28 मिनट पहले
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‘जुरासिक पार्क’ फिल्म के लिए मशहूर न्यू जीलैंड के एक्टर सैम नील की मौत न्यूमोनिया के कारण हुई है। सोमवार को 78 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था। उन्होंने सिडनी के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली थी। तब उनके परिवार ने मौत की वजह का खुलासा नहीं किया था।
BBC की रिपोर्ट के मुताबिक उनके एजेंट फिलिप ग्रेंज ने गुरुवार को बयान जारी कर बताया कि सैम नील की मौत न्यूमोनिया के कारण हुई है। मीडिया में उनकी मौत को लेकर चल रही गलत खबरों के बाद एजेंट ने यह जानकारी साफ की है।
सैम नील लंबे समय से ब्लड कैंसर से पीड़ित थे, लेकिन इलाज के बाद वे पूरी तरह कैंसर मुक्त हो चुके थे। जब उनका निधन हुआ, तब उनके शरीर में कैंसर नहीं था।
कहा था- मौत से नहीं डरता सैम नील ने साल 2023 में आई अपनी किताब ‘डिड आई एवर टेल यू दिस?’ में अपनी बीमारी और इलाज के दिनों का जिक्र किया था। कैंसर के बारे में बात करते हुए उन्होंने बीबीसी से कहा था कि उन्हें मौत से डर नहीं लगता, लेकिन वे जीना छोड़ना नहीं चाहते क्योंकि उन्हें जिंदगी से बहुत प्यार है।

सैम नील कौन थे?
सैम नील न्यूजीलैंड के सबसे मशहूर अभिनेताओं में से एक थे। उनका पूरा नाम नाइजल जॉन डर्मॉट “सैम” नील था। उनका जन्म 14 सितंबर 1947 को उत्तरी आयरलैंड के ओमाघ में हुआ था। जब वे छोटे थे, तब उनका परिवार न्यूजीलैंड जाकर बसा, जहां उनकी परवरिश हुई।
सैम नील ने 1970 के दशक में अभिनय की शुरुआत की। उन्हें पहली बड़ी पहचान 1977 की फिल्म स्लीपिंग डॉग्स से मिली। इसके बाद 1979 की माय ब्रिलियंट करियर ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। 1980 और 1990 के दशक में उन्होंने हॉलीवुड में अपनी अलग जगह बनाई। सैम नील उन कलाकारों में शामिल थे, जिन्होंने 1970 के दशक के आखिर में ऑस्ट्रेलियाई सिनेमा को दुनिया भर में नई पहचान दिलाई। उनका फिल्मी करियर पांच दशक से ज्यादा लंबा रहा और उन्होंने अपनी शानदार अदाकारी से करोड़ों लोगों का दिल जीता।
‘जुरासिक पार्क’ ने बना दिया सुपरस्टार
1993 में रिलीज हुई जुरासिक पार्क, सैम नील के करियर की सबसे बड़ी फिल्म साबित हुई। इसमें उन्होंने डॉ. एलन ग्रांट नाम के पेलियोन्टोलॉजिस्ट (डायनासोर विशेषज्ञ) का किरदार निभाया। यह रोल इतना लोकप्रिय हुआ कि उन्होंने बाद में जुरासिक पार्क 3 (2001) और जुरासिक वर्ल्ड डोमिनियन (2022) में भी इसी किरदार को निभाया।
इन फिल्मों से भी मिली पहचान
‘जुरासिक पार्क’ के अलावा सैम नील ने कई यादगार फिल्मों में काम किया। इनमें प्रमुख हैं-
द पियानो (1993) (ऑस्कर विजेता)
द हंट फॉर रेड अक्टूबर (1990)
डेड काम (1989)
द ओमेन 3ः द फाइनल कॉन्फ्लिक्ट (1981)
पजेशन (1981)
इवेंट होरिजोन (1997)
उन्होंने फिल्मों के अलावा पीकी ब्लाइंडर्स, द ट्यूडर्स, मर्लिन और इन्वेशन जैसी टीवी सीरीज में भी दमदार अभिनय किया।

ब्लड कैंसर को दे चुके थे मात
साल 2023 में सैम नील ने बताया था कि उन्हें एंजियोइम्यूनोब्लास्टिक टी-सेल लिम्फोमा, जो कि एक दुर्लभ ब्लड कैंसर है, हुआ था। उन्होंने कीमोथेरेपी और बाद में CAR-T सेल थेरेपी करवाई। इलाज के बाद वे कैंसर-मुक्त हो गए थे और उन्होंने अपनी बीमारी के बारे में खुलकर बात की ताकि लोगों में जागरूकता बढ़ सके।
फिल्मों के अलावा वाइनयार्ड के मालिक थे
सैम नील सिर्फ अभिनेता ही नहीं थे, बल्कि न्यूजीलैंड में टू पैडॉक नाम का अपना वाइनयार्ड (अंगूर का बाग) भी चलाते थे। उन्हें खेती, जानवरों और प्रकृति से बेहद लगाव था। सोशल मीडिया पर वे अक्सर अपने फार्म और वहां के जानवरों की तस्वीरें और वीडियो साझा करते थे।

दो रिश्ते और चार बच्चे
1980 के दशक में उनकी मुलाकात एक्ट्रेस लीसा हारो से हुई। दोनों कुछ समय तक साथ रहे और उनका एक बेटा हुआ।
1989 में सैम नील ने मेकअप आर्टिस्ट नोरिको वातानाबी से शादी की। इस शादी से उनकी एक बेटी हुई। उन्होंने नोरिको की पहली शादी से हुई बेटी को भी अपनी बेटी की तरह अपनाया।
अपनी शुरुआती उम्र में सैम नील एक और बेटे के पिता बने थे, जिसे जन्म के बाद गोद दे दिया गया था। 1994 में कई साल बाद उनकी अपने उस बेटे से दोबारा मुलाकात हुई।
सैम नील 4 बच्चों से हुए उन्हें 8 ग्रैंड चिल्ड्रन थे।


















































