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Rajiv Bajaj Quits Bajaj Finserv Board

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नई दिल्ली14 मिनट पहले

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बजाज ऑटो के मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव बजाज अब बजाज फिनसर्व के बोर्ड से इस्तीफा देने जा रहे हैं। उन्होंने अपनी बाहरी जिम्मेदारियों को कम करने और ऑटोमोबाइल बिजनेस पर फोकस करने के लिए यह फैसला लिया है।

वह 31 जुलाई को होने वाली कंपनी की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के बाद डायरेक्टर पद से हट जाएंगे।

रोटेशन के तहत रिटायरमेंट, एजीएम में दोबारा चुनाव नहीं लड़ेंगे

बजाज फिनसर्व ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी गई एक एक्सचेंज फाइलिंग में इस फैसले की आधिकारिक जानकारी साझा की है। कंपनी के मुताबिक राजीव बजाज बोर्ड में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की भूमिका निभा रहे थे।

उन्होंने कंपनी को सूचित किया है कि 31 जुलाई को होने वाली AGM में वे दोबारा चुनाव की मांग नहीं करेंगे। इसके चलते एजीएम में रोटेशन द्वारा रिटायरमेंट के साथ ही वे कंपनी के डायरेक्टर नहीं रहेंगे।

ऑटो बिजनेस में बढ़ीं जिम्मेदारियां, इसलिए लिया फैसला

राजीव बजाज ने पिछले कुछ वर्षों में बजाज ऑटो में अपनी बढ़ती हुई जिम्मेदारियों को इस फैसले की मुख्य वजह बताया है। बजाज फिनसर्व ने कहा कि हाल के समय में बजाज ऑटो लिमिटेड में उनकी जिम्मेदारियां बढ़ी हैं।

कंपनी ने बजाज ऑटो टेक्नोलॉजी लिमिटेड और बजाज ऑटो क्रेडिट लिमिटेड की स्थापना की है, साथ ही हाल ही में केटीएम (KTM) का अधिग्रहण भी किया है। इसी वजह से वे अपनी अन्य बाहरी जिम्मेदारियों को कम करना चाहते हैं।

बोर्ड ने जताया आभार, अप्रैल में बजाज फाइनेंस भी छोड़ा था

  • बजाज फिनसर्व के बोर्ड ने राजीव बजाज के इस फैसले को संज्ञान में लिया है। इसके साथ ही बोर्ड ने कंपनी के साथ उनके लंबे जुड़ाव और दिए गए महत्वपूर्ण योगदान के लिए उनके प्रति आभार और सराहना व्यक्त की है।
  • इससे पहले इसी साल अप्रैल महीने में भी राजीव बजाज ने बजाज फाइनेंस को एक नोटिस भेजा था। तब उन्होंने बजाज फाइनेंस की एजीएम में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में दोबारा चुनाव न लड़ने का फैसला किया था।
  • जिसके बाद लेंडर बोर्ड के साथ उनका लंबा सफर खत्म हो गया था। उस समय बजाज फाइनेंस ने भी उनकी सेवाओं की सराहना करते हुए आभार जताया था।

राहुल बजाज के बेटे और राजीव के भाई हैं संजीव बजाज

राजीव बजाज वर्तमान में भारत की सबसे बड़ी टू-व्हीलर निर्माता कंपनियों में से एक, बजाज ऑटो के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) हैं। वे स्वर्गीय राहुल बजाज के बेटे हैं, जिन्होंने बजाज ऑटो को भारत के सबसे लोकप्रिय और भरोसेमंद ऑटोमोबाइल ब्रांड्स में स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाई थी।

राजीव बजाज के भाई संजीव बजाज हैं, जो बजाज फिनसर्व के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। बजाज फिनसर्व एक फाइनेंशियल सर्विसेज होल्डिंग कंपनी है, जिसके पास बजाज फाइनेंस में मेजॉरिटी हिस्सेदारी मौजूद है।

2005 से संभाल रहे हैं बजाज ऑटो के MD का पद

  • राजीव बजाज के पास ऑटोमोबाइल सेक्टर और बिजनेस लीडरशिप का एक लंबा अनुभव है। वे साल 2002 में पहली बार बजाज ऑटो के बोर्ड मेंबर बने थे।
  • इसके बाद साल 2005 में उन्होंने कंपनी के MD के रूप में कमान संभाली थी। इसके अलावा उन्होंने केटीएम ग्रुप के भीतर कंपनियों के सुपरवाइजरी बोर्ड्स में भी कई पदों पर काम किया है।

क्या होता है ‘रिटायरमेंट बाई रोटेशन’?

कंपनीज एक्ट के तहत लिस्टेड कंपनियों के डायरेक्टर्स का एक निश्चित हिस्सा हर एजीएम में रोटेशन के तहत रिटायर होता है। यदि डायरेक्टर चाहें और शेयरहोल्डर्स अनुमति दें, तो उन्हें दोबारा चुना जा सकता है। राजीव बजाज ने खुद दोबारा चुनाव लड़ने से मना किया है।

क्या है बजाज फिनसर्व और बजाज ऑटो का कनेक्शन?

ये दोनों एक ही मूल समूह बजाज ग्रुप का हिस्सा हैं, लेकिन बजाज ऑटो पूरी तरह से गाड़ियों (टू-व्हीलर/थ्री-व्हीलर) के निर्माण पर केंद्रित है, जबकि बजाज फिनसर्व समूह का वित्तीय (फाइनेंस और इंश्योरेंस) कारोबार संभालती है।

ये खबर भी पढ़ें…

फिच ने भारत की GDP-ग्रोथ का अनुमान घटाकर 6.4% किया: अमेरिका-ईरान जंग के असर से थमेगी रफ्तार; महंगाई बढ़कर 5.3% पहुंचने की आशंका

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वह 31 जुलाई को होने वाली कंपनी की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के बाद डायरेक्टर पद से हट जाएंगे।

रोटेशन के तहत रिटायरमेंट, एजीएम में दोबारा चुनाव नहीं लड़ेंगे

बजाज फिनसर्व ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी गई एक एक्सचेंज फाइलिंग में इस फैसले की आधिकारिक जानकारी साझा की है। कंपनी के मुताबिक राजीव बजाज बोर्ड में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की भूमिका निभा रहे थे।

उन्होंने कंपनी को सूचित किया है कि 31 जुलाई को होने वाली AGM में वे दोबारा चुनाव की मांग नहीं करेंगे। इसके चलते एजीएम में रोटेशन द्वारा रिटायरमेंट के साथ ही वे कंपनी के डायरेक्टर नहीं रहेंगे।

ऑटो बिजनेस में बढ़ीं जिम्मेदारियां, इसलिए लिया फैसला

राजीव बजाज ने पिछले कुछ वर्षों में बजाज ऑटो में अपनी बढ़ती हुई जिम्मेदारियों को इस फैसले की मुख्य वजह बताया है। बजाज फिनसर्व ने कहा कि हाल के समय में बजाज ऑटो लिमिटेड में उनकी जिम्मेदारियां बढ़ी हैं।

कंपनी ने बजाज ऑटो टेक्नोलॉजी लिमिटेड और बजाज ऑटो क्रेडिट लिमिटेड की स्थापना की है, साथ ही हाल ही में केटीएम (KTM) का अधिग्रहण भी किया है। इसी वजह से वे अपनी अन्य बाहरी जिम्मेदारियों को कम करना चाहते हैं।

बोर्ड ने जताया आभार, अप्रैल में बजाज फाइनेंस भी छोड़ा था

  • बजाज फिनसर्व के बोर्ड ने राजीव बजाज के इस फैसले को संज्ञान में लिया है। इसके साथ ही बोर्ड ने कंपनी के साथ उनके लंबे जुड़ाव और दिए गए महत्वपूर्ण योगदान के लिए उनके प्रति आभार और सराहना व्यक्त की है।
  • इससे पहले इसी साल अप्रैल महीने में भी राजीव बजाज ने बजाज फाइनेंस को एक नोटिस भेजा था। तब उन्होंने बजाज फाइनेंस की एजीएम में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में दोबारा चुनाव न लड़ने का फैसला किया था।
  • जिसके बाद लेंडर बोर्ड के साथ उनका लंबा सफर खत्म हो गया था। उस समय बजाज फाइनेंस ने भी उनकी सेवाओं की सराहना करते हुए आभार जताया था।

राहुल बजाज के बेटे और राजीव के भाई हैं संजीव बजाज

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राजीव बजाज के भाई संजीव बजाज हैं, जो बजाज फिनसर्व के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। बजाज फिनसर्व एक फाइनेंशियल सर्विसेज होल्डिंग कंपनी है, जिसके पास बजाज फाइनेंस में मेजॉरिटी हिस्सेदारी मौजूद है।

2005 से संभाल रहे हैं बजाज ऑटो के MD का पद

  • राजीव बजाज के पास ऑटोमोबाइल सेक्टर और बिजनेस लीडरशिप का एक लंबा अनुभव है। वे साल 2002 में पहली बार बजाज ऑटो के बोर्ड मेंबर बने थे।
  • इसके बाद साल 2005 में उन्होंने कंपनी के MD के रूप में कमान संभाली थी। इसके अलावा उन्होंने केटीएम ग्रुप के भीतर कंपनियों के सुपरवाइजरी बोर्ड्स में भी कई पदों पर काम किया है।

क्या होता है ‘रिटायरमेंट बाई रोटेशन’?

कंपनीज एक्ट के तहत लिस्टेड कंपनियों के डायरेक्टर्स का एक निश्चित हिस्सा हर एजीएम में रोटेशन के तहत रिटायर होता है। यदि डायरेक्टर चाहें और शेयरहोल्डर्स अनुमति दें, तो उन्हें दोबारा चुना जा सकता है। राजीव बजाज ने खुद दोबारा चुनाव लड़ने से मना किया है।

क्या है बजाज फिनसर्व और बजाज ऑटो का कनेक्शन?

ये दोनों एक ही मूल समूह बजाज ग्रुप का हिस्सा हैं, लेकिन बजाज ऑटो पूरी तरह से गाड़ियों (टू-व्हीलर/थ्री-व्हीलर) के निर्माण पर केंद्रित है, जबकि बजाज फिनसर्व समूह का वित्तीय (फाइनेंस और इंश्योरेंस) कारोबार संभालती है।

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