बॉम्बे हाईकोर्ट ने आज यानी 23 फरवरी को रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी को मिला राहत का आदेश रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद अब बैंक उन्हें ‘फ्रॉड’ घोषित करने की कार्यवाही फिर से शुरू कर पाएंगे। इससे पहले कोर्ट ने 40 हजार करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड मामले में बैंकों की इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। बैंकों ने नियमों का पालन नहीं किया जनवरी में बैंकों ने दी थी चुनौती बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन ओवरसीज बैंक और IDBI बैंक ने जनवरी 2026 में सिंगल बेंच के स्टे ऑर्डर को चुनौती दी थी। बैंकों का तर्क था कि वे फॉरेंसिक ऑडिट के आधार पर कार्यवाही करना चाहते हैं। अब बैंक कानून के मुताबिक आगे की कार्यवाही कर सकेंगे। अंबानी बोले- बिना अनुमति देश नहीं छोडूंगा पिछले हफ्ते अनिल अंबानी ने कोर्ट को भरोसा दिलाया था कि वे देश छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे और बिना अनुमति के विदेश यात्रा नहीं करेंगे। अनिल अंबानी ने ये भी कहा था कि रिलायंस ग्रुप (ADAG) की कंपनियों के खिलाफ चल रही ED और CBI की जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने SIT बनाने के दिए थे निर्देश इसी महीने की शुरुआत में चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने मामले की जांच में हो रही देरी पर नाराजगी जताई थी। सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसियों (ED और CBI) से पूछा था कि जांच में इतना वक्त क्यों लग रहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने ED को एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित करने का आदेश दिया था ताकि 40,000 करोड़ के इस कथित घोटाले की जांच में तेजी लाई जा सके।














































