
काला या लाला… गर्मियों में किस मटके का पानी होता है ज्यादा ठंडा? जानिए
लाल मटका Vs काला मटका: भीषण गर्मी के बीच देसी मटकों की मांग तेजी से बढ़ गई है. ऐसे में लोग बाजार में काले और लाल मटकों को लेकर लोग कंफ्यूज हैं. सीधी के कुम्हार रोमी प्रजापति ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ ही मटकों की डिमांड अचानक बढ़ जाती है. लोग खासतौर पर काले रंग के मटकों को ज्यादा पसंद करते हैं. ये मटके पूरी तरह हाथों से तैयार किए जाते हैं और इन्हें बनाने में सोन नदी की मिट्टी और पीली मिट्टी का उपयोग होता है. पारंपरिक चाक पर इन्हें आकार देने के बाद भट्टी में पकाया जाता है. इस प्रक्रिया के कारण मटके में हल्की झरझराहट रहती है, जिससे पानी धीरे-धीरे बाहर की ओर नमी छोड़ता है और प्राकृतिक रूप से ठंडा बना रहता है. वहीं इसके विपरीत लाल रंग के मटके ज्यादातर मशीनों से बनाए जाते हैं. इनमें काले मटकों जैसी झरझराहट कम होती है, इसलिए ये पानी को उतना ठंडा नहीं रख पाते. हालांकि आजकल कुछ लाल मटकों में भी झरने की क्षमता विकसित की जा रही है लेकिन वे काले मटकों जितने प्रभावी नहीं माने जाते.














































