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भारत में पासपोर्ट बनवाना 1 जुलाई से महंगा हो जाएगा। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पासपोर्ट नियमों में बदलाव करते हुए अलग-अलग कैटेगरीज की फीस बढ़ाई है। मंत्रालय ने पासपोर्ट रूल्स, 1980 में संशोधन के बाद नई दरों को लेकर गजट नोटिफिकेशन जारी किया है।
सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार, अब आवेदकों को नॉर्मल कैटेगरी में पासपोर्ट बनवाने के लिए 1,000 रुपए ज्यादा देने होंगे। 36 पन्नों के नॉर्मल कैटेगरी पासपोर्ट की फीस 1,500 से बढ़कर 2,500 रुपए हो गई है। तत्काल सेवा या कैटेगरी की फीस जो पहले 3,500 रुपए थी, अब 5,000 रुपए कर दी गई है।
तत्काल प्रोसेसिंग के लिए 6,000 रुपए देने होंगे
इसके अलावा, जो लोग ज्यादा यात्रा करते हैं और 60 पन्नों का पासपोर्ट बुकलेट चाहते हैं, उन्हें नॉर्मल कैटेगरी में 3,500 रुपए और तत्काल प्रोसेसिंग के लिए 6,000 रुपए का भुगतान करना होगा।
पासपोर्ट बनवाने की फीस बढ़ी
- 36 पेज नॉर्मल कैटेगरी पासपोर्ट- 1,500 से बढ़कर 2,500 रुपए
- 36 पेज तत्काल कैटेगरी पासपोर्ट- 3,500 से बढ़कर 5,000 रुपए
- 60 पेज नॉर्मल कैटेगरी पासपोर्ट- 2,000 से बढ़कर 3,500 रुपए
- 60 पेज तत्काल कैटेगरी पासपोर्ट- 4,000 से बढ़कर 6,000 रुपए
पासपोर्ट खोने या डैमेज होने पर लगेगा सबसे बड़ा चार्ज, नई दरें तय
इस बदलाव में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी पासपोर्ट खो जाने या खराब (डैमेज) होने पर उसके रिप्लेसमेंट चार्ज में की गई है। अगर आपका 36 पन्नों का पासपोर्ट खो जाता है, तो नॉर्मल प्रोसेसिंग के तहत उसे दोबारा बनवाने के लिए 5,000 रुपए देने होंगे, जबकि तत्काल में यह खर्च 7,500 तक पहुंच जाएगा।
इसी तरह, 60 पन्नों वाले रिप्लेसमेंट पासपोर्ट के लिए नॉर्मल कैटेगरी में 6,000 रुपए और तत्काल के लिए 8,500 रुपए की फीस तय की गई है।
माइनर यानी बच्चों के रिप्लेसमेंट के लिए भी अलग नियम
नाबालिग आवेदकों के मामले में भी यदि 36 पन्नों का पासपोर्ट खो जाता है या डैमेज हो जाता है, तो उसे बदलवाने के लिए नॉर्मल कैटेगरी में 4,250 रुपए खर्च करने होंगे। वहीं, अगर कोई पेरेंट्स अपने बच्चे का खोया हुआ पासपोर्ट तत्काल सर्विस के जरिए जल्द से जल्द बनवाना चाहते हैं, तो उन्हें 6,750 रुपए की फीस चुकानी होगी।
पासपोर्ट की वैधता में कोई बदलाव नहीं, पहले जैसे ही रहेंगे नियम
फीस बढ़ाने के साथ ही सरकार ने नियमों में वैलिडिटी की स्थिति को भी स्पष्ट किया है। वयस्क आवेदकों के लिए जारी किए गए पासपोर्ट की वैधता पहले की तरह ही अधिकतम 10 साल तक रहेगी।
वहीं, नाबालिगों को जारी किए जाने वाले पासपोर्ट की वैलिडिटी 5 साल या उनके 18 साल की आयु पूरी होने तक (जो भी पहले हो) मान्य रहेगी। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।















































