Thursday, 28 May 2026 | 08:28 PM

Trending :

ओमान 15वां देश जिसपर ट्रम्प ने हमले की धमकी दी:अब तक 7 देशों पर अटैक किया, 4 पर कब्जा करने की चेतावनी दी लौकी का भरता रेसिपी: गर्म में मिनटों में पकी हुई लौकी का भरता, खाते-खाते रह जाएंगी उगलियां; विधि नोट करें सिद्धारमैया का ‘बिदाई शॉट’: क्यों जाति सर्वेक्षण डेटा कर्नाटक की राजनीति को फिर से परिभाषित कर सकता है, शिवकुमार के नेतृत्व का परीक्षण करें | भारत समाचार श्रद्धा कपूर का माइकल जैक्सन के गाने पर फनी डांस:कथित बॉयफ्रेंड को टैग कर लिखा- कोई ऐसा ढूंढो जो आपका ऐसा डांस निकाल पाए श्रद्धा कपूर का माइकल जैक्सन के गाने पर फनी डांस:कथित बॉयफ्रेंड को टैग कर लिखा- कोई ऐसा ढूंढो जो आपका ऐसा डांस निकाल पाए SC Probe CBSE 3-Language Rule
EXCLUSIVE

India Hike Export Duty on Jet Fuel, Diesel

Google Preferred Source CTA
  • Hindi News
  • Business
  • India Hike Export Duty On Jet Fuel, Diesel | Petrol Diesel Prices Stable

नई दिल्ली5 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

केंद्र सरकार ने डीजल और एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर एक्सपोर्ट ड्यूटी यानी विंडफाल टैक्स बढ़ा दिया है। डीजल पर निर्यात शुल्क ₹34 प्रति लीटर बढ़ाकर ₹55.5 कर दिया गया है, जो पहले ₹21.5 था।

वहीं, ATF यानी जेट फ्यूल पर ड्यूटी ₹29.5 से बढ़ाकर ₹42 प्रति लीटर कर दी गई है। वित्त मंत्रालय ने शनिवार (11 अप्रैल) को नोटिफिकेशन जारी कर नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी हैं।

वहीं, पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी फिलहाल शून्य ही रहेगी। हाल ही में पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में जो ₹10-₹10 की बड़ी कटौती की थी, उसका फायदा आम जनता को मिलता रहेगा।

घरेलू बाजार में फ्यूल की सप्लाई बढ़ाने फैसला लिया

सरकार ने ये फैसला देश में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखने के लिए लिया है। यह कदम उन आशंकाओं को दूर करता है जिनमें कहा जा रहा था कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण कच्चा तेल महंगा होने से भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है।

इसका मुख्य उद्देश्य घरेलू बाजार में फ्यूल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो तेल कंपनियां ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए विदेशों में फ्यूल बेचना शुरू कर देती हैं। एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने से निर्यात महंगा हो जाता है, जिससे कंपनियां घरेलू बाजार में सप्लाई देने को प्राथमिकता देती हैं।

मिडिल ईस्ट तनाव और कच्चे तेल की कीमतों का असर

पिछले कुछ महीनों से मिडिल ईस्ट में चल रही सैन्य गतिविधियों के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट अस्थिर बना हुआ है।

  • 28 फरवरी: अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी, जिसके जवाब में तेहरान ने भी पलटवार किया।
  • 8 अप्रैल: ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति बनी। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों को काफी ऊपर पहुंचा दिया है।

हाई-स्पीड डीजल पर एक्साइज ड्यूटी और सेस भी बढ़ा

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने एक्सपोर्ट ड्यूटी के अलावा अन्य शुल्कों में भी बदलाव किया है।

  • हाई-स्पीड डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर ₹24 कर दी गई है।
  • इसके साथ ही इंफ्रा सेस को बढ़ाकर ₹36 कर दिया गया है।
  • जेट फ्यूल (ATF) पर कुल ड्यूटी अब ₹42 प्रति लीटर हो गई है।

15 दिन पहले ही बढ़ाया था निर्यात शुल्क

इससे पहले सरकार ने 26 मार्च को निर्यात शुल्क में संशोधन किया था। उस समय डीजल पर ड्यूटी ₹21.50 प्रति लीटर और ATF पर ₹29.5 प्रति लीटर तय की गई थी। अब महज 15 दिनों के भीतर इसमें दोबारा बड़ी बढ़ोतरी की गई है। जानकारों का कहना है कि सरकार की नजर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के उतार-चढ़ाव पर है और उसी के आधार पर टैक्स दरों की समीक्षा की जा रही है।

विंडफाल टैक्स क्या होता है?

विंडफाल टैक्स उन कंपनियों पर लगाया जाता है जिन्हें किसी विशेष स्थिति (जैसे युद्ध या ग्लोबल सप्लाई चेन में दिक्कत) के कारण अचानक बहुत ज्यादा मुनाफा होने लगता है। भारत में तेल कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय कीमतों का फायदा उठाने से रोकने और सरकारी खजाना भरने के लिए इसे ‘एक्सपोर्ट ड्यूटी’ के तौर पर लगाया जाता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Rasikh Dar celebrates with teammate Virat Kohli after the dismissal of Gujarat Titans' Nishant Sindhu (Picture credit: AP)

May 26, 2026/
11:06 pm

आखरी अपडेट:26 मई, 2026, 23:06 IST सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया 28 मई को पद छोड़ सकते हैं और इसके बाद...

authorimg

April 5, 2026/
4:16 pm

Last Updated:April 05, 2026, 16:16 IST डॉ. राजकुमार (आयुष) ने बताया कि गुलकंद का इस्तेमाल भारत में सदियों से होता...

हिस्सेदारी बिक्री की खबर से कोल इंडिया 5% गिरा:सरकार का ₹5000 करोड़ जुटाने का प्लान, रिटेल निवेशक 29 मई को बोली लगा सकेंगे

May 27, 2026/
12:57 pm

केंद्र सरकार OFS के जरिए कोल इंडिया की 2% हिस्सेदारी बेच रही है। इस बिक्री में 1% शेयरों का बेस...

घर पर खट्टा दूध इस्तेमाल करने के आसान और अलग-अलग तरीके खट्टे दूध का तरीका क्या है

February 18, 2026/
11:30 am

दूध का उपयोग कैसे करें? | छवि: एआई खट्टा दूध उपयोग करने के तरीके: घर में अक्सर ऐसा होता है...

अडाणी एंटरप्राइजेस ट्रंप प्रशासन को ₹2,300 करोड़ चुकाएगी:ईरान से गैस खरीदने के मामले में सेटलमेंट हुआ; अमेरिका में $10 बिलियन का निवेश करेंगे

May 18, 2026/
11:04 pm

भारतीय कारोबारी गौतम अडाणी की कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन का मामला सुलझा लिया है। इसके...

दान दिलाने के नाम पर बुजुर्ग से ठगी का खुलासा:CCTV की चेन बनाकर सतनवाड़ा से दो ठग गिरफ्तार, महाराष्ट्र से आकर शिवपुरी में बसे थे

May 1, 2026/
12:55 am

ग्वालियर के सदर बाजार सौदागर संतर में बुजुर्ग महिला को दान दिलाने का झांसा देकर उससे गहने ठगकर फरार हुए...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

India Hike Export Duty on Jet Fuel, Diesel

Google Preferred Source CTA
  • Hindi News
  • Business
  • India Hike Export Duty On Jet Fuel, Diesel | Petrol Diesel Prices Stable

नई दिल्ली5 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

केंद्र सरकार ने डीजल और एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर एक्सपोर्ट ड्यूटी यानी विंडफाल टैक्स बढ़ा दिया है। डीजल पर निर्यात शुल्क ₹34 प्रति लीटर बढ़ाकर ₹55.5 कर दिया गया है, जो पहले ₹21.5 था।

वहीं, ATF यानी जेट फ्यूल पर ड्यूटी ₹29.5 से बढ़ाकर ₹42 प्रति लीटर कर दी गई है। वित्त मंत्रालय ने शनिवार (11 अप्रैल) को नोटिफिकेशन जारी कर नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी हैं।

वहीं, पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी फिलहाल शून्य ही रहेगी। हाल ही में पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में जो ₹10-₹10 की बड़ी कटौती की थी, उसका फायदा आम जनता को मिलता रहेगा।

घरेलू बाजार में फ्यूल की सप्लाई बढ़ाने फैसला लिया

सरकार ने ये फैसला देश में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखने के लिए लिया है। यह कदम उन आशंकाओं को दूर करता है जिनमें कहा जा रहा था कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण कच्चा तेल महंगा होने से भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है।

इसका मुख्य उद्देश्य घरेलू बाजार में फ्यूल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो तेल कंपनियां ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए विदेशों में फ्यूल बेचना शुरू कर देती हैं। एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने से निर्यात महंगा हो जाता है, जिससे कंपनियां घरेलू बाजार में सप्लाई देने को प्राथमिकता देती हैं।

मिडिल ईस्ट तनाव और कच्चे तेल की कीमतों का असर

पिछले कुछ महीनों से मिडिल ईस्ट में चल रही सैन्य गतिविधियों के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट अस्थिर बना हुआ है।

  • 28 फरवरी: अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी, जिसके जवाब में तेहरान ने भी पलटवार किया।
  • 8 अप्रैल: ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति बनी। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों को काफी ऊपर पहुंचा दिया है।

हाई-स्पीड डीजल पर एक्साइज ड्यूटी और सेस भी बढ़ा

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने एक्सपोर्ट ड्यूटी के अलावा अन्य शुल्कों में भी बदलाव किया है।

  • हाई-स्पीड डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर ₹24 कर दी गई है।
  • इसके साथ ही इंफ्रा सेस को बढ़ाकर ₹36 कर दिया गया है।
  • जेट फ्यूल (ATF) पर कुल ड्यूटी अब ₹42 प्रति लीटर हो गई है।

15 दिन पहले ही बढ़ाया था निर्यात शुल्क

इससे पहले सरकार ने 26 मार्च को निर्यात शुल्क में संशोधन किया था। उस समय डीजल पर ड्यूटी ₹21.50 प्रति लीटर और ATF पर ₹29.5 प्रति लीटर तय की गई थी। अब महज 15 दिनों के भीतर इसमें दोबारा बड़ी बढ़ोतरी की गई है। जानकारों का कहना है कि सरकार की नजर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के उतार-चढ़ाव पर है और उसी के आधार पर टैक्स दरों की समीक्षा की जा रही है।

विंडफाल टैक्स क्या होता है?

विंडफाल टैक्स उन कंपनियों पर लगाया जाता है जिन्हें किसी विशेष स्थिति (जैसे युद्ध या ग्लोबल सप्लाई चेन में दिक्कत) के कारण अचानक बहुत ज्यादा मुनाफा होने लगता है। भारत में तेल कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय कीमतों का फायदा उठाने से रोकने और सरकारी खजाना भरने के लिए इसे ‘एक्सपोर्ट ड्यूटी’ के तौर पर लगाया जाता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.