Saturday, 23 May 2026 | 09:05 PM

Trending :

EXCLUSIVE

डेनमार्क की प्रधानमंत्री ने हार के बाद दिया इस्तीफा:पर्यावरण की चिंता के चलते छोड़ दिया था मेकअप, ट्रम्प को भी चुनौती दे चुकीं मेटे

डेनमार्क की प्रधानमंत्री ने हार के बाद दिया इस्तीफा:पर्यावरण की चिंता के चलते छोड़ दिया था मेकअप, ट्रम्प को भी चुनौती दे चुकीं मेटे

डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन (48) ने आम चुनाव में हार के बाद इस्तीफा दे दिया है। बुधवार को मतगणना में उनकी सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी को महज 38 सीटें मिलीं। हालांकि, अभी वहां किसी भी पार्टी को बहुमत हासिल नहीं हुआ है। मेटे जून 2019 से डेनमार्क की प्रधानमंत्री थीं और 2022 में दोबारा सत्ता में लौटी थीं। वे 41 की उम्र में पद संभालने वाली देश की सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री बनी थीं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से ग्रीनलैंड के मुद्दे पर बेबाकी से लेकर सादगी तक के उनके कई किस्से हैं। मेटे बचपन से ही शांत और संकोची रहीं। बोलने में हकलाहट के कारण स्कूल में बच्चे उनका मजाक उड़ाते थे। उन्हें लंबे समय तक स्पीच थेरेपी लेनी पड़ी। वे 90 के दशक में पर्यावरण और पशु अधिकारों को लेकर वे बेहद आक्रामक रहीं। कॉस्मेटिक कंपनियों द्वारा जानवरों पर परीक्षण के विरोध में उन्होंने मेकअप प्रोडक्ट इस्तेमाल करना ही छोड़ दिया। उनका मानना था कि जानवरों को दर्द देकर सुंदरता पाना गलत है। इसी दौर में उन्होंने ‘जेंस’ नाम की एक व्हेल को प्रतीकात्मक रूप से गोद लिया और अपनी पॉकेट मनी से समुद्री संरक्षण संस्था को राशि देकर उसकी सुरक्षा, ट्रैकिंग और प्राकृतिक आवास बचाने में सहयोग किया। 2012 में रोजगार मंत्री रहते हुए मेटे साधारण कपड़ों और फ्लैट जूतों में बच्चों को साइकिल से स्कूल छोड़ने जाती थीं। तब जनता में उनकी सादगी के खूब चर्चे होते थे। मेटे अपनी बेबाक जवाब के लिए मशहूर हैं। जनवरी 2026 में ट्रम्प ने ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद पकड़ ली। जवाब में झुकने के बजाय मेटे ने ग्रीनलैंड की सुरक्षा के लिए डेनिश कमांडो और सैनिक तैनात कर दिए। उन्होंने दो टूक कहा, ‘डेनमार्क बिकाऊ नहीं है। अगर अमेरिका नाटो सहयोगी पर हमला करता है, तो सब खत्म हो जाएगा।’ ट्रम्प की धमकी ने उल्टा मेटे की लोकप्रियता बढ़ाई। महिलाओं की पहचान और आत्मविश्वास पर मेटे कहती हैं, अगर लड़कियां खुद को कमतर आंकना छोड़ दें और भरोसे के साथ खड़ी हों, तो वे दुनिया में कुछ भी हासिल कर सकती हैं। 15 की उम्र में शरणार्थी को बचाने में टूट गई थी नाक की हड्डी मेटे बचपन से ही निडर रहीं। 15 की उम्र में अल्बोर्ग में उन्होंने कुछ लड़कों को एक शरणार्थी को परेशान करते देखा तो अकेले ही भिड़ गईं। इसी दौरान एक लड़के ने नस्लवादी अपशब्द कहते हुए उनके चेहरे पर मुक्का मारा, जिससे उनकी नाक की हड्डी टूट गई। इसके बाद उन्हें अस्तपताल में भर्ती होकर इलाज करवाना पड़ा। मेटे कहती हैं, यह चोट डर नहीं, उनके साहस की पहचान थी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
शहडोल में गल्ला व्यापारी की कार से 4 लाख चोरी:युवक ने शीशा तोड़कर चुराए पैसे, संदिग्ध CCTV में कैद

April 25, 2026/
10:01 am

शहडोल जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। एक गल्ला व्यापारी की कार...

एस्टन विला 30 साल बाद बनी यूरोपा लीग चैंपियन:फाइनल में जर्मनी के फ्रीबर्ग को 3-0 से हराया; मैनेजर उनाई एमेरी ने पांचवीं बार जीता खिताब

May 21, 2026/
8:06 am

इंग्लैंड के फुटबॉल क्लब एस्टन विला ने इस्तांबुल में खेले गए यूरोपा लीग फाइनल में जर्मनी के एससी फ्रीबर्ग को...

शमशाद बेगम की 107वीं बर्थ एनिवर्सरी:भारत की पहली प्लेबैक सिंगर, आशा-लता से कहा जाता था- इनकी तरह गाओ, किशोर कुमार उठाते थे कुर्सी

April 14, 2026/
4:30 am

1931 की बात थी भारत-पाकिस्तान उन दिनों एक था और कोई सीमाएं-सरहद नहीं थी। लाहौर-बॉम्बे और कोलकाता में फिल्में बनना...

इटली का ‘क्रिकेट’ वाला चमत्कार:जिस देश में घास की पिच तक नहीं, वह वर्ल्ड कप में नेपाल को हरा चुका; 78 साल के बुजुर्ग का सपना सच

February 17, 2026/
5:34 pm

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में टी20 वर्ल्ड कप के एक मैच में इटली ने नेपाल को 10 विकेट से हराकर...

पंजाब ‌BJP के प्रभारी रहे बलबीर पुंज का निधन:दिल्ली में ली आखिरी सांस; राज्यसभा के रह चुके सांसद; गुरदासपुर में हुआ था जन्म

April 19, 2026/
10:00 am

सीनियर भाजपा नेता, पूर्व राज्यसभा सांसद और पत्रकार बलबीर पुंज का देहांत हो गया है। उन्होंने शनिवार को दिल्ली के...

कर्नाटक में ईवीएम बनाम बैलेट पेपर्स पर विवाद तेज, स्थानीय चुनावों में पेपर्स वोटिंग की वापसी का बिल पेश

March 23, 2026/
11:25 pm

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित कर्नाटक में एक बार फिर से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग...

Vaibhav Suryawanshi No Weakness: Ian Bishop

May 1, 2026/
6:07 pm

नई दिल्ली21 मिनट पहले कॉपी लिंक वेस्टइंडीज के दिग्गज गेंदबाज इयान बिशप ने कहा है कि उन्हें वैभव सूर्यवंशी की...

निवाड़ी में सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने पर प्रदर्शन:पृथ्वीपुर और जेरोन में PM आवास और भूमि पट्टे की मांग; तहसीलदार को दिया ज्ञापन

April 30, 2026/
4:27 pm

निवाड़ी जिले की पृथ्वीपुर और जेरोन नगर परिषद के पात्र हितग्राहियों ने जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ न मिलने के विरोध...

Shatrughan Sinha: Sonakshi & Zaheer Made for Each Other

March 27, 2026/
6:09 pm

2 दिन पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी बेटी सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल के रिश्ते का...

राजनीति

डेनमार्क की प्रधानमंत्री ने हार के बाद दिया इस्तीफा:पर्यावरण की चिंता के चलते छोड़ दिया था मेकअप, ट्रम्प को भी चुनौती दे चुकीं मेटे

डेनमार्क की प्रधानमंत्री ने हार के बाद दिया इस्तीफा:पर्यावरण की चिंता के चलते छोड़ दिया था मेकअप, ट्रम्प को भी चुनौती दे चुकीं मेटे

डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन (48) ने आम चुनाव में हार के बाद इस्तीफा दे दिया है। बुधवार को मतगणना में उनकी सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी को महज 38 सीटें मिलीं। हालांकि, अभी वहां किसी भी पार्टी को बहुमत हासिल नहीं हुआ है। मेटे जून 2019 से डेनमार्क की प्रधानमंत्री थीं और 2022 में दोबारा सत्ता में लौटी थीं। वे 41 की उम्र में पद संभालने वाली देश की सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री बनी थीं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से ग्रीनलैंड के मुद्दे पर बेबाकी से लेकर सादगी तक के उनके कई किस्से हैं। मेटे बचपन से ही शांत और संकोची रहीं। बोलने में हकलाहट के कारण स्कूल में बच्चे उनका मजाक उड़ाते थे। उन्हें लंबे समय तक स्पीच थेरेपी लेनी पड़ी। वे 90 के दशक में पर्यावरण और पशु अधिकारों को लेकर वे बेहद आक्रामक रहीं। कॉस्मेटिक कंपनियों द्वारा जानवरों पर परीक्षण के विरोध में उन्होंने मेकअप प्रोडक्ट इस्तेमाल करना ही छोड़ दिया। उनका मानना था कि जानवरों को दर्द देकर सुंदरता पाना गलत है। इसी दौर में उन्होंने ‘जेंस’ नाम की एक व्हेल को प्रतीकात्मक रूप से गोद लिया और अपनी पॉकेट मनी से समुद्री संरक्षण संस्था को राशि देकर उसकी सुरक्षा, ट्रैकिंग और प्राकृतिक आवास बचाने में सहयोग किया। 2012 में रोजगार मंत्री रहते हुए मेटे साधारण कपड़ों और फ्लैट जूतों में बच्चों को साइकिल से स्कूल छोड़ने जाती थीं। तब जनता में उनकी सादगी के खूब चर्चे होते थे। मेटे अपनी बेबाक जवाब के लिए मशहूर हैं। जनवरी 2026 में ट्रम्प ने ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद पकड़ ली। जवाब में झुकने के बजाय मेटे ने ग्रीनलैंड की सुरक्षा के लिए डेनिश कमांडो और सैनिक तैनात कर दिए। उन्होंने दो टूक कहा, ‘डेनमार्क बिकाऊ नहीं है। अगर अमेरिका नाटो सहयोगी पर हमला करता है, तो सब खत्म हो जाएगा।’ ट्रम्प की धमकी ने उल्टा मेटे की लोकप्रियता बढ़ाई। महिलाओं की पहचान और आत्मविश्वास पर मेटे कहती हैं, अगर लड़कियां खुद को कमतर आंकना छोड़ दें और भरोसे के साथ खड़ी हों, तो वे दुनिया में कुछ भी हासिल कर सकती हैं। 15 की उम्र में शरणार्थी को बचाने में टूट गई थी नाक की हड्डी मेटे बचपन से ही निडर रहीं। 15 की उम्र में अल्बोर्ग में उन्होंने कुछ लड़कों को एक शरणार्थी को परेशान करते देखा तो अकेले ही भिड़ गईं। इसी दौरान एक लड़के ने नस्लवादी अपशब्द कहते हुए उनके चेहरे पर मुक्का मारा, जिससे उनकी नाक की हड्डी टूट गई। इसके बाद उन्हें अस्तपताल में भर्ती होकर इलाज करवाना पड़ा। मेटे कहती हैं, यह चोट डर नहीं, उनके साहस की पहचान थी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.