Friday, 17 Apr 2026 | 09:21 PM

Trending :

EXCLUSIVE

फूड एप से 12 ऑर्डर पर ₹900 एक्स्ट्रा खर्च हो:जोमैटो, स्विगी की प्लेटफॉर्म फीस 3 साल में 9 गुना बढ़ी, यहां दाम भी 15% तक ज्यादा

फूड एप से 12 ऑर्डर पर ₹900 एक्स्ट्रा खर्च हो:जोमैटो, स्विगी की प्लेटफॉर्म फीस 3 साल में 9 गुना बढ़ी, यहां दाम भी 15% तक ज्यादा

ऑनलाइन ऑर्डर के जरिये खाना मंगवाना, OTT देखना, 10 मिनट में किराना- ये सुविधाएं अब पहले से महंगी हो चुकी हैं। प्लेटफॉर्म फीस, डिलीवरी चार्ज और छुपे हुए खर्च मिलकर हर महीने हजारों रुपए यूं ही खर्च हो रहे हैं। यदि आप महीने में 12 बार भी फूड डिलीवरी एप से ऑर्डर करते हैं तो अनजाने में करीब 900 रुपए अतिरक्ति खर्च कर रहे हैं। इसमें 180 रुपए प्लेटफॉर्म फीस और 720 रुपए डिलीवरी चार्ज शामिल है। यह रकम हर साल बढ़ रही है। 2023-2026 के बीच जोमैटो, स्विगी पर प्लेटफॉर्म फीस 9 गुना हो गई। ऑनलाइन मेन्यू के दाम भी ऑफलाइन से 10-15% ज्यादा होते हैं। मंथली खर्च पर बढ़ रहा 2 से 5 हजार का बोझ असली समस्या यह है कि हर खर्च छोटा लगता है। 249 रुपए का लंच, 199 रुपए का सब्सक्रिप्शन, लेकिन ये सब मिलकर परिवार के बजट पर हर महीने 2000-5000 रुपए का बोझ बढ़ा देते हैं। चुनौतीपूर्ण हालात में यह बिजनेस बढ़ता है। कोविड महामारी की सबसे कमजोर तिमाही (जनवरी-मार्च 2020) में जहां SP 500 कंपनियों की बिक्री 1.9% घटी, वहीं सब्सक्रिप्शन बिजनेस 9.5% बढ़े थे। नेटफ्लिक्स की आय 16%, एपल सर्विसेज की 36% और स्पॉटिफाई की 26% बढ़ी थी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सब्सक्रिप्शन मॉडल दो दशकों का सबसे लचीला और मजबूत बिजनेस आर्किटेक्चर है। यहां सीधे ग्राहकों की जेब से पैसा आता है। आलस और मुश्किल प्रोसेस से बढ़ रहे पेड ग्राहक मैकिंजी की रिपोर्ट कहती है कि लोग सब्सक्रिप्शन तभी बंद करते हैं जब उसके दाम बहुत ज्यादा बढ़ जाएं। लेकिन ज्यादातर लोग इसे कैंसिल क्यों नहीं करते? इसकी सबसे बड़ी वजह है ‘जड़ता’ (Inertia) यानी कुछ न करने की आदत। फ्रीमियम मॉडल (जहाँ शुरुआत में सर्विस फ्री मिलती है) वाली कंपनियां 5 साल में करीब 95-100% ग्राहकों को अपने साथ जोड़े रखने में सफल रहती हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि 95% ग्राहक उनकी सर्विस से बहुत खुश हैं। असल में, सब्सक्रिप्शन बंद करने के लिए ग्राहक को खुद से मेहनत और प्रोसेस करना पड़ता है, जबकि उसे चालू रखने के लिए उसे कुछ भी नहीं करना पड़ता। इसी आलस या प्रोसेस की जटिलता की वजह से लोग पैसे देते रहते हैं। फूड डिलीवरी, OTT की रफ्तार तेज 1. फूड डिलीवरी: तीन साल में तीन गुना हुआ बाजार 2023 में भारत का ऑनलाइन फूड डिलीवरी बाजार 69,000 करोड़ रुपए का था। ईएमआर एंड मार्क का अनुमान है कि इस साल के आखिर तक यह 2.25 लाख करोड़ रुपए हो जाएगा। 2. OTT: 60 करोड़ से ऊपर निकले स्ट्रीमिंग ऑडियंस आईबीईएफ के मुताबिक 2023 में OTT का पेड सब्सक्रिप्शन 8,200 करोड़ रुपए का था। इस साल यह 11,191 करोड़ तक पहुंच सकता है। बीते साल स्ट्रीमिंग ऑडियंस 60.1 करोड़ थे। ईरान जंग का असर: 10% तक और महंगाई के लिए तैयार रहें मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर अभी सीमित है। लेकिन कच्चे तेल की कीमत 60 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। यह अब भी 96 डॉलर पर है। अगर जंग लंबा खिंचा तो कई सेक्टरों में 10% से ज्यादा महंगाई देखने को मिल सकती है। वेल्थ मैनेजमेंट फर्म मेवनार्क के मुताबिक, घर के बजट में कम से कम 10% बढ़ने के लिए अभी से तैयार रहें।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
खामेनेई की मौत पर अमेरिका में लगा था सट्‌टा:498 करोड़ का खेला था दांव; अब साइट ने भुगतान रोका, नियमों को लेकर विवाद

March 8, 2026/
2:17 pm

ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई को लेकर अमेरिकी प्रेडिक्शन मार्केट साइट काल्शी पर 498 करोड़ रु. का दांव लगाया गया।...

Rewa Collector Fines Mine Operator Rs 1.68 Crore

March 19, 2026/
8:54 pm

मऊगंज कलेक्टर संजय कुमार जैन ने अवैध उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। स्वीकृत खनन क्षेत्र से बाहर बोल्डर...

किम जोंग बोले- परमाणु हथियार रखने का फैसला सही था:ईरान पर हमले ने हमें सच साबित किया, ताकत से ही सुरक्षा मिलती है

March 24, 2026/
12:41 pm

नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन ने देश के पास परमाणु हथियार होने को लेकर खुशी जताई है। सरकारी...

भारत सबसे ज्यादा 15वीं बार ICC फाइनल खेलेगा:कपिल से रोहित तक 7 ट्रॉफी की कहानी; ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरी सबसे सफल टीम

March 7, 2026/
4:30 am

भारतीय क्रिकेट टीम ICC टूर्नामेंट के इतिहास में रिकॉर्ड 15वीं बार फाइनल खेलने उतरेगी। 1983 में कपिल देव की कप्तानी...

अनिल-अंबानी की रिलायंस पावर के ठिकानों पर ED का छापा:सुबह होने से पहले ही पहुंची 15 टीमें; बैंक कर्ज और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है मामला

March 6, 2026/
11:26 am

ED ने आज यानी 6 मार्च को उद्योगपति अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस पावर से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी...

इंदौर में जहरीली गैस फैली, 5 की तबीयत बिगड़ी:लोगों को सांस लेने में परेशानी, उल्टियां हुई; घरों से बाहर निकले लोग

February 26, 2026/
10:30 pm

इंदौर के रावजी बाजार थाना क्षेत्र में गुरुवार रात अमोनिया गैस के रिसाव से इलाके में हड़कंप मच गया। गैस...

ask search icon

April 4, 2026/
8:45 pm

Last Updated:April 04, 2026, 20:45 IST Satvik Ayurveda Brand: अंग्रेजों के दौर में एक हेड मास्टर दादा ने अपनी कलम...

Anil Ambanis Mumbai Property Seized

February 25, 2026/
6:45 pm

मुंबई3 मिनट पहले कॉपी लिंक यह कार्रवाई RCOM और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ चल रही जांच का हिस्सा है।...

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

राजनीति

फूड एप से 12 ऑर्डर पर ₹900 एक्स्ट्रा खर्च हो:जोमैटो, स्विगी की प्लेटफॉर्म फीस 3 साल में 9 गुना बढ़ी, यहां दाम भी 15% तक ज्यादा

फूड एप से 12 ऑर्डर पर ₹900 एक्स्ट्रा खर्च हो:जोमैटो, स्विगी की प्लेटफॉर्म फीस 3 साल में 9 गुना बढ़ी, यहां दाम भी 15% तक ज्यादा

ऑनलाइन ऑर्डर के जरिये खाना मंगवाना, OTT देखना, 10 मिनट में किराना- ये सुविधाएं अब पहले से महंगी हो चुकी हैं। प्लेटफॉर्म फीस, डिलीवरी चार्ज और छुपे हुए खर्च मिलकर हर महीने हजारों रुपए यूं ही खर्च हो रहे हैं। यदि आप महीने में 12 बार भी फूड डिलीवरी एप से ऑर्डर करते हैं तो अनजाने में करीब 900 रुपए अतिरक्ति खर्च कर रहे हैं। इसमें 180 रुपए प्लेटफॉर्म फीस और 720 रुपए डिलीवरी चार्ज शामिल है। यह रकम हर साल बढ़ रही है। 2023-2026 के बीच जोमैटो, स्विगी पर प्लेटफॉर्म फीस 9 गुना हो गई। ऑनलाइन मेन्यू के दाम भी ऑफलाइन से 10-15% ज्यादा होते हैं। मंथली खर्च पर बढ़ रहा 2 से 5 हजार का बोझ असली समस्या यह है कि हर खर्च छोटा लगता है। 249 रुपए का लंच, 199 रुपए का सब्सक्रिप्शन, लेकिन ये सब मिलकर परिवार के बजट पर हर महीने 2000-5000 रुपए का बोझ बढ़ा देते हैं। चुनौतीपूर्ण हालात में यह बिजनेस बढ़ता है। कोविड महामारी की सबसे कमजोर तिमाही (जनवरी-मार्च 2020) में जहां SP 500 कंपनियों की बिक्री 1.9% घटी, वहीं सब्सक्रिप्शन बिजनेस 9.5% बढ़े थे। नेटफ्लिक्स की आय 16%, एपल सर्विसेज की 36% और स्पॉटिफाई की 26% बढ़ी थी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सब्सक्रिप्शन मॉडल दो दशकों का सबसे लचीला और मजबूत बिजनेस आर्किटेक्चर है। यहां सीधे ग्राहकों की जेब से पैसा आता है। आलस और मुश्किल प्रोसेस से बढ़ रहे पेड ग्राहक मैकिंजी की रिपोर्ट कहती है कि लोग सब्सक्रिप्शन तभी बंद करते हैं जब उसके दाम बहुत ज्यादा बढ़ जाएं। लेकिन ज्यादातर लोग इसे कैंसिल क्यों नहीं करते? इसकी सबसे बड़ी वजह है ‘जड़ता’ (Inertia) यानी कुछ न करने की आदत। फ्रीमियम मॉडल (जहाँ शुरुआत में सर्विस फ्री मिलती है) वाली कंपनियां 5 साल में करीब 95-100% ग्राहकों को अपने साथ जोड़े रखने में सफल रहती हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि 95% ग्राहक उनकी सर्विस से बहुत खुश हैं। असल में, सब्सक्रिप्शन बंद करने के लिए ग्राहक को खुद से मेहनत और प्रोसेस करना पड़ता है, जबकि उसे चालू रखने के लिए उसे कुछ भी नहीं करना पड़ता। इसी आलस या प्रोसेस की जटिलता की वजह से लोग पैसे देते रहते हैं। फूड डिलीवरी, OTT की रफ्तार तेज 1. फूड डिलीवरी: तीन साल में तीन गुना हुआ बाजार 2023 में भारत का ऑनलाइन फूड डिलीवरी बाजार 69,000 करोड़ रुपए का था। ईएमआर एंड मार्क का अनुमान है कि इस साल के आखिर तक यह 2.25 लाख करोड़ रुपए हो जाएगा। 2. OTT: 60 करोड़ से ऊपर निकले स्ट्रीमिंग ऑडियंस आईबीईएफ के मुताबिक 2023 में OTT का पेड सब्सक्रिप्शन 8,200 करोड़ रुपए का था। इस साल यह 11,191 करोड़ तक पहुंच सकता है। बीते साल स्ट्रीमिंग ऑडियंस 60.1 करोड़ थे। ईरान जंग का असर: 10% तक और महंगाई के लिए तैयार रहें मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर अभी सीमित है। लेकिन कच्चे तेल की कीमत 60 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। यह अब भी 96 डॉलर पर है। अगर जंग लंबा खिंचा तो कई सेक्टरों में 10% से ज्यादा महंगाई देखने को मिल सकती है। वेल्थ मैनेजमेंट फर्म मेवनार्क के मुताबिक, घर के बजट में कम से कम 10% बढ़ने के लिए अभी से तैयार रहें।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.