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असम चुनाव 2026: ‘डबल इंजन नहीं, डबल लूट और डबल धोखे की सरकार’, असम में नाकाम दंगल से पहले कांग्रेस का बीजेपी सरकार पर बड़ा आरोप

असम चुनाव 2026: 'डबल इंजन नहीं, डबल लूट और डबल धोखे की सरकार', असम में नाकाम दंगल से पहले कांग्रेस का बीजेपी सरकार पर बड़ा आरोप

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एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित

असम के जोरहाट में उग्रवादियों के बीच कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार (3 अप्रैल, 2026) को राज्य की सतारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर उग्र दबाव बनाया है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार को लेकर कहा कि यह सरकार डबल इंजन की नहीं, बल्कि डबल लूट और डबल धोखे की सरकार बनी है, जो जनता के विश्वास को पहुंचाती है।

बीजेपी पर जनता की आवाज का आरोप

बिहार के ज़ोराहाट स्थित कांग्रेस भवन में शुक्रवार (3 अप्रैल, 2026) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस प्रेस वार्ता में राजस्थान के पूर्व विधायक और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की राष्ट्रीय सचिव दिव्या मदेरणा ने राज्य की अंतिम स्थिति पर विस्तार से अपनी बात रखी। इस दौरान उनके साथ एआईसीसी के मीडिया को-ऑर्डिनेटर हरमीत बवेजा और जोरहाट मीडिया के सुपरस्टार त्रिशंकु शर्मा भी मौजूद रहे।

प्रेस वार्ता को स्पष्ट करते हुए दिव्या मदेरणा ने असम के संकल्प को दोगुना करते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह सरकार डबल इंजन की नहीं, बल्कि डबल लूट और डबल धोखे की सरकार बनी है, जिसे जनता का विश्वास दिलाया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि असम की करीब 3.5 करोड़ जनता की आवाज छीनी जा रही है। विशेष रूप से युवा वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं, भविष्य का साथ दे रहे हैं। उन्होंने राज्य में मजबूत स्थिरता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इसे समेकित करने के बजाय निजीकरण में लगी है।

शासन व्यवस्था एवं विकास पर प्रश्न

उन्होंने पिछले एक दशक से राज्य में बीजेपी सरकार के शासनकाल में पार्टी की हिस्सेदारी पर कहा कि असम का ढांचा कमजोर हो गया है और सरकार केवल जुमलेबाजी तक सीमित रह गई है. उनके अनुसार, राज्य में गुड कन्वेंशन की कमी है और विकास के सिद्धांतों के बजाय धार्मिक और राजनीतिक विषयों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे वास्तविक उद्देश्यों को पीछे छोड़ दिया जा रहा है।

सिंडिकेट राज और विकास स्टूडियो में गिरावट

दिव्या मदेरणा ने आरोप लगाया कि असम में सिंडिकेट राज का कब्जा है, जहां क्षेत्र में कोयला, सुपारी और रेत जैसे अवैध नेटवर्क सक्रिय हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट में उन्होंने कहा कि असम के 23 वें स्थान पर पहुंच वाले राज्य की वास्तविक स्थिति का विवरण दिया गया है।

आर्थिक संकट और भारी कर्ज

राज्य की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि असम की इंडस्ट्री आईसीयू (इंटेसिव केयर यूनिट) में है। राज्य पर कर्ज़ का बोझ लगभग 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक नवजात बच्चे पर औसतन 57,000 रुपये का कर्ज है, जो सरकार की आर्थिक अर्थव्यवस्था की विफलता है।

बेरोजगारी और सामाजिक संकट

रोज़गार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में 21 लाख से अधिक युवा आबाद हैं, जबकि रोज़गार के अवसर बहुत सीमित हैं। उन्होंने युवाओं में बढ़ती आत्महत्या के मामलों पर भी चिंता जताई और इसे गंभीर सामाजिक संकट के बारे में बताया।

शिक्षा व्यवस्था पर प्रभाव

दिव्या मदेरणा ने आरोप लगाया कि असम में 8,000 से 9,000 सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इससे गरीब और ग्रामीण छात्र शिक्षा प्रभावित हो रहे हैं। इसके निजी दस्तावेजों का विखंडन बढ़ रहा है और शैक्षिक दस्तावेजों का चलन जारी है।

स्वास्थ्य सेवाओं की अंतिम स्थिति

स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मियों में 97% तक मेडिकल स्टाफ की कमी है। साथ ही, मातृ मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की खराब स्थिति को दर्शाता है।

चाय बागान की स्थिति

उन्होंने कहा कि चाइ लेबल्स के लेबल 351 रुपये प्रतिदिन के होते हैं, लेकिन आज भी वे लगभग 250 रुपये ही मिल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चाय बागानों में 57% महिलाएँ विकलांग हैं, जो एक गंभीर सामाजिक समस्या है।

प्रधानमंत्री के दौरे और मधुमेह समस्या पर प्रश्न

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरों पर तंज कसते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ये केवल फोटो सत्र तक सीमित रह जाते हैं और ज़मीन पर स्तर की समस्याओं का समाधान नहीं होता। बाढ़ के मुद्दे पर उन्होंने सरकार के 2031 तक असम को बाढ़ मुक्त बनाने के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या तब तक बाढ़ प्रभावित लोग इंतजार करना चाहेंगे?

बदलाव की मांग और सुरक्षित असम का संकल्प

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि स्थिर सरकार ने असम के विकास और जनता के विश्वास को गहरी चोट पहुंचाई है। उन्होंने असम के अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि राज्य की जनता अब बदलाव चाहती है और आने वाले समय में इसका स्पष्ट जवाब है।

कांग्रेस पार्टी के इस बयान में कहा गया है कि असम की राजनीति में एक बार फिर विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे समर्थकों को केंद्र में लाया गया है। इससे आने वाले समय में राजनीतिक माहौल और गरमी की संभावना है।

यह भी पढ़ें: असम विधानसभा चुनाव 2026: ‘कांग्रेस की सरकार आई तो घुसपैठिये भी आएंगे’, ग्वालपाड़ा में गृह मंत्री अमित शाह का तीखा वार

(टैग्सटूट्रांसलेट)असम(टी)कांग्रेस(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)जोरहाट(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)बीजेपी(टी)गौरव गोगोई(टी)असम(टी)कांग्रेस(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)जोरहाट(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)भाजपा(टी)गौरव गोगोई

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बीजेपी पर जनता की आवाज का आरोप

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प्रेस वार्ता को स्पष्ट करते हुए दिव्या मदेरणा ने असम के संकल्प को दोगुना करते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह सरकार डबल इंजन की नहीं, बल्कि डबल लूट और डबल धोखे की सरकार बनी है, जिसे जनता का विश्वास दिलाया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि असम की करीब 3.5 करोड़ जनता की आवाज छीनी जा रही है। विशेष रूप से युवा वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं, भविष्य का साथ दे रहे हैं। उन्होंने राज्य में मजबूत स्थिरता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इसे समेकित करने के बजाय निजीकरण में लगी है।

शासन व्यवस्था एवं विकास पर प्रश्न

उन्होंने पिछले एक दशक से राज्य में बीजेपी सरकार के शासनकाल में पार्टी की हिस्सेदारी पर कहा कि असम का ढांचा कमजोर हो गया है और सरकार केवल जुमलेबाजी तक सीमित रह गई है. उनके अनुसार, राज्य में गुड कन्वेंशन की कमी है और विकास के सिद्धांतों के बजाय धार्मिक और राजनीतिक विषयों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे वास्तविक उद्देश्यों को पीछे छोड़ दिया जा रहा है।

सिंडिकेट राज और विकास स्टूडियो में गिरावट

दिव्या मदेरणा ने आरोप लगाया कि असम में सिंडिकेट राज का कब्जा है, जहां क्षेत्र में कोयला, सुपारी और रेत जैसे अवैध नेटवर्क सक्रिय हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट में उन्होंने कहा कि असम के 23 वें स्थान पर पहुंच वाले राज्य की वास्तविक स्थिति का विवरण दिया गया है।

आर्थिक संकट और भारी कर्ज

राज्य की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि असम की इंडस्ट्री आईसीयू (इंटेसिव केयर यूनिट) में है। राज्य पर कर्ज़ का बोझ लगभग 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक नवजात बच्चे पर औसतन 57,000 रुपये का कर्ज है, जो सरकार की आर्थिक अर्थव्यवस्था की विफलता है।

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शिक्षा व्यवस्था पर प्रभाव

दिव्या मदेरणा ने आरोप लगाया कि असम में 8,000 से 9,000 सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इससे गरीब और ग्रामीण छात्र शिक्षा प्रभावित हो रहे हैं। इसके निजी दस्तावेजों का विखंडन बढ़ रहा है और शैक्षिक दस्तावेजों का चलन जारी है।

स्वास्थ्य सेवाओं की अंतिम स्थिति

स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मियों में 97% तक मेडिकल स्टाफ की कमी है। साथ ही, मातृ मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की खराब स्थिति को दर्शाता है।

चाय बागान की स्थिति

उन्होंने कहा कि चाइ लेबल्स के लेबल 351 रुपये प्रतिदिन के होते हैं, लेकिन आज भी वे लगभग 250 रुपये ही मिल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चाय बागानों में 57% महिलाएँ विकलांग हैं, जो एक गंभीर सामाजिक समस्या है।

प्रधानमंत्री के दौरे और मधुमेह समस्या पर प्रश्न

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरों पर तंज कसते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ये केवल फोटो सत्र तक सीमित रह जाते हैं और ज़मीन पर स्तर की समस्याओं का समाधान नहीं होता। बाढ़ के मुद्दे पर उन्होंने सरकार के 2031 तक असम को बाढ़ मुक्त बनाने के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या तब तक बाढ़ प्रभावित लोग इंतजार करना चाहेंगे?

बदलाव की मांग और सुरक्षित असम का संकल्प

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि स्थिर सरकार ने असम के विकास और जनता के विश्वास को गहरी चोट पहुंचाई है। उन्होंने असम के अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि राज्य की जनता अब बदलाव चाहती है और आने वाले समय में इसका स्पष्ट जवाब है।

कांग्रेस पार्टी के इस बयान में कहा गया है कि असम की राजनीति में एक बार फिर विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे समर्थकों को केंद्र में लाया गया है। इससे आने वाले समय में राजनीतिक माहौल और गरमी की संभावना है।

यह भी पढ़ें: असम विधानसभा चुनाव 2026: ‘कांग्रेस की सरकार आई तो घुसपैठिये भी आएंगे’, ग्वालपाड़ा में गृह मंत्री अमित शाह का तीखा वार

(टैग्सटूट्रांसलेट)असम(टी)कांग्रेस(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)जोरहाट(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)बीजेपी(टी)गौरव गोगोई(टी)असम(टी)कांग्रेस(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)जोरहाट(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)भाजपा(टी)गौरव गोगोई

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