में चीयर करना छोड़ देंगे। करीब पांच दशक तक टीम के साथ हर जीत-हार में खड़े रहने वाले चाचा अब रिटायरमेंट की तैयारी कर रहे हैं। 1968-69 में लाहौर में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट देखकर उन्हें क्रिकेट से ऐसा प्यार हुआ कि जिंदगी ही बदल गई। बाद में नौकरी के लिए यूएई गए, लेकिन पाकिस्तान का मैच देखने के लिए अबु धाबी से शारजाह तक तीन-तीन बसें बदलकर पहुंचते थे। धीरे-धीरे उनका हरा पहनावा और जोश भरा अंदाज पाकिस्तान क्रिकेट की पहचान बन गया।

1996 में उन्हें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने शुभंकर घोषित किया। साल 1998 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पूरी जिंदगी पाकिस्तान क्रिकेट को समर्पित कर दी। 1999 वर्ल्ड कप में वे इंग्लैंड तक पहुंचे। इसके बाद दुनिया के लगभग हर बड़े क्रिकेट मैदान में पाकिस्तान का झंडा लहराते दिखे। चाचा कहते हैं कि उन्होंने 500 मैचों में टीम को चीयर करने का सपना देखा था, जो पूरा हो चुका है। अब उनका सपना सियालकोट में एक रेस्टोरेंट और क्रिकेट म्यूजियम खोलने का है, जहां वह जुटाए गए अपने यादगार सामान को रखेंगे।

हालांकि, टीम के हालिया खराब फॉर्म के कारण वे श्रीलंका में 2026 टी20 वर्ल्ड कप में टीम का समर्थन करने नहीं गए। भले ही हालिया प्रदर्शन खराब हो, लेकिन चाचा क्रिकेट ने पाक के दबदबे का सुनहरा दौर भी करीब से देखा है। उन्हें आज भी 1986 में जावेद मियांदाद का आखिरी गेंद पर छक्का याद है। वहीं, 2011 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल (मोहाली) और 2024 टी20 वर्ल्ड कप (न्यूयॉर्क) में भारत से हार उनके दिल में दर्द छोड़ गई। लेकिन चाचा क्रिकेट अब भी वही बात दोहराते हैं- ‘कभी खुशी, कभी गम… कभी तुम, कभी हम। खेल में ऐसा होता है।’ शायद यही वजह है कि चाचा क्रिकेट सिर्फ एक फैन नहीं, बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट की चलती-फिरती याद बन चुके हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.