Monday, 15 Jun 2026 | 12:40 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Bathing Tips: नहाते समय पेशाब आने से क्या होता है

Bathing Tips: नहाते समय पेशाब आने से क्या होता है

Last Updated:

नहाते या शॉवर लेते समय पेशाब आना बहुत ही कॉमन है. कई लोगों में ये एक आदत के रूप में भी देखा जाता है. ऐसा अक्सर तब होता है जब बॉडी पानी के संपर्क में आकर रिलेक्स महसूस करती है. कुछ लोग इसे समय और पानी बचाने का आसान तरीका भी मानते हैं, जबकि कुछ लोगों को यह अनहाइजीन भी लगता है. लेकिन यदि आप यूरिन पास करते समय ये एक छोटी सी गलती कर रहे हैं, आपके निचले अंग के हिस्से में प्रॉब्लम हो सकती है.

विशेषज्ञों के अनुसार, शॉवर में पेशाब करना पूरी तरह खतरनाक नहीं है, लेकिन इसके कुछ नुकसान और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम हो सकते हैं, जिनके बारे में जानकारी होना जरूरी है.

कई लोगों का मानना है कि पेशाब पूरी तरह साफ और कीटाणुरहित होता है, लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है. हालांकि सामान्य स्थिति में पेशाब में बहुत कम बैक्टीरिया होते हैं, फिर भी यह पूरी तरह स्टरल यानी जीवाणु रहित नहीं होता. खासकर अगर किसी व्यक्ति को यूरिन इंफेक्शन या दूसरी स्वास्थ्य समस्या हो, तो पेशाब में हानिकारक बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं.

हमारे शरीर में किडनी खून को फिल्टर करके शरीर के बेकार पदार्थ और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालती है. यही तरल पदार्थ पेशाब के रूप में शरीर से बाहर आता है. पेशाब में ज्यादातर पानी होता है, लेकिन इसमें यूरिया, अमोनिया, क्रिएटिनिन और दूसरे अपशिष्ट पदार्थ भी शामिल होते हैं.

Add News18 as
Preferred Source on Google

हालांकि अगर कोई व्यक्ति शॉवर में पेशाब करता है, तो अपने निजी बाथरूम में करना सार्वजनिक शॉवर की तुलना में ज्यादा सुरक्षित माना जाता है. सार्वजनिक बाथरूम या जिम के शॉवर में ऐसा करना संक्रमण फैलाने का कारण बन सकता है.

यदि किसी व्यक्ति को यूटीआई यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन है, तो उसके पेशाब में मौजूद बैक्टीरिया दूसरे लोगों तक पहुंच सकते हैं. यूटीआई होने पर पेशाब में जलन, दर्द, बदबू, बार-बार पेशाब आना या धुंधला पेशाब जैसी समस्याएं हो सकती हैं. समय पर इलाज न मिलने पर यह संक्रमण किडनी तक भी पहुंच सकता है.

इसके अलावा, कुछ बैक्टीरिया जैसे एमआरएसए भी गीली सतहों पर लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं. ऐसे बैक्टीरिया शॉवर फ्लोर पर फैलकर संक्रमण का खतरा बढ़ा सकते हैं. इसलिए साफ-सफाई और हाइजीन का ध्यान रखना बहुत जरूरी है.

निचले हिस्से में कमजोरी का कारण- खड़े होकर या आधी बैठी स्थिति में पेशाब करने से पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों पर असर पड़ सकता है. पेल्विक फ्लोर शरीर का वह हिस्सा है जो ब्लैडर, आंत, यूरिन पाइप और महिलाओं में गर्भाशय व योनि को सहारा देता है. जब व्यक्ति आरामदायक स्थिति में बैठकर पेशाब नहीं करता, तो ब्लैडर पूरी तरह खाली नहीं हो पाता. इससे धीरे-धीरे पेल्विक फ्लोर कमजोर हो सकता है.

पेल्विक फ्लोर कमजोर होने पर भविष्य में यूरिन कंट्रोल करने में परेशानी हो सकती है. इस स्थिति को यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस कहा जाता है, जिसमें अचानक पेशाब आने की इच्छा होती है या पेशाब लीक होने लगता है. ये समस्या पुरुषों में भी होती है लेकिन महिलाओं में यह समस्या उम्र बढ़ने, गर्भावस्था या मांसपेशियों की कमजोरी के कारण और ज्यादा बढ़ सकती है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
authorimg

April 21, 2026/
1:16 pm

Last Updated:April 21, 2026, 13:16 IST Ashwagandha Uses in Ayurveda: अश्वगंधा को आयुर्वेद की सबसे शक्तिशाली जड़ी-बूटी माना जाता है....

बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर मशाल जुलूस निकाला:'जन आक्रोश रथ यात्रा' टीकमगढ़ पहुंची, वकीलों से चर्चा, हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा

February 20, 2026/
9:23 pm

टीकमगढ़ में शुक्रवार को पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शाम...

authorimg

April 27, 2026/
3:20 pm

होमताजा खबरDelhi एम्स दिल्ली की कमान अब डॉक्टर निखिल टंडन के हाथ, कौन हैं, क्या करते हैं? जानें Last Updated:April...

अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला मिशेल ओबामा का लेख:मां होने का अर्थ बच्चों को मुश्किलों से बचाना नहीं, उनसे लड़ना सिखाना है

May 10, 2026/
1:30 pm

मैंने नहीं सोचा था कि मां बनना मुझे एक साथ सबसे मजबूत और सबसे संवेदनशील दोनों महसूस कराएगा। बेटियों के...

पंजाबी सिंगर-एक्टर एमी विर्क के चेक बाउंस होते-होते बचे:बोले- अकाउंट में ढाई लाख थे, चेक साढ़े 7 लाख के काट दिए; मोहाली में सुनाया किस्सा

April 16, 2026/
5:20 am

पंजाबी एक्टर और सिंगर एमी विर्क ने 15 अप्रैल को लोगों की मदद की यादों का एक वीडियो शेयर कर...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Bathing Tips: नहाते समय पेशाब आने से क्या होता है

Bathing Tips: नहाते समय पेशाब आने से क्या होता है

Last Updated:

नहाते या शॉवर लेते समय पेशाब आना बहुत ही कॉमन है. कई लोगों में ये एक आदत के रूप में भी देखा जाता है. ऐसा अक्सर तब होता है जब बॉडी पानी के संपर्क में आकर रिलेक्स महसूस करती है. कुछ लोग इसे समय और पानी बचाने का आसान तरीका भी मानते हैं, जबकि कुछ लोगों को यह अनहाइजीन भी लगता है. लेकिन यदि आप यूरिन पास करते समय ये एक छोटी सी गलती कर रहे हैं, आपके निचले अंग के हिस्से में प्रॉब्लम हो सकती है.

विशेषज्ञों के अनुसार, शॉवर में पेशाब करना पूरी तरह खतरनाक नहीं है, लेकिन इसके कुछ नुकसान और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम हो सकते हैं, जिनके बारे में जानकारी होना जरूरी है.

कई लोगों का मानना है कि पेशाब पूरी तरह साफ और कीटाणुरहित होता है, लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है. हालांकि सामान्य स्थिति में पेशाब में बहुत कम बैक्टीरिया होते हैं, फिर भी यह पूरी तरह स्टरल यानी जीवाणु रहित नहीं होता. खासकर अगर किसी व्यक्ति को यूरिन इंफेक्शन या दूसरी स्वास्थ्य समस्या हो, तो पेशाब में हानिकारक बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं.

हमारे शरीर में किडनी खून को फिल्टर करके शरीर के बेकार पदार्थ और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालती है. यही तरल पदार्थ पेशाब के रूप में शरीर से बाहर आता है. पेशाब में ज्यादातर पानी होता है, लेकिन इसमें यूरिया, अमोनिया, क्रिएटिनिन और दूसरे अपशिष्ट पदार्थ भी शामिल होते हैं.

Add News18 as
Preferred Source on Google

हालांकि अगर कोई व्यक्ति शॉवर में पेशाब करता है, तो अपने निजी बाथरूम में करना सार्वजनिक शॉवर की तुलना में ज्यादा सुरक्षित माना जाता है. सार्वजनिक बाथरूम या जिम के शॉवर में ऐसा करना संक्रमण फैलाने का कारण बन सकता है.

यदि किसी व्यक्ति को यूटीआई यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन है, तो उसके पेशाब में मौजूद बैक्टीरिया दूसरे लोगों तक पहुंच सकते हैं. यूटीआई होने पर पेशाब में जलन, दर्द, बदबू, बार-बार पेशाब आना या धुंधला पेशाब जैसी समस्याएं हो सकती हैं. समय पर इलाज न मिलने पर यह संक्रमण किडनी तक भी पहुंच सकता है.

इसके अलावा, कुछ बैक्टीरिया जैसे एमआरएसए भी गीली सतहों पर लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं. ऐसे बैक्टीरिया शॉवर फ्लोर पर फैलकर संक्रमण का खतरा बढ़ा सकते हैं. इसलिए साफ-सफाई और हाइजीन का ध्यान रखना बहुत जरूरी है.

निचले हिस्से में कमजोरी का कारण- खड़े होकर या आधी बैठी स्थिति में पेशाब करने से पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों पर असर पड़ सकता है. पेल्विक फ्लोर शरीर का वह हिस्सा है जो ब्लैडर, आंत, यूरिन पाइप और महिलाओं में गर्भाशय व योनि को सहारा देता है. जब व्यक्ति आरामदायक स्थिति में बैठकर पेशाब नहीं करता, तो ब्लैडर पूरी तरह खाली नहीं हो पाता. इससे धीरे-धीरे पेल्विक फ्लोर कमजोर हो सकता है.

पेल्विक फ्लोर कमजोर होने पर भविष्य में यूरिन कंट्रोल करने में परेशानी हो सकती है. इस स्थिति को यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस कहा जाता है, जिसमें अचानक पेशाब आने की इच्छा होती है या पेशाब लीक होने लगता है. ये समस्या पुरुषों में भी होती है लेकिन महिलाओं में यह समस्या उम्र बढ़ने, गर्भावस्था या मांसपेशियों की कमजोरी के कारण और ज्यादा बढ़ सकती है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.