Monday, 13 Jul 2026 | 07:22 PM

Trending :

EXCLUSIVE

India Inflation Hits 4.38% in June

India Inflation Hits 4.38% in June

नई दिल्ली4 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

रिटेल महंगाई जून में बढ़कर 4.38% पर पहुंच गई है। जनवरी 2025 के बाद यह पहला मौका है जब महंगाई रिजर्व बैंकके 4% के मिडपॉइंट टारगेट के पार निकल गई है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने आज 13 जुलाई को ये आंकड़े जारी किए।

महंगाई बढ़ने की बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दामों का बढ़ना है। फूड इन्फ्लेशन जून में बढ़कर 5.32% पर पहुंच गई है। मई में यह आंकड़ा 4.38% पर था।

आलू और अदरक महंगे हुए, सोने-चांदी के गहने सस्ते

सामान मई में महंगाई दर जून में महंगाई दर
आलू -23.71 -20.34
टमाटर 48.43 31.92
अदरक 32.50 50.41
जीरा -4.59 -3.75
सोना/हीरा/प्लैटिनम के गहने 40.91 36.82
चांदी के गहने 155.25 133.21

इस साल रिटेल महंगाई का हाल

महीना महंगाई दर
जनवरी 2.74%
फरवरी 3.21%
मार्च 3.40%
अप्रैल 3.48%
मई 3.93%
जून 4.38%

महंगाई बढ़ने से ब्याज दरें बढ़ने की आशंका

भले ही मौजूदा महंगाई अभी भी RBI के 2% से 6% के टॉलरेंस बैंड के भीतर है, लेकिन कीमतों में आगे और बढ़ोतरी केंद्रीय बैंक को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए मजबूर कर सकती है। अगर ऐसा होता है, तो आने वाली तिमाहियों में देश की आर्थिक ग्रोथ पर असर पड़ सकता है।

जून में ही RBI ने अल नीनो परिस्थितियों के कारण कम मानसून की आशंका और बढ़ती एनर्जी कीमतों के दोहरे रिस्क को देखते हुए अपने महंगाई के अनुमान को 4.6% से बढ़ाकर 5.1% कर दिया था।

नए इंडेक्स की वजह से पिछले साल से तुलना नहीं

महंगाई के डेटा की तुलना पिछले साल की समान अवधि से नहीं की जा सकती, क्योंकि इसी साल जनवरी में इस इंडेक्स को रीसेट किया गया था। साल 2024 को बेस ईयर बनाकर नई सीरीज की शुरुआत की गई थी, जिसमें जनवरी में संशोधित रिटेल महंगाई 2.74% दर्ज हुई थी।

इसके बाद कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई। फरवरी में यह 3.21%, मार्च में 3.4%, अप्रैल में 3.48% और मई में 3.93% दर्ज की गई थी। पुरानी CPI सीरीज जिसका बेस ईयर 2012 था के तहत महंगाई दर दिसंबर में 1.33% और नवंबर में 0.71% रही थी।

नए महंगाई इंडेक्स में खर्च के पैटर्न को बदला गया

नया इन्फ्लेशन इंडेक्स साल 2023-24 के हाउसहोल्ड कंजम्पशन एक्सपेंडिचर सर्वे में सामने आए खर्च के तौर-तरीकों पर आधारित है। इंडेक्स के घटकों के नए वेटेज की वजह से महंगाई के आंकड़ों में मामूली बढ़ोतरी दिख रही है। इसमें मुख्य चीजों की हिस्सेदारी करीब 10% बढ़ा दी गई है, जबकि उतार-चढ़ाव वाले खाद्य पदार्थों की भूमिका को कम किया गया है।

महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है?

महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी।

4.38% महंगाई दर का क्या मतलब है?

1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल)

जब हम कहते हैं कि जून 2026 में महंगाई 4.38% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना जून 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 4.38% एक औसत नंबर है जिसे ‘कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं:

  • किसी चीज के दाम बहुत ज्यादा बढ़े होंगे।
  • किसी चीज के दाम घटे भी होंगे।
  • जब इन सबको एक साथ मिलाया गया, तो औसतन खर्च 4.38% बढ़ गया।

2. ₹100 की चीज अब ₹104.38 की हो गई

इसका गणित बहुत सीधा है। अगर जून 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन ₹100 में खरीदा था, तो वही सामान मई 2026 में ₹104.38 का हो गया है।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
लौकी का चीला रेसिपी: सुबह-सुबह जानें लौकी से बना चीला, स्वाद के साथ स्वास्थ्य भी रहेगा कायम; ब्लड शुगर भी रहेगा कंट्रोल

February 24, 2026/
8:58 am

लौकी का चीला कैसे बनाये:नाश्ता हमारे दिन का सबसे जरूरी मील होता है। अगर आप रोज़-रोज़ वो भारी और तेली...

Punjab Minister Officer Suicide FIR

March 22, 2026/
5:00 am

वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा, थाने के बाहर इकट्‌ठे हुए लोग और लालजीत भुल्लर। पंजाब में वेयरहाउस के...

  भीगे हुए चावल के स्वास्थ्य लाभ

February 18, 2026/
12:46 pm

भीगे हुए चावल के स्वास्थ्य लाभ | छवि: फ्रीपिक भीगे हुए चावल के स्वास्थ्य लाभ: भारतीय थाली बिना चावल की...

Peoples Will Crucial for National Security

April 14, 2026/
8:34 pm

गांधीनगर16 मिनट पहले कॉपी लिंक राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में संबोधित करते NSA डोभाल। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA)...

विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: कांग्रेस ने 'गीत गाया'

April 6, 2026/
7:48 am

विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: पश्चिम बंगाल, केरल, तमिल, असम” href=’https://www.abplive.com/elections/assam-assembly-election-2026′ target=”_self”>असम यानी चार राज्य और पुद्दुचेरी यानी एक केंद्र बिंदु...

राजनीति

India Inflation Hits 4.38% in June

India Inflation Hits 4.38% in June

नई दिल्ली4 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

रिटेल महंगाई जून में बढ़कर 4.38% पर पहुंच गई है। जनवरी 2025 के बाद यह पहला मौका है जब महंगाई रिजर्व बैंकके 4% के मिडपॉइंट टारगेट के पार निकल गई है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने आज 13 जुलाई को ये आंकड़े जारी किए।

महंगाई बढ़ने की बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दामों का बढ़ना है। फूड इन्फ्लेशन जून में बढ़कर 5.32% पर पहुंच गई है। मई में यह आंकड़ा 4.38% पर था।

आलू और अदरक महंगे हुए, सोने-चांदी के गहने सस्ते

सामान मई में महंगाई दर जून में महंगाई दर
आलू -23.71 -20.34
टमाटर 48.43 31.92
अदरक 32.50 50.41
जीरा -4.59 -3.75
सोना/हीरा/प्लैटिनम के गहने 40.91 36.82
चांदी के गहने 155.25 133.21

इस साल रिटेल महंगाई का हाल

महीना महंगाई दर
जनवरी 2.74%
फरवरी 3.21%
मार्च 3.40%
अप्रैल 3.48%
मई 3.93%
जून 4.38%

महंगाई बढ़ने से ब्याज दरें बढ़ने की आशंका

भले ही मौजूदा महंगाई अभी भी RBI के 2% से 6% के टॉलरेंस बैंड के भीतर है, लेकिन कीमतों में आगे और बढ़ोतरी केंद्रीय बैंक को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए मजबूर कर सकती है। अगर ऐसा होता है, तो आने वाली तिमाहियों में देश की आर्थिक ग्रोथ पर असर पड़ सकता है।

जून में ही RBI ने अल नीनो परिस्थितियों के कारण कम मानसून की आशंका और बढ़ती एनर्जी कीमतों के दोहरे रिस्क को देखते हुए अपने महंगाई के अनुमान को 4.6% से बढ़ाकर 5.1% कर दिया था।

नए इंडेक्स की वजह से पिछले साल से तुलना नहीं

महंगाई के डेटा की तुलना पिछले साल की समान अवधि से नहीं की जा सकती, क्योंकि इसी साल जनवरी में इस इंडेक्स को रीसेट किया गया था। साल 2024 को बेस ईयर बनाकर नई सीरीज की शुरुआत की गई थी, जिसमें जनवरी में संशोधित रिटेल महंगाई 2.74% दर्ज हुई थी।

इसके बाद कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई। फरवरी में यह 3.21%, मार्च में 3.4%, अप्रैल में 3.48% और मई में 3.93% दर्ज की गई थी। पुरानी CPI सीरीज जिसका बेस ईयर 2012 था के तहत महंगाई दर दिसंबर में 1.33% और नवंबर में 0.71% रही थी।

नए महंगाई इंडेक्स में खर्च के पैटर्न को बदला गया

नया इन्फ्लेशन इंडेक्स साल 2023-24 के हाउसहोल्ड कंजम्पशन एक्सपेंडिचर सर्वे में सामने आए खर्च के तौर-तरीकों पर आधारित है। इंडेक्स के घटकों के नए वेटेज की वजह से महंगाई के आंकड़ों में मामूली बढ़ोतरी दिख रही है। इसमें मुख्य चीजों की हिस्सेदारी करीब 10% बढ़ा दी गई है, जबकि उतार-चढ़ाव वाले खाद्य पदार्थों की भूमिका को कम किया गया है।

महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है?

महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी।

4.38% महंगाई दर का क्या मतलब है?

1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल)

जब हम कहते हैं कि जून 2026 में महंगाई 4.38% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना जून 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 4.38% एक औसत नंबर है जिसे ‘कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं:

  • किसी चीज के दाम बहुत ज्यादा बढ़े होंगे।
  • किसी चीज के दाम घटे भी होंगे।
  • जब इन सबको एक साथ मिलाया गया, तो औसतन खर्च 4.38% बढ़ गया।

2. ₹100 की चीज अब ₹104.38 की हो गई

इसका गणित बहुत सीधा है। अगर जून 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन ₹100 में खरीदा था, तो वही सामान मई 2026 में ₹104.38 का हो गया है।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.