Tuesday, 15 Sep 2026 | 06:40 AM

Trending :

EXCLUSIVE

UN Warns of Further Price Hikes as Supply Chains Disrupt

Google Preferred Source CTA
  • Hindi News
  • Business
  • US Iran War Impact: UN Warns Of Further Price Hikes As Supply Chains Disrupt

नई दिल्ली9 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अमेरिका-ईरान के बीच जारी युद्ध का असर दुनियाभर की रसोई पर दिखने लगा है। यूनाइटेड नेशंस (UN) की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल स्तर पर खाद्य पदार्थों की कीमतें पिछले तीन साल में सबसे ऊपर पहुंच गई हैं।

वहीं, फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (FAO) की ओर से शुक्रवार को जारी डेटा के अनुसार, अप्रैल में फूड कमोडिटी प्राइस इंडेक्स में 1.6% की बढ़ोत्तरी हुई है। यह पिछले साल से 2.5% ज्यादा है।

इस उछाल की मुख्य वजह वेजिटेबल ऑयल (खाने का तेल), मीट और अनाज की सप्लाई चेन में आई रुकावटें हैं।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से बढ़ी मुश्किलें

ईरान युद्ध अब अपने 10वें हफ्ते में प्रवेश कर चुका है। हॉर्मुज रूट बंद है। इस रास्ते से डीजल और फर्टिलाइजर (खाद) जैसे खेती के लिए जरूरी सामान की आवाजाही रुक गई है।

खाद और ईंधन महंगा होने से किसानों के लिए खेती करना मुश्किल हो रहा है, जिसका सीधा असर आने वाले समय में खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर पड़ेगा।

वेजिटेबल ऑयल और मीट की कीमतें सबसे ज्यादा बढ़ीं

रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा असर वनस्पति तेलों पर पड़ा है। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से बायो-फ्यूल की मांग बढ़ी है, जिससे वेजिटेबल ऑयल इंडेक्स मार्च के मुकाबले 5.9% चढ़ गया है। यह जुलाई 2022 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है।

वहीं, मीट इंडेक्स में 1.2% की बढ़त हुई है, जो अब तक का ऑल-टाइम रिकॉर्ड है। अनाज की कीमतों में भी 0.8% की तेजी देखी गई है।

अभी कंपनियां स्टॉक बेच रहीं, आगे और बढ़ेगी महंगाई

FAO के चीफ इकोनॉमिस्ट मैक्सिमो टोरेरो ने एक इंटरव्यू में बताया कि एग्री-फूड इंडस्ट्री फिलहाल इसलिए बची हुई है, क्योंकि कंपनियां पुराना स्टॉक बेच रही हैं।

उन्होंने कहा, “जैसे ही कच्चे माल और एनर्जी की बढ़ी हुई लागत कंपनियों के खातों में पहुंचेगी, उपभोक्ता (Consumer) के तौर पर हमें महंगाई का तगड़ा झटका लगेगा।”

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह तनाव 90 दिनों से ऊपर खिंचता है, तो 2026 के अंत और 2027 में ‘ग्लोबल फूड क्राइसिस’ (खाद्य संकट) की संभावना काफी बढ़ जाएगी।

अनाज की पैदावार कम होने की आशंका

खराब मौसम और 2026 में गेहूं की बुआई कम होने की खबरों ने भी अनाज के दाम बढ़ा दिए हैं। खाद की बढ़ती कीमतों की वजह से किसान अब ऐसी फसलें उगाने पर विचार कर रहे हैं, जिनमें फर्टिलाइजर का इस्तेमाल कम होता हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि कमोडिटी मार्केट में आई इस तेजी का असर रिटेल मार्केट तक पहुंचने में थोड़ा समय लगेगा, लेकिन खाने की महंगाई बढ़ना अब तय है।

20 जरूरी चीजों में से 16 के दाम 36% तक बढ़े

बैंक ऑफ बड़ौदा के ‘एसेंशियल कमोडिटी इंडेक्स’ के मुताबिक, भारत में अप्रैल महीने में महंगाई सूचकांक सालाना 1.1% और मासिक आधार पर 0.3% बढ़ा। यह अगस्त, 2025 के बाद सबसे तेज मासिक बढ़ोतरी है। बीते महीने आम जरूरत की 20 में से 16 वस्तुओं की कीमतें बढ़ीं हैं।

खाने के तेल, टमाटर और अन्य जरूरी चीजों की कीमतों में 36% तक बढ़ोतरी ने अप्रैल में रिटेल महंगाई 4% तक पहुंचा दी है। आगामी महीनों में महंगाई और बढ़ने का जोखिम बना हुआ है क्योंकि मई में भी कीमतें बढ़ रही हैं।

————————–

ये खबर भी पढ़ें…

साबुन-बिस्किट से लेकर तेल तक सब महंगा होगा: डाबर, HUL सहित FMCG कंपनियां दाम बढ़ाएंगी; पैकेजिंग और कच्चे माल की लागत बढ़ी

FMCG सेक्टर की दिग्गज कंपनी डाबर इंडिया ने अपने प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। कंपनी का कहना है कि पैकेजिंग मटेरियल की बढ़ती कीमतों और मिडिल-ईस्ट में तनाव बढ़ने के कारण इनपुट कॉस्ट बढ़ गई है।

डाबर के अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) और नेस्ले जैसी कंपनियां भी महंगाई के दबाव का सामना कर रही हैं। ऐसे में आपके घर का बजट बिगड़ सकता है और साबुन, तेल, बिस्किट जैसे रोजमर्रा के सामान महंगे हो सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
MI vs PBKS Live Cricket Score, IPL 2026: Stay updated with Mumbai Indians vs Punjab Kings Match Updates and Live Scorecard from Mumbai. (Picture Credit: PTI)

April 16, 2026/
5:58 pm

आखरी अपडेट:16 अप्रैल, 2026, 17:58 IST इस सुधार की एक केंद्रीय विशेषता लोकसभा की अधिकतम सदस्य संख्या को 550 से...

इंपैक्ट फीचर:करियर में AI की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए डब्लूपीयू गोवा ने उच्च शिक्षा में कई विषयों की जानकारी होने की वकालत की

June 23, 2026/
4:00 pm

यूनिवर्सिटी नेतृत्व का कहना है कि तकनीक में तेजी से होती उथल-पुथल के इस दौर में, छात्रों के लिए परिस्थितियों...

Sonam Kapoors Friend: Rakhi Bond, Not Lover

April 30, 2026/
6:34 am

मेघालय की राजधानी शिलांग में हनीमून के दौरान पति की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी सोनम 320 दिनों बाद...

IAS पति को छुड़वाकर मुझसे शादी की, फिर धोखा दिया:बैंक मैनेजर पत्नी के गंभीर आरोप, कांग्रेस नेता बोले–15 साल से ब्लैकमेल कर रही

February 22, 2026/
7:00 am

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक हाईप्रोफाइल फैमिली विवाद सामने आया है। पत्नी बैंक में मैनेजर हैं और पति...

तस्वीर का विवरण

June 25, 2026/
7:22 pm

खुराक के लिए: 3 कप डोसे का बैटर, 2 चम्मच घी या तेल। पनीर टिक्का मसाला के लिए: 200 ग्राम...

टीचर ने लिखा- अच्छी लगती हो, रूम पर आ जाओ:कॉलेज छात्रा को किए अश्लील मैसेज; भास्कर पर खबर चलने के बाद आरोपी बर्खास्त

April 8, 2026/
1:12 pm

रीवा में पीएमश्री कॉलेज (मॉडल साइंस कॉलेज) के संविदा टीचर ने बीए फर्स्ट ईयर की छात्रा को अश्लील मैसेज किए।...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

UN Warns of Further Price Hikes as Supply Chains Disrupt

Google Preferred Source CTA
  • Hindi News
  • Business
  • US Iran War Impact: UN Warns Of Further Price Hikes As Supply Chains Disrupt

नई दिल्ली9 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अमेरिका-ईरान के बीच जारी युद्ध का असर दुनियाभर की रसोई पर दिखने लगा है। यूनाइटेड नेशंस (UN) की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल स्तर पर खाद्य पदार्थों की कीमतें पिछले तीन साल में सबसे ऊपर पहुंच गई हैं।

वहीं, फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (FAO) की ओर से शुक्रवार को जारी डेटा के अनुसार, अप्रैल में फूड कमोडिटी प्राइस इंडेक्स में 1.6% की बढ़ोत्तरी हुई है। यह पिछले साल से 2.5% ज्यादा है।

इस उछाल की मुख्य वजह वेजिटेबल ऑयल (खाने का तेल), मीट और अनाज की सप्लाई चेन में आई रुकावटें हैं।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से बढ़ी मुश्किलें

ईरान युद्ध अब अपने 10वें हफ्ते में प्रवेश कर चुका है। हॉर्मुज रूट बंद है। इस रास्ते से डीजल और फर्टिलाइजर (खाद) जैसे खेती के लिए जरूरी सामान की आवाजाही रुक गई है।

खाद और ईंधन महंगा होने से किसानों के लिए खेती करना मुश्किल हो रहा है, जिसका सीधा असर आने वाले समय में खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर पड़ेगा।

वेजिटेबल ऑयल और मीट की कीमतें सबसे ज्यादा बढ़ीं

रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा असर वनस्पति तेलों पर पड़ा है। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से बायो-फ्यूल की मांग बढ़ी है, जिससे वेजिटेबल ऑयल इंडेक्स मार्च के मुकाबले 5.9% चढ़ गया है। यह जुलाई 2022 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है।

वहीं, मीट इंडेक्स में 1.2% की बढ़त हुई है, जो अब तक का ऑल-टाइम रिकॉर्ड है। अनाज की कीमतों में भी 0.8% की तेजी देखी गई है।

अभी कंपनियां स्टॉक बेच रहीं, आगे और बढ़ेगी महंगाई

FAO के चीफ इकोनॉमिस्ट मैक्सिमो टोरेरो ने एक इंटरव्यू में बताया कि एग्री-फूड इंडस्ट्री फिलहाल इसलिए बची हुई है, क्योंकि कंपनियां पुराना स्टॉक बेच रही हैं।

उन्होंने कहा, “जैसे ही कच्चे माल और एनर्जी की बढ़ी हुई लागत कंपनियों के खातों में पहुंचेगी, उपभोक्ता (Consumer) के तौर पर हमें महंगाई का तगड़ा झटका लगेगा।”

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह तनाव 90 दिनों से ऊपर खिंचता है, तो 2026 के अंत और 2027 में ‘ग्लोबल फूड क्राइसिस’ (खाद्य संकट) की संभावना काफी बढ़ जाएगी।

अनाज की पैदावार कम होने की आशंका

खराब मौसम और 2026 में गेहूं की बुआई कम होने की खबरों ने भी अनाज के दाम बढ़ा दिए हैं। खाद की बढ़ती कीमतों की वजह से किसान अब ऐसी फसलें उगाने पर विचार कर रहे हैं, जिनमें फर्टिलाइजर का इस्तेमाल कम होता हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि कमोडिटी मार्केट में आई इस तेजी का असर रिटेल मार्केट तक पहुंचने में थोड़ा समय लगेगा, लेकिन खाने की महंगाई बढ़ना अब तय है।

20 जरूरी चीजों में से 16 के दाम 36% तक बढ़े

बैंक ऑफ बड़ौदा के ‘एसेंशियल कमोडिटी इंडेक्स’ के मुताबिक, भारत में अप्रैल महीने में महंगाई सूचकांक सालाना 1.1% और मासिक आधार पर 0.3% बढ़ा। यह अगस्त, 2025 के बाद सबसे तेज मासिक बढ़ोतरी है। बीते महीने आम जरूरत की 20 में से 16 वस्तुओं की कीमतें बढ़ीं हैं।

खाने के तेल, टमाटर और अन्य जरूरी चीजों की कीमतों में 36% तक बढ़ोतरी ने अप्रैल में रिटेल महंगाई 4% तक पहुंचा दी है। आगामी महीनों में महंगाई और बढ़ने का जोखिम बना हुआ है क्योंकि मई में भी कीमतें बढ़ रही हैं।

————————–

ये खबर भी पढ़ें…

साबुन-बिस्किट से लेकर तेल तक सब महंगा होगा: डाबर, HUL सहित FMCG कंपनियां दाम बढ़ाएंगी; पैकेजिंग और कच्चे माल की लागत बढ़ी

FMCG सेक्टर की दिग्गज कंपनी डाबर इंडिया ने अपने प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। कंपनी का कहना है कि पैकेजिंग मटेरियल की बढ़ती कीमतों और मिडिल-ईस्ट में तनाव बढ़ने के कारण इनपुट कॉस्ट बढ़ गई है।

डाबर के अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) और नेस्ले जैसी कंपनियां भी महंगाई के दबाव का सामना कर रही हैं। ऐसे में आपके घर का बजट बिगड़ सकता है और साबुन, तेल, बिस्किट जैसे रोजमर्रा के सामान महंगे हो सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.