सीधी जिले के अमिलई गांव में NH-39 मुख्य मार्ग पर सड़क धंस गई है। यहां अचानक एक गहरी सुरंग बन गई, जिसके कारण पिछले दो दिनों में तीन बड़े हादसे हुए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने इसे एक असाधारण रूप से गहरी सुरंग बताया है। 50 से ज्यादा पत्थर भरे गांव निवासी तेज बहादुर सिंह ने इस घटना को विभाग की लापरवाही का परिणाम बताया। उन्होंने जानकारी दी कि उन्होंने सुबह 50 से अधिक बड़े पत्थर इस सुरंग में डाले, लेकिन किसी भी पत्थर का पता नहीं चला। ग्रामीणों का मानना है कि यह सुरंग असामान्य रूप से गहरी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को इस खतरे की सूचना दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि NH-39 से जुड़े अधिकारी जिले में उपलब्ध नहीं रहते, जिससे उनकी शिकायतें उन तक नहीं पहुंच पातीं। PWD नहीं कर सकता है हस्तक्षेप इस मामले में पीडब्ल्यूडी अधिकारी कौशल परते ने बताया कि यह सड़क उनके विभाग द्वारा निर्मित नहीं है, इसलिए वे इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकते। इससे विभागों के बीच जिम्मेदारी को लेकर असमंजस की स्थिति सामने आई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, गांव के रमेश तिवारी ने स्वयं पहल की। उन्होंने गड्ढे को कपड़ों से ढका और पास में एक लकड़ी का डंडा गाड़कर उस पर चेतावनी झंडा लगाया, ताकि राहगीर सतर्क रहें और दुर्घटनाओं से बचा जा सके। खतरनाक सुरंग को भरवाएंगे सीधी के अपर कलेक्टर बीपी पांडे ने इस पूरे मामले पर कहा कि उन्हें जानकारी मिल गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर जल्द ही इस खतरनाक सुरंग को भरवाया जाएगा।














































