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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लश्कर-ए-तैयबा के एक बड़े स्लीपर सेल नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है. बांग्लादेश से संचालित इस मॉड्यूल के 8 सदस्यों को दिल्ली, कोलकाता और तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया है. दिल्ली पुलिस द्वारा पकड़े गए लश्कर मॉड्यूल ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है. पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु से हुई इन गिरफ्तारियों ने सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या ये दोनों राज्य आतंकियों के नए ठिकाने बन रहे हैं? जानिए पिछले एक साल का पूरा डेटा और सक्रिय आतंकी संगठनों की इनसाइड स्टोरी.
क्या पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु आतंकियों का छिपने का नया ठिकाना बन रहा है?
नई दिल्ली. क्या पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु आतंकियों का नया ठिकाना बन रहा है? क्यों इन दोनों राज्यों से लगातार बांग्लादेशी मॉड्यूल का भंडाफोड़ हो रहा है. देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर पिछले कुछ महीनों में जो रिपोर्ट्स और गिरफ्तारियां सामने आई हैं, उन्होंने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों की सुरक्षा स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हाल ही में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा ‘लश्कर-ए-तैयबा’ के एक अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया, जिसके तार कोलकाता और तमिलनाडु के तिरुपुर से जुड़े थे. यह पहली बार नहीं है जब इन राज्यों से हाई-प्रोफाइल आतंकियों की गिरफ्तारी हुई हो. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भौगोलिक स्थिति और जनसांख्यिकीय कारकों के साथ-साथ राजनीतिक हालात भी इन राज्यों में स्लीपर सेल्स के लिए सुरक्षित ठिकाने के रूप में उभार रहा है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2025-26 के दौरान एनआईए ने देशभर में जो छापेमारी की, उनमें से लगभग 30% कार्रवाई पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में केंद्रित थी. अकेले बंगाल से 4 बड़े मॉड्यूल ध्वस्त किए गए, जबकि तमिलनाडु में आईएसआईएस के तीन स्लीपर सेल्स को निष्क्रिय किया गया. रविवार को ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े काउंटर-टेरर ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा के एक खतरनाक बांग्लादेशी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने दिल्ली, कोलकाता और तमिलनाडु में एक साथ छापेमारी कर कुल 8 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है. ये सभी आतंकी बांग्लादेशी मूल के हैं और भारत में अवैध रूप से घुसपैठ कर फर्जी भारतीय पहचान पत्रों के सहारे रह रहे थे.
क्या तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल आतंकियों का नया ठिकाना?
पश्चिम बंगाल की लंबी और छिद्रपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सीमा बांग्लादेश के साथ लगती है, जो इसे घुसपैठ के लिए आसान रास्ता बनाती है. पिछले एक साल में एनआईए और एसटीएफ ने बंगाल के मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर 24 परगना से कम से कम 15-18 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. वहीं, तमिलनाडु कभी अपनी शांति के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यहां कट्टरपंथी विचारधारा का प्रसार सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बन गया है. कोयंबटूर कार ब्लास्ट के बाद से तमिलनाडु में सक्रियता बढ़ी है. पिछले 12 महीनों में तमिलनाडु के कोयंबटूर, तिरुपुर और चेन्नई से लगभग 10-12 आतंकियों और उनके समर्थकों को हिरासत में लिया गया है.
#WATCH | Delhi | Six suspects who were arrested from Tamil Nadu for planning a major terrorist plot with the support of Pakistan’s intelligence agency, ISI, and Bangladeshi terrorist organisations brought to Delhi by the Delhi Police pic.twitter.com/QshJeFtlyY












































