Saturday, 24 Oct 2026 | 07:59 PM

Trending :

EXCLUSIVE

Nepal Gen-Z Protest Status | Balen Shah Government Fails Demands

Nepal Gen-Z Protest Status | Balen Shah Government Fails Demands

राज शर्मा | काठमांडू16 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

नेपाल में भ्रष्टाचार खत्म करने और सुशासन की मांग को लेकर 8-9 सितंबर 2025 को हुए Gen-Z आंदोलन को एक साल पूरा हो गया है। आंदोलन के बाद सुशीला कार्की के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी थी।

इसके बाद बालेन के नेतृत्व वाली सरकार को भी 6 महीने हो चुके हैं। इसके बावजूद आंदोलन के दौरान उठाए गए कई मुद्दे अब तक अधूरे हैं। Gen-Z युवाओं के खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमे भी वापस नहीं लिए गए हैं।

संविधान और शासन व्यवस्था में बदलाव, निर्वाचन प्रणाली में सुधार, Gen-Z युवा परिषद का गठन, आंदोलन के दौरान दमन करने वालों पर कार्रवाई, शहीद परिवारों को राहत, रोजगार और भ्रष्टाचार खत्म करने जैसे मुद्दों पर सरकार की गंभीरता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

सितंबर 2025 में हुए Gen-Z आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू में संसद भवन में आग लगा दी थी।

सितंबर 2025 में हुए Gen-Z आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू में संसद भवन में आग लगा दी थी।

शरीर में अब भी छर्रे, इलाज का खर्च खुद उठा रहे

आंदोलन के दौरान घायल हुए लोगों को अब तक पर्याप्त इलाज नहीं मिल सका है। Gen-Z आंदोलन में सक्रिय अर्जुन चुंदाली के मुताबिक, कुछ घायल अपने खर्च पर भारत जाकर इलाज करा रहे हैं। कई लोगों के शरीर में अब भी गोलियों के छर्रे हैं।

Gen-Z आंदोलन में दो दिनों के दौरान 77 लोगों की मौत हुई थी और 2,429 लोग घायल हुए थे। आंदोलन से करीब 84 अरब 45 करोड़ रुपए के बराबर आर्थिक नुकसान का अनुमान है। पहले दिन संसद भवन के सामने 20 से ज्यादा छात्रों की मौत हुई थी।

नेपाल पुलिस ने आंदोलनकारी युवाओं पर फायरिंग की थी, जिसमें दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी।

नेपाल पुलिस ने आंदोलनकारी युवाओं पर फायरिंग की थी, जिसमें दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी।

गृहमंत्री बोले- मांगें पूरी करने में जुटे हैं

आंदोलन के अगुआ रहे सुदन गुरुंग अब नेपाल के गृहमंत्री हैं। उन्होंने कहा, “हमने जो कसम खाई है, उसे पूरा करना है। कई काम बाकी हैं, लेकिन हम जुटे हुए हैं।”

Gen-Z आंदोलन शहीद परिवार के अध्यक्ष नारायण श्रेष्ठ ने कहा कि आंदोलन के दौरान युवाओं पर अत्याचार करने वाले दोषियों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि शहीद और घायल परिवारों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की पूरी जिम्मेदारी राज्य को लेनी चाहिए।

भास्कर एक्सपर्ट: नए लोगों को जनमत दिलाने तक सीमित रहा आंदोलन

राजनीतिक विश्लेषक प्रो. डॉ. बासुदेव खनाल के मुताबिक, Gen-Z आंदोलन पुराने राजनीतिक दलों के प्रति आक्रोश पैदा करने और नए लोगों के पक्ष में जनमत बनाने तक सीमित रह गया।

उनका कहना है कि Gen-Z युवा कानून के शासन के लिए लड़े थे, लेकिन आज भी देश कानून और नीति के बजाय आदेश और अध्यादेश से चलाया जा रहा है। इससे यह संदेश मिलता है कि असंगठित आंदोलन से नुकसान तो ज्यादा हो सकता है, लेकिन ठोस परिणाम हासिल करना मुश्किल है।

कई मोर्चों पर सरकार की रफ्तार धीमी

बहुदलीय शासन व्यवस्था की वापसी के बाद पदाधिकारियों की संपत्ति जांच के लिए बना आयोग भी अब तक काम शुरू नहीं कर सका है। सरकारी नियुक्तियों में नेताओं के करीबियों को तरजीह देने के आरोप भी लग रहे हैं।

सरकारी तंत्र में डर का माहौल है। बड़े पदों से लगातार इस्तीफे हो रहे हैं, जिसे लेकर भी चिंता बढ़ रही है।

आर्थिक मोर्चे पर भी हालात बेहतर नहीं हैं। बैंकों में निवेश के लिए पैसा मौजूद है, लेकिन निवेशक पैसा लगाने को तैयार नहीं हैं। विदेशी निवेश भी घटा है।

————————–

ये खबर भी पढ़ें…

नेपाल बाढ़- 7 सुरंगों में फंसे कर्मचारियों की तलाश जारी:अब तक 13 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू, 5 हजार अब भी लापता

नेपाल में आई बाढ़ के 13 दिन बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी है। रेस्क्यू टीम अलग-अलग 7 हाईड्रोपॉवर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों की तलाश कर रही हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Sooraj Pancholi Statement | Disha Salian Death Controversy Mumbai

September 15, 2026/
5:03 pm

एक्टर सूरज पंचोली ने एक्टर सुशांत सिंह की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में खुद का नाम...

Ramayana teaser features Ranbir Kapoor, Sai Pallavi, Yash and others.

April 3, 2026/
5:09 am

आखरी अपडेट:03 अप्रैल, 2026, 05:09 IST AAP ने राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया, उनकी जगह...

इस्लामाबाद के अस्पताल में आग, 15 नवजातों की मौत:AC कंप्रेसर में विस्फोट से हादसा; वार्ड में 16 बच्चे थे, सिर्फ 1 बचा

August 26, 2026/
9:25 am

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के एक अस्पताल में बुधवार को आग लगने से 15 नवजात बच्चों की मौत हो गई।...

अनिल-अंबानी की रिलायंस पावर के ठिकानों पर ED का छापा:सुबह होने से पहले ही पहुंची 15 टीमें; बैंक कर्ज और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है मामला

March 6, 2026/
11:26 am

ED ने आज यानी 6 मार्च को उद्योगपति अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस पावर से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी...

IPL में आज दूसरा मुकाबला दिल्ली Vs राजस्थान:दोनों टीमों के लिए करो या मरो मैच; हेड-टु-हेड रिकॉर्ड बराबरी पर

May 17, 2026/
4:30 am

IPL 2026 में रविवार के दूसरे मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स आमने-सामने होंगी। मुकाबला नई दिल्ली के अरुण...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Nepal Gen-Z Protest Status | Balen Shah Government Fails Demands

Nepal Gen-Z Protest Status | Balen Shah Government Fails Demands

राज शर्मा | काठमांडू16 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

नेपाल में भ्रष्टाचार खत्म करने और सुशासन की मांग को लेकर 8-9 सितंबर 2025 को हुए Gen-Z आंदोलन को एक साल पूरा हो गया है। आंदोलन के बाद सुशीला कार्की के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी थी।

इसके बाद बालेन के नेतृत्व वाली सरकार को भी 6 महीने हो चुके हैं। इसके बावजूद आंदोलन के दौरान उठाए गए कई मुद्दे अब तक अधूरे हैं। Gen-Z युवाओं के खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमे भी वापस नहीं लिए गए हैं।

संविधान और शासन व्यवस्था में बदलाव, निर्वाचन प्रणाली में सुधार, Gen-Z युवा परिषद का गठन, आंदोलन के दौरान दमन करने वालों पर कार्रवाई, शहीद परिवारों को राहत, रोजगार और भ्रष्टाचार खत्म करने जैसे मुद्दों पर सरकार की गंभीरता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

सितंबर 2025 में हुए Gen-Z आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू में संसद भवन में आग लगा दी थी।

सितंबर 2025 में हुए Gen-Z आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू में संसद भवन में आग लगा दी थी।

शरीर में अब भी छर्रे, इलाज का खर्च खुद उठा रहे

आंदोलन के दौरान घायल हुए लोगों को अब तक पर्याप्त इलाज नहीं मिल सका है। Gen-Z आंदोलन में सक्रिय अर्जुन चुंदाली के मुताबिक, कुछ घायल अपने खर्च पर भारत जाकर इलाज करा रहे हैं। कई लोगों के शरीर में अब भी गोलियों के छर्रे हैं।

Gen-Z आंदोलन में दो दिनों के दौरान 77 लोगों की मौत हुई थी और 2,429 लोग घायल हुए थे। आंदोलन से करीब 84 अरब 45 करोड़ रुपए के बराबर आर्थिक नुकसान का अनुमान है। पहले दिन संसद भवन के सामने 20 से ज्यादा छात्रों की मौत हुई थी।

नेपाल पुलिस ने आंदोलनकारी युवाओं पर फायरिंग की थी, जिसमें दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी।

नेपाल पुलिस ने आंदोलनकारी युवाओं पर फायरिंग की थी, जिसमें दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी।

गृहमंत्री बोले- मांगें पूरी करने में जुटे हैं

आंदोलन के अगुआ रहे सुदन गुरुंग अब नेपाल के गृहमंत्री हैं। उन्होंने कहा, “हमने जो कसम खाई है, उसे पूरा करना है। कई काम बाकी हैं, लेकिन हम जुटे हुए हैं।”

Gen-Z आंदोलन शहीद परिवार के अध्यक्ष नारायण श्रेष्ठ ने कहा कि आंदोलन के दौरान युवाओं पर अत्याचार करने वाले दोषियों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि शहीद और घायल परिवारों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की पूरी जिम्मेदारी राज्य को लेनी चाहिए।

भास्कर एक्सपर्ट: नए लोगों को जनमत दिलाने तक सीमित रहा आंदोलन

राजनीतिक विश्लेषक प्रो. डॉ. बासुदेव खनाल के मुताबिक, Gen-Z आंदोलन पुराने राजनीतिक दलों के प्रति आक्रोश पैदा करने और नए लोगों के पक्ष में जनमत बनाने तक सीमित रह गया।

उनका कहना है कि Gen-Z युवा कानून के शासन के लिए लड़े थे, लेकिन आज भी देश कानून और नीति के बजाय आदेश और अध्यादेश से चलाया जा रहा है। इससे यह संदेश मिलता है कि असंगठित आंदोलन से नुकसान तो ज्यादा हो सकता है, लेकिन ठोस परिणाम हासिल करना मुश्किल है।

कई मोर्चों पर सरकार की रफ्तार धीमी

बहुदलीय शासन व्यवस्था की वापसी के बाद पदाधिकारियों की संपत्ति जांच के लिए बना आयोग भी अब तक काम शुरू नहीं कर सका है। सरकारी नियुक्तियों में नेताओं के करीबियों को तरजीह देने के आरोप भी लग रहे हैं।

सरकारी तंत्र में डर का माहौल है। बड़े पदों से लगातार इस्तीफे हो रहे हैं, जिसे लेकर भी चिंता बढ़ रही है।

आर्थिक मोर्चे पर भी हालात बेहतर नहीं हैं। बैंकों में निवेश के लिए पैसा मौजूद है, लेकिन निवेशक पैसा लगाने को तैयार नहीं हैं। विदेशी निवेश भी घटा है।

————————–

ये खबर भी पढ़ें…

नेपाल बाढ़- 7 सुरंगों में फंसे कर्मचारियों की तलाश जारी:अब तक 13 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू, 5 हजार अब भी लापता

नेपाल में आई बाढ़ के 13 दिन बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी है। रेस्क्यू टीम अलग-अलग 7 हाईड्रोपॉवर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों की तलाश कर रही हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.