Thursday, 09 Jul 2026 | 05:07 PM

Trending :

EXCLUSIVE

India Inflation | Wholesale WPI Inflation January 2026 Data Update

India Inflation | Wholesale WPI Inflation January 2026 Data Update

नई दिल्ली5 दिन पहले

  • कॉपी लिंक

जनवरी में थोक महंगाई (WPI) बढ़कर 1.81% पर पहुंच गई है। इससे पहले दिसंबर में थोक महंगाई 0.83% पर थी। ये 10 महीनों में सबसे ज्यादा है। मार्च 2025 को ये 2.05% पर थी। कॉमर्स मिनिस्ट्री ने आज यानी 16 फरवरी को थोक महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं।

रोजाना जरूरत के सामान, खाने-पीने की चीजें महंगी हुईं

  • रोजाना की जरूरत वाले सामानों (प्राइमरी आर्टिकल्स) की महंगाई 0.21% से बढ़कर 2.21% हो गई।
  • खाने-पीने की चीजों (फूड इंडेक्स) की महंगाई माइनस 0.43% से बढ़कर 1.55% हो गई।
  • फ्यूल और पावर की थोक महंगाई दर माइनस 2.31% से घटकर माइनस 4.01 रही।
  • मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स की थोक महंगाई दर 1.82% से बढ़कर 2.86% रही।

होलसेल महंगाई के तीन हिस्से प्राइमरी आर्टिकल, जिसका वेटेज 22.62% है। फ्यूल एंड पावर का वेटेज 13.15% और मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट का वेटेज सबसे ज्यादा 64.23% है। प्राइमरी आर्टिकल के भी चार हिस्से हैं।

  1. फूड आर्टिकल्स जैसे अनाज, गेहूं, सब्जियां
  2. नॉन फूड आर्टिकल में ऑयल सीड आते हैं
  3. मिनरल्स
  4. क्रूड पेट्रोलियम

रिटेल महंगाई 8 महीनों के हाई पर जनवरी में रिटेल महंगाई पिछले महीने के मुकाबले बढ़कर 2.75% पर पहुंच गई है। दिसंबर में ये 1.33% पर थी। 8 महीनों में सबसे ज्यादा है। मई 2025 में महंगाई 2.82% पर पहुंच गई थी।

होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) का आम आदमी पर असर थोक महंगाई के लंबे समय तक बढ़े रहने से ज्यादातर प्रोडक्टिव सेक्टर पर इसका बुरा असर पड़ता है। अगर थोक मूल्य बहुत ज्यादा समय तक ऊंचे स्तर पर रहता है तो प्रोड्यूसर इसका बोझ कंज्यूमर्स पर डाल देते हैं। सरकार केवल टैक्स के जरिए WPI को कंट्रोल कर सकती है।

जैसे कच्चे तेल में तेज बढ़ोतरी की स्थिति में सरकार ने ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी कटौती की थी। हालांकि, सरकार टैक्स कटौती एक सीमा में ही कम कर सकती है। WPI में ज्यादा वेटेज मेटल, केमिकल, प्लास्टिक, रबर जैसे फैक्ट्री से जुड़े सामानों का होता है।

महंगाई कैसे मापी जाती है? भारत में दो तरह की महंगाई होती है। एक रिटेल यानी खुदरा और दूसरी थोक महंगाई होती है। रिटेल महंगाई दर आम ग्राहकों की तरफ से दी जाने वाली कीमतों पर आधारित होती है। इसको कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) भी कहते हैं। वहीं, होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) का अर्थ उन कीमतों से होता है, जो थोक बाजार में एक कारोबारी दूसरे कारोबारी से वसूलता है।

महंगाई मापने के लिए अलग-अलग आइटम्स को शामिल किया जाता है। जैसे थोक महंगाई में मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी 63.75%, प्राइमरी आर्टिकल जैसे फूड 22.62% और फ्यूल एंड पावर 13.15% होती है। वहीं, रिटेल महंगाई में फूड और प्रोडक्ट की भागीदारी 45.86%, हाउसिंग की 10.07% और फ्यूल सहित अन्य आइटम्स की भी भागीदारी होती है।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
BAN vs AUS Live Score: Follow latest updates from 2nd T20I. (AP Photo)

June 19, 2026/
10:29 am

आखरी अपडेट:19 जून, 2026, 10:29 IST व्हिप जारी होने के बावजूद गुरुवार को नई दिल्ली में बुलाई गई संसदीय दल...

लखनऊ में संजू बाबा बोले- ओए मामू, बात सुन:पौधा लगाने का, पानी बचाने का; विधायक राजेश्वर सिंह के साथ निकाला रोड शो

February 22, 2026/
11:53 am

फिल्म अभिनेता संजय दत्त रविवार को लखनऊ पहुंचे। उन्होंने युवाओं से मुंबइया स्टाइल में कहा- ओए मामू, बात सुन। जित्ते...

साउथ अफ्रीकी बॉलर एनगिडी के सिर में चोट:IPL मैच में कैच लेते वक्त गिरे, एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया; 15 मिनट खेल रुका

April 25, 2026/
6:36 pm

दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स के बीच शनिवार को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे IPL मुकाबले के दौरान...

'कुंभ वायरल गर्ल' नाबालिग निकली, फरमान पर POCSO में FIR:अनुसूचित जनजाति आयोग की जांच में खुलासा; MP-केरलम के DGP दिल्ली तलब

April 9, 2026/
10:03 pm

कुंभ वायरल गर्ल की शादी के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है।...

असम पुलिस की कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापेमारी:हिमंता बोले- पाताल से निकालेंगे; खेड़ा ने कहा था- CM की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट

April 7, 2026/
7:25 pm

सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी पर फर्जी पासपोर्ट का आरोप लगाने के दो दिन बाद मंगलवार को असम पुलिस...

हिमाचल में अप्रैल में सामान्य से 142% ज्यादा बारिश:आज फिर 5 जिलों में तूफान का अलर्ट; 24 घंटे में 3.2 डिग्री बढ़ा टेंपरेचर

April 11, 2026/
5:05 am

हिमाचल की राजधानी शिमला समेत प्रदेश के ज्यादातर भागों में आज सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए है।...

तस्वीर का विवरण

June 11, 2026/
9:24 pm

सामग्री: 500 ग्राम चिकन, 2 कप बासमती चावल, 2 प्याज, 2 टमाटर, 1 कप दही, 2 हरी मिर्च, 1 अदरक-लहसुन...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

India Inflation | Wholesale WPI Inflation January 2026 Data Update

India Inflation | Wholesale WPI Inflation January 2026 Data Update

नई दिल्ली5 दिन पहले

  • कॉपी लिंक

जनवरी में थोक महंगाई (WPI) बढ़कर 1.81% पर पहुंच गई है। इससे पहले दिसंबर में थोक महंगाई 0.83% पर थी। ये 10 महीनों में सबसे ज्यादा है। मार्च 2025 को ये 2.05% पर थी। कॉमर्स मिनिस्ट्री ने आज यानी 16 फरवरी को थोक महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं।

रोजाना जरूरत के सामान, खाने-पीने की चीजें महंगी हुईं

  • रोजाना की जरूरत वाले सामानों (प्राइमरी आर्टिकल्स) की महंगाई 0.21% से बढ़कर 2.21% हो गई।
  • खाने-पीने की चीजों (फूड इंडेक्स) की महंगाई माइनस 0.43% से बढ़कर 1.55% हो गई।
  • फ्यूल और पावर की थोक महंगाई दर माइनस 2.31% से घटकर माइनस 4.01 रही।
  • मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स की थोक महंगाई दर 1.82% से बढ़कर 2.86% रही।

होलसेल महंगाई के तीन हिस्से प्राइमरी आर्टिकल, जिसका वेटेज 22.62% है। फ्यूल एंड पावर का वेटेज 13.15% और मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट का वेटेज सबसे ज्यादा 64.23% है। प्राइमरी आर्टिकल के भी चार हिस्से हैं।

  1. फूड आर्टिकल्स जैसे अनाज, गेहूं, सब्जियां
  2. नॉन फूड आर्टिकल में ऑयल सीड आते हैं
  3. मिनरल्स
  4. क्रूड पेट्रोलियम

रिटेल महंगाई 8 महीनों के हाई पर जनवरी में रिटेल महंगाई पिछले महीने के मुकाबले बढ़कर 2.75% पर पहुंच गई है। दिसंबर में ये 1.33% पर थी। 8 महीनों में सबसे ज्यादा है। मई 2025 में महंगाई 2.82% पर पहुंच गई थी।

होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) का आम आदमी पर असर थोक महंगाई के लंबे समय तक बढ़े रहने से ज्यादातर प्रोडक्टिव सेक्टर पर इसका बुरा असर पड़ता है। अगर थोक मूल्य बहुत ज्यादा समय तक ऊंचे स्तर पर रहता है तो प्रोड्यूसर इसका बोझ कंज्यूमर्स पर डाल देते हैं। सरकार केवल टैक्स के जरिए WPI को कंट्रोल कर सकती है।

जैसे कच्चे तेल में तेज बढ़ोतरी की स्थिति में सरकार ने ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी कटौती की थी। हालांकि, सरकार टैक्स कटौती एक सीमा में ही कम कर सकती है। WPI में ज्यादा वेटेज मेटल, केमिकल, प्लास्टिक, रबर जैसे फैक्ट्री से जुड़े सामानों का होता है।

महंगाई कैसे मापी जाती है? भारत में दो तरह की महंगाई होती है। एक रिटेल यानी खुदरा और दूसरी थोक महंगाई होती है। रिटेल महंगाई दर आम ग्राहकों की तरफ से दी जाने वाली कीमतों पर आधारित होती है। इसको कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) भी कहते हैं। वहीं, होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) का अर्थ उन कीमतों से होता है, जो थोक बाजार में एक कारोबारी दूसरे कारोबारी से वसूलता है।

महंगाई मापने के लिए अलग-अलग आइटम्स को शामिल किया जाता है। जैसे थोक महंगाई में मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी 63.75%, प्राइमरी आर्टिकल जैसे फूड 22.62% और फ्यूल एंड पावर 13.15% होती है। वहीं, रिटेल महंगाई में फूड और प्रोडक्ट की भागीदारी 45.86%, हाउसिंग की 10.07% और फ्यूल सहित अन्य आइटम्स की भी भागीदारी होती है।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.