Sunday, 09 Aug 2026 | 09:19 PM

Trending :

EXCLUSIVE

Green homes are up to 4% more expensive, with up to 30% savings on electricity and water.

Green homes are up to 4% more expensive, with up to 30% savings on electricity and water.
  • Hindi News
  • Business
  • Green Homes Are Up To 4% More Expensive, With Up To 30% Savings On Electricity And Water.

नई दिल्ली13 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रीन होम में रहने से खर्चों में कमी आती है। बिजली की बचत और बेहतर तापमान नियंत्रण से बजट घटता है।

घर खरीदने का पैमाना अब सिर्फ लोकेशन, दाम और सुविधाएं नहीं, बल्कि सस्टेनेबिलिटी भी है। प्रॉपटेक फर्म स्क्वेयर यार्ड्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रीन होम की निर्माण लागत सामान्य घरों से 3.5-4% ज्यादा हो सकती है। लेकिन ये लंबे समय में घर के मालिक के लिए ज्यादा किफायती साबित होते हैं।

सस्टेनेबिलिटी का मतलब है कि घर ऐसे बनाए जाएं जो पर्यावरण पर कम से कम दबाव डाले और लंबे समय तक संसाधनों की बचत कर सके। इसमें सोलर पावर, रेन-वॉटर हार्वेस्टिंग और कचरा प्रबंधन शामिल हैं। ये आरामदायक होने के साथ ही बिजली-पानी की खपत घटाकर बचत भी कराते हैं।

सस्टेनेबल घर पानी की खपत 30-50% और बिजली बिल 20-30% तक कम कर सकते हैं। देश में वर्ष 2050 तक 40 करोड़ लोग शहरों में बसेंगे। शहरों में घरों का निर्माण दोगुना होने का अनुमान है। कंस्ट्रक्शन सेक्टर देश के कुल ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में एक-तिहाई हिस्से के लिए जिम्मेदार है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब पर्यावरण के अनुकूल घरों की अहमियत बढ़ रही है। खरीदारों को अब सही प्रोजेक्ट चुनने के लिए नए मानदंडों की जरूरत है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रीन होम में रहने से खर्चों में कमी आती है। बिजली की बचत और बेहतर तापमान नियंत्रण से बजट घटता है। हालांकि, खरीदारों के लिए अच्छे प्रोजेक्ट्स चुनना थोड़ा मुश्किल है, क्योंकि सस्टेनेबिलिटी से जुड़ी जानकारियां कई प्रमाणपत्रों और तकनीकी रिपोर्टों में बिखरी रहती है। रिपोर्ट में इसे ‘ग्रीन हाउसिंग पैराडॉक्स’ कहा गया है। खरीदार स्वस्थ वातावरण पसंद तो करते हैं, लेकिन सूचनाओं के अभाव में फैसला नहीं कर पाते हैं। अब सस्टेनेबिलिटी को लोकेशन और कीमत जैसे पारंपरिक कारकों के समान अहमियत मिल रही है। यह लंबी अवधि में घर की क्वालिटी और जीवन स्तर को प्रभावित करता है।

देश में 16 अरब वर्ग फीट मे 19,715 ग्रीन प्रोजेक्ट्स और 130 नेट-जीरो प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। इनसे हर साल 199.3 अरब लीटर पानी और 66.4 अरब यूनिट बिजली की बचत होगी। साथ ही सालाना 5.31 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद मिलेगी। स्क्वेयर यार्ड्स ने ‘स्क्वेयर यार्ड्स ग्रीन लिविंग इंडेक्स’ भी लॉन्च किया है। यह सस्टेनेबिलिटी, सुविधाएं, घर की मजबूती और स्मार्टनेस मापने का एक पैमाना है। यह सिस्टम रेरा की जानकारी और लोकेशन डेटा को आम लोगों के समझने लायक आसान स्कोर में बदलता है।

भविष्य – नेट-जीरो लक्ष्य में पर्यावरण की सुरक्षा, पारदर्शिता की बड़ी भूमिका

भारत ने 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। भविष्य में सस्टेनेबिलिटी से जुड़ी जानकारियां ग्राहकों को फैसले करने में मुख्य भूमिका निभाएंगी। विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका कोचर के अनुसार, इससे सूचनाओं की कमी दूर होगी। अब खरीदार पर्यावरण के साथ-साथ वित्तीय बचत के नजरिए से भी घर चुन सकेंगे।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Pakistan vs New Zealand Live Cricket Score: PAK vs NZ T20 World Cup 2026 Match Scorecard Latest Updates Today

February 12, 2026/
12:58 pm

आखरी अपडेट:12 फरवरी, 2026, 12:58 IST नई दिल्ली में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से उनके आवास पर मुलाकात के बाद...

ग्वालियर में दैनिक भास्कर प्रीमियम लाइफस्टाइल एग्जीबिशन का आगाज:देशभर के फैशन हाउस और डिजाइनर्स ने लगाए स्टॉल; पहले ही दिन उमड़ी भीड़

April 25, 2026/
12:05 am

ग्वालियरवासियों को फैशन और बेहतर लाइफस्टाइल से अपडेट करने के लिए दैनिक भास्कर की ओर से तीन दिवसीय प्रीमियम लाइफस्टाइल...

100% इथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां, सरकार ने दी मंजूरी:गडकरी बोले- 6 हफ्ते में कंपनियां इसके लिए गाड़ियां लॉन्च करेंगी, प्रदूषण और पेट्रोल खर्च घटेगा

June 14, 2026/
12:01 pm

केंद्र सरकार ने देश में 100% शुद्ध इथेनॉल को बतौर ईंधन इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क...

स्पोर्ट्स अपडेट- इंग्लैंड के 12 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप पॉइंट कटे:50% जुर्माना भी लगा; बच्चे के जन्म के लिए फुटबॉल वर्ल्डकप छोड़ने पर विवाद

June 22, 2026/
4:33 pm

इंग्लैंड को न्यूजीलैंड के खिलाफ द ओवल टेस्ट में धीमी ओवर गति का खामियाजा भुगतना पड़ा है। टीम के 12...

Sachin Tendulkar Son Arjun Wedding

March 5, 2026/
12:53 pm

मुंबई3 घंटे पहले कॉपी लिंक अर्जुन तेंदुलकर ने बिजनेसमैन रवि घई की पोती सानिया चंडोक के साथ शादी की है।...

'₹370 बिरयानी' पर कॉमेडियन-वेब डेवलपर को नहीं मिली माफी:गुरुग्राम पुलिस महिला आयोग लेकर पहुंची, कहा- कॉमेडी के नाम पर अपमानजनक कंटेंट बर्दाश्त नहीं

June 23, 2026/
7:24 am

गुरुग्राम में स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान महिलाओं पर की गई ‘₹370 की बिरयानी’ टिप्पणी के मामले में राष्ट्रीय महिला...

असम के सीएम ने किए पीतांबरा पीठ में दर्शन:मां बगलामुखी से देश में सुख-समृद्धि की कामना, वनखंडेश्वर महादेव का किया जलाभिषेक

March 16, 2026/
6:10 pm

दतिया में असम के मुख्यमंत्री हिमन्त विश्व शर्मा सोमवार दोपहर दतिया पहुंचे और विश्व प्रसिद्ध पीतांबरा पीठ में मां बगलामुखी...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Green homes are up to 4% more expensive, with up to 30% savings on electricity and water.

Green homes are up to 4% more expensive, with up to 30% savings on electricity and water.
  • Hindi News
  • Business
  • Green Homes Are Up To 4% More Expensive, With Up To 30% Savings On Electricity And Water.

नई दिल्ली13 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रीन होम में रहने से खर्चों में कमी आती है। बिजली की बचत और बेहतर तापमान नियंत्रण से बजट घटता है।

घर खरीदने का पैमाना अब सिर्फ लोकेशन, दाम और सुविधाएं नहीं, बल्कि सस्टेनेबिलिटी भी है। प्रॉपटेक फर्म स्क्वेयर यार्ड्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रीन होम की निर्माण लागत सामान्य घरों से 3.5-4% ज्यादा हो सकती है। लेकिन ये लंबे समय में घर के मालिक के लिए ज्यादा किफायती साबित होते हैं।

सस्टेनेबिलिटी का मतलब है कि घर ऐसे बनाए जाएं जो पर्यावरण पर कम से कम दबाव डाले और लंबे समय तक संसाधनों की बचत कर सके। इसमें सोलर पावर, रेन-वॉटर हार्वेस्टिंग और कचरा प्रबंधन शामिल हैं। ये आरामदायक होने के साथ ही बिजली-पानी की खपत घटाकर बचत भी कराते हैं।

सस्टेनेबल घर पानी की खपत 30-50% और बिजली बिल 20-30% तक कम कर सकते हैं। देश में वर्ष 2050 तक 40 करोड़ लोग शहरों में बसेंगे। शहरों में घरों का निर्माण दोगुना होने का अनुमान है। कंस्ट्रक्शन सेक्टर देश के कुल ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में एक-तिहाई हिस्से के लिए जिम्मेदार है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब पर्यावरण के अनुकूल घरों की अहमियत बढ़ रही है। खरीदारों को अब सही प्रोजेक्ट चुनने के लिए नए मानदंडों की जरूरत है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रीन होम में रहने से खर्चों में कमी आती है। बिजली की बचत और बेहतर तापमान नियंत्रण से बजट घटता है। हालांकि, खरीदारों के लिए अच्छे प्रोजेक्ट्स चुनना थोड़ा मुश्किल है, क्योंकि सस्टेनेबिलिटी से जुड़ी जानकारियां कई प्रमाणपत्रों और तकनीकी रिपोर्टों में बिखरी रहती है। रिपोर्ट में इसे ‘ग्रीन हाउसिंग पैराडॉक्स’ कहा गया है। खरीदार स्वस्थ वातावरण पसंद तो करते हैं, लेकिन सूचनाओं के अभाव में फैसला नहीं कर पाते हैं। अब सस्टेनेबिलिटी को लोकेशन और कीमत जैसे पारंपरिक कारकों के समान अहमियत मिल रही है। यह लंबी अवधि में घर की क्वालिटी और जीवन स्तर को प्रभावित करता है।

देश में 16 अरब वर्ग फीट मे 19,715 ग्रीन प्रोजेक्ट्स और 130 नेट-जीरो प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। इनसे हर साल 199.3 अरब लीटर पानी और 66.4 अरब यूनिट बिजली की बचत होगी। साथ ही सालाना 5.31 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद मिलेगी। स्क्वेयर यार्ड्स ने ‘स्क्वेयर यार्ड्स ग्रीन लिविंग इंडेक्स’ भी लॉन्च किया है। यह सस्टेनेबिलिटी, सुविधाएं, घर की मजबूती और स्मार्टनेस मापने का एक पैमाना है। यह सिस्टम रेरा की जानकारी और लोकेशन डेटा को आम लोगों के समझने लायक आसान स्कोर में बदलता है।

भविष्य – नेट-जीरो लक्ष्य में पर्यावरण की सुरक्षा, पारदर्शिता की बड़ी भूमिका

भारत ने 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। भविष्य में सस्टेनेबिलिटी से जुड़ी जानकारियां ग्राहकों को फैसले करने में मुख्य भूमिका निभाएंगी। विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका कोचर के अनुसार, इससे सूचनाओं की कमी दूर होगी। अब खरीदार पर्यावरण के साथ-साथ वित्तीय बचत के नजरिए से भी घर चुन सकेंगे।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.